मुंबई बारिश का कहर: पानी में फंसी करोड़ों की लग्जरी कारें, ऑटो-रिक्शा बना सहारा
मुंबई में आज, 28 जून को दोपहर के समय हुई मूसलाधार बारिश ने उपनगरों में जलभराव की गंभीर स्थिति पैदा कर दी है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में देखा जा सकता है कि कैसे करोड़ों की लग्जरी कारें पानी के बीच फंसी हुई हैं, जबकि छोटे ऑटो-रिक्शा उनकी मदद के लिए आगे आ रहे हैं। मानसून की इन तस्वीरों ने इंटरनेट पर तहलका मचा दिया है। सड़कों पर इतना पानी भर चुका है कि प्रीमियम गाड़ियों के लिए भी वहां से निकलना एक बड़ी चुनौती बन गया है।
कम ग्राउंड क्लीयरेंस और चौड़े टायरों की वजह से कई महंगी गाड़ियां बीच रास्ते में ही जवाब दे गईं। अक्सर भारतीय सड़कों पर जलभराव के दौरान चौड़े टायर अपनी पकड़ खो देते हैं, जिससे कारें फिसलने लगती हैं। इस बीच, स्थानीय लोग इन कीमती मशीनों को सुरक्षित निकालने के लिए अनोखे तरीके अपना रहे हैं। एक ऑटो-रिक्शा को लग्जरी सेडान कार खींचते हुए देखना मुंबई की बारिश के अनिश्चित मिजाज को बयां करता है।

मुंबई में जलभराव: मानसून में लग्जरी कारों के सामने खड़ी हुई बड़ी चुनौती
तकनीकी विशेषज्ञों ने 'हाइड्रोस्टेटिक लॉक' (Hydrostatic lock) को लेकर चेतावनी दी है। यह तब होता है जब इंजन के एयर इनटेक में पानी घुस जाता है। अगर ड्राइवर ऐसी स्थिति में कार को दोबारा स्टार्ट करने की कोशिश करता है, तो इंजन हमेशा के लिए खराब हो सकता है। आधुनिक कारों को गहरे पानी में बहुत सावधानी से चलाने की जरूरत होती है, वरना भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। ध्यान रहे कि स्टैंडर्ड इंश्योरेंस पॉलिसी में अक्सर बिना 'ऐड-ऑन कवर' के इंजन के नुकसान को कवर नहीं किया जाता।
| वाहन का प्रकार | औसत वॉटर वेडिंग डेप्थ (पानी में चलने की क्षमता) | बाढ़ का जोखिम स्तर |
|---|---|---|
| लग्जरी सेडान | 100mm - 150mm | बहुत अधिक |
| मिड-साइज SUV | 200mm - 300mm | मध्यम |
| प्रीमियम SUV | 450mm - 700mm | कम |
हालांकि कुछ 'देशी जुगाड़' देखने में मददगार लग सकते हैं, लेकिन एक्सपर्ट्स ऐसे खतरनाक तरीकों को न आजमाने की सलाह देते हैं। ऑटो-रिक्शा से भारी गाड़ी को खींचने से कार के ट्रांसमिशन या चेसिस को नुकसान पहुंच सकता है। बेहतर होगा कि आप प्रोफेशनल रिकवरी सर्विस का इंतजार करें, क्योंकि इन कारों में काफी संवेदनशील इलेक्ट्रॉनिक्स होते हैं। भारी बारिश में किसी भी जलभराव वाली सड़क पर जाने से पहले अपनी कार की पानी झेलने की क्षमता (Wading depth) जरूर जांच लें।
28 जून की बारिश का असर ट्रैफिक पर लगातार बना हुआ है, इसलिए निवासी आधिकारिक मौसम अपडेट्स पर नजर रखें। अपने इंजन को सुरक्षित रखने के लिए निचले इलाकों में जाने से बचें जहां जलभराव की संभावना ज्यादा हो। मानसून की इस मार से बचने के लिए सही इंश्योरेंस कवर होना ही सबसे अच्छा बचाव है। खराब मौसम के दौरान सोच-समझकर फैसले लें और सुरक्षित रहें।


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