Car Loan Scam Racket Busted: कार को लोन पर निकालने वाले रैकेट का हुआ पर्दाफाश, 19 कारें जब्त
दिलीप छाबरिया लोन स्कैम का पर्दाफाश करने के बाद अब मुंबई क्राइम ब्रांच ने एक और बड़े कार लोन से जुड़े फर्जीवाड़े का भंडाफोड़ किया है। क्राइम ब्रांच ने फर्जीवाड़े से संबंधित 7 लोगों को गिरफ्तार कर ऑडी, बीएमडब्ल्यू, मर्सिडीज-बेंज, मिनी जैसी 19 लग्जरी कारों को जब्त किया है। पुलिस के अनुसार इन कारों की कीमत लगभग 7 करोड़ रुपये है। इस रैकेट के संबंध में मुंबई पुलिस बेंगलुरु, इंदौर सहित आधा दर्जन से अधिक शहरों में छापेमारी कर रही है।

मामले की पड़ताल कर रहे पुलिस अधिकारी ने गैंग के सरगना प्रदीप मौर्या को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने बताया कि मौर्या एचडीएफसी बैंक में काम कर चुका है और कार लोन से संबंधित सभी कार्य प्रणाली की अच्छी तरह से जानकारी रखता है। दरअसल, प्रदीप ही बैंकों से लोन को पास कराने का काम करता था।

बैंकों से कार लोन पास करवाने के लिए वह फर्जी आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंक स्टेटमेंट, इनकम टैक्स स्टेटमेंट जैसे दस्तावेजों का सहारा लेता था। यही नहीं, बैंकों में कार लोन के लिए आवेदन देने के बाद वह किसी शानदार माकन को किराये पर ले लेता था और वहां दो महीने रहता था ताकि बैंक से निरक्षण के लिए आने वाले अधिकारी की चकमा देकर प्रक्रिया को पूरा किया जा सके।

लोन पास होने के बाद वह घर खाली कर देता था और नए जगह पर घर खरीद कर किसी और बैंक को इसी तरह अपना निशाना बनाता था। लोन पास होने के बाद रैकेट के कुछ लोग डीलर से कार खरीद लेते थे और उसके बाद कार को बेचने के लिए खरीददार की तलाश में जुट जाते।

वह इन कारों को उसकी असली कीमत से आधे दाम में बेच देते थे। कार को बेचते समय वह पैसे की कमी या बहन की शादी के लिए पैसे जुटाने का बहाना बनाते थे और आधी कीमत पर खरीददार को कार बेच देते थे। कार बेचने के कुछ महीनों बाद बैंक को ईएमआई देना बंद कर देते थे, जिसके बाद बैंकों को पता चलता था की वह ग्राहक नहीं बल्कि एक शातिर ठग है।

कुर्ला पुलिस ने लोन स्कैम के संबंध में 15 जनवरी को एफआईआर दर्ज किया था जिसमे रैकेट में शामिल लोगों पर धोखाधड़ी और गलत तरीके से लोन पास करवाने का आरोप लगाकर मामला दर्ज किया गया है। मुंबई क्राइम ब्रांच को शक है कि लोन पास करवाने की प्रक्रिया में किसी बैंक अधिकारी का भी हाथ हो सकता है जो फर्जी दस्तावेजों पर लोन पास कर रहा था।

पहले भी ऐसे कई मामले सामने आये हैं जहां कार लोन के एवज में धोखाधड़ी कर अपराधियों ने बैंकों को भारी नुकसान पहुंचाया है। ऐसे मामले सामने आये हैं जहां अपराधियों ने कार चोरी का मामला दर्ज कर इंश्योरेंस कंपनियों से पैसे निकलवाए हैं।

अगर आप सेकंड हैंड कार खरीद रहे हैं तो कार के दस्तावेजों की पूरी तरह से जांच कर लें ताकि ऐसी कारों को खरीदने से बचा जा सके। सेकंड हैंड कार कार खरीदते समय यह जरूर देखें की कार कहां के आरटीओ में पंजीकृत है या वाहन पोर्टल पर कार की स्टेटस का पता करें। आरटीओ से कार की ओनरशिप ट्रांसफर करवाने के बाद ही कार के लिए फाइनल पेमेंट करें।


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