नवी मुंबई: मॉडिफाइड साइलेंसर वाली बाइक है? पुलिस ने रोड रोलर चलाकर किया चकनाचूर
नवी मुंबई ट्रैफिक पुलिस ने 15 अक्टूबर को जब्त किए गए बाइक साइलेंसरों पर रोड रोलर चला दिया, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर खूब ट्रेंड कर रहा है। पुलिस अधिकारियों ने पुष्टि की है कि पहले चरण में 93 मॉडिफाइड साइलेंसर नष्ट किए गए हैं, जबकि 20 अक्टूबर को करीब 450 और साइलेंसरों को रोड रोलर से कुचलने की योजना है। यह कार्रवाई कलंबोली और पनवेल इलाके में की जा रही है। दरअसल, पाम बीच रोड और सीवुड्स व नेरुल के आसपास के इलाकों से साइलेंसर के तेज शोर को लेकर लगातार शिकायतें मिल रही थीं।
इस अभियान के पहले चरण की अगुवाई पाम बीच रोड पर टी एस चाणक्य सिग्नल के पास सीवुड्स और वाशी ट्रैफिक यूनिट ने की। वरिष्ठ ट्रैफिक अधिकारियों की मौजूदगी में जब्त साइलेंसरों को नष्ट किया गया। पुलिस उपायुक्त (DCP) राहुल खाड़े ने सख्त संदेश देते हुए कहा, "जिस दिन रावण का दहन होगा, उसी दिन हम इन मॉडिफाइड साइलेंसरों को भी खत्म करेंगे।" उनके इस बयान से साफ है कि त्योहारों के दौरान भी पुलिस की यह कार्रवाई थमने वाली नहीं है।

अवैध बाइक साइलेंसर पर भारी जुर्माना और गैराजों पर भी कार्रवाई
गाड़ियों के शोर के मानक तोड़ने और अवैध बदलाव कराने के जुर्म में अब बाइक चालकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है। ध्वनि प्रदूषण के मामलों में पुलिस आमतौर पर मोटर वाहन अधिनियम (MVA) की धारा 190(2) का इस्तेमाल कर रही है, जिसमें 10,000 रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है। वहीं, बिना अनुमति गाड़ी में बदलाव कराने पर मालिक के खिलाफ धारा 182A(4) लागू हो सकती है, जिसमें प्रति अवैध बदलाव 5,000 रुपये का जुर्माना देना होगा। ट्रैफिक पुलिस का कहना है कि तेज आवाज वाले साइलेंसर लगाने वाले गैराजों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
| अपराध | कानूनी प्रावधान | संभावित जुर्माना |
|---|---|---|
| मॉडिफाइड या तेज आवाज वाला साइलेंसर इस्तेमाल करना | CMVR नियम 120 + MVA 190(2) | 10,000 रुपये तक |
| गाड़ी मालिक द्वारा बिना अनुमति बदलाव करना | MVA 182A(4) | 5,000 रुपये प्रति बदलाव |
| गैर-मानक साइलेंसर बेचना या फिट करना | MVA 182A(1)/(3), (जहां लागू हो) | 1,00,000 रुपये तक |
बाइक में दोबारा स्टॉक साइलेंसर कैसे लगवाएं और क्या हैं साउंड लिमिट्स?
कार्रवाई से बचने के लिए अपनी बाइक में कैटेलिटिक कन्वर्टर और बैफल्स वाला ओरिजिनल (स्टॉक) साइलेंसर दोबारा लगवा लें। नया गैस्केट लगाएं, क्लैंप को ठीक से कसें और फिटिंग कराने की फोटो भी खींचकर रखें। इसके अलावा ओरिजिनल साइलेंसर की रसीद, आरसी (RC), इंश्योरेंस, ड्राइविंग लाइसेंस और वैध पीयूसी (PUC) सर्टिफिकेट साथ लेकर चलें। डेसिबल नियमों की बात करें तो दोपहिया वाहनों के लिए उनके इंजन क्षमता के हिसाब से 75, 77 या 80 dB(A) तक की ध्वनि सीमा तय की गई है।
नवी मुंबई में जारी रहेगा अभियान, रात के वक्त भी चेकिंग की तैयारी
जब्त किए गए साइलेंसरों को 20 अक्टूबर को दोबारा सार्वजनिक रूप से नष्ट किया जाएगा और इस पूरे हफ्ते सड़कों पर चेकिंग अभियान जारी रहेगा। पाम बीच रोड पर विशेष पुलिस टीमें तैनात रहेंगी, जहां पहले भी नाइट पेट्रोलिंग की जा चुकी है। स्थानीय नागरिक समूहों ने भी रात के समय साइलेंसर के शोर को रोकने के लिए सख्त चेकिंग की मांग की है। जो राइडर्स समय रहते ओरिजिनल साइलेंसर लगवा लेंगे और खरीदारी का बिल साथ रखेंगे, उन्हें मौके पर कार्रवाई का सामना नहीं करना पड़ेगा।


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