17 घंटे का सफर होगा सिर्फ 5 घंटे में!, मुंबई और बेंगलुरु के बीच बन रहा है सुपर फास्ट एक्सप्रेसवे
अब मुंबई से बेंगलुरु का 1,000 किलोमीटर का सफर सिर्फ 5 घंटे में पूरा किया जा सकेगा। दरअसल, केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने घोषणा की है कि सरकार दोनों शहरों को एक नए ग्रीन एक्सप्रेसवे से जोड़ने की तैयारी कर रही है जिससे दोनों बड़े शहरों के बीच आने-जाने का समय कम होकर सिर्फ 5 घंटे ही रह जाएगा। गडकरी ने यह खुलासा एसोसिएशन ऑफ नेशनल एक्सचेंज मेंबर्स ऑफ इंडिया (ANMI) के 12वें अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन में एक वर्चुअल प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए किया।

17 घंटे का सफर होगा केवल 5 घंटे में
गडकरी ने यह भी कहा कि इस एक्सप्रेसवे से पुणे और बेंगलुरु के बीच यात्रा का समय भी कम होकर सिर्फ 3.5-4 घंटे रह जाएगा। हालांकि, नितिन गडकरी ने इस एक्सप्रेसवे के शुरू होने के समय का खुलासा नहीं किया। बता दें कि वर्तमान में बेंगलुरु और मुंबई के बीच 1,000 किलोमीटर की यात्रा में 17 घंटे से भी अधिक समय लगता है।

गडकरी ने कहा कि भारत सरकार की महत्वाकांक्षी सड़क परियोजनाओं में पूरे भारत में ग्रीन एक्सप्रेसवे का निर्माण शामिल है। जिसका उद्देश्य देश भर में सड़क संपर्क में व्यापक सुधार करना है। इसके तहत लगभग 27 ग्रीन एक्सप्रेस हाईवे की योजना बनाई गई है।

ये शहर भी एक्सप्रेसवे से जुड़ेंगे
गडकरी ने कहा, "इस साल के अंत तक दिल्ली-देहरादून को 2 घंटे में, दिल्ली-हरिद्वार को 2 घंटे में, दिल्ली-जयपुर को 2 घंटे में, दिल्ली-चंडीगढ़ को 2.5 घंटे में, दिल्ली-अमृतसर को 4 घंटे में जोड़ने के लिए एक्सप्रेसवे शुरू कर दिए जाएंगे।

इसके अलावा 8 घंटे में दिल्ली-श्रीनगर, 6 घंटे में दिल्ली-कटरा, 10 घंटे में दिल्ली-मुंबई, 2 घंटे में चेन्नई-बैंगलोर और आधे घंटे में लखनऊ-कानपुर जैसे शहरों को जोड़ने वाले एक्सप्रेसवे तैयार किया जा रहे हैं।

गडकरी ने कहा कि गोरखपुर को सिलीगुड़ी और वाराणसी को कोलकाता से जोड़ने के लिए भी हाईवे प्रोजेक्ट की योजना तैयार की जा रही है। गडकरी ने कहा कि नेशनल वाटर ग्रिड की तरह ही नेशनल हाईवे ग्रिड का निर्माण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में टोल से भारत सरकार को 40,000 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हो रहा है, वहीं 2024 तक इसके 1.40 लाख करोड़ रुपये तक होने की संभावना है।

मुंबई में बन रहा सबसे लंबा समुद्री पुल
मुंबई से बेंगलुरु के बीच बन रहा ग्रीन एक्सप्रेसवे दोनों शहरों की दूसरी को कम करने के लिए कई इलाकों को बायपास करेगा। भारत सरकार की अन्य महत्वाकांक्षी सड़क परियोजनाओं में मुंबई ट्रांस हार्बर लिंक भी शामिल है जो दक्षिण मुंबई को नवी मुंबई से जोड़ेगा। यह भारत में बनने वाला सबसे लंबा समुद्री पुल होगा और सीधे मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे से जुड़ जाएगा।

मुंबई पुणे मिसिंग लिंक प्रोजेक्ट भी है जो एक्सप्रेसवे पर खंडाला घाट को बायपास करेगा, जिससे दोनों शहरों के बीच यात्रा का समय 25 मिनट तक कम हो जाएगा।

नितिन गडकरी ने यह भी कहा कि केंद्र सरकार 25 साल की अवधि के लिए राज्य सरकारों से उच्च यातायात घनत्व वाले राज्य राजमार्गों को लेने की योजना बना रही है। केंद्र सरकार इन राजमार्गों को चार या छह लेन में बदलेगी। फिर लागत की वसूली के लिए उन राजमार्गों से 12-13 साल की अवधि के लिए टोल की वसूली करेगी।


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