मुंबई की बारिश में करोड़ों की सुपरकारें बेहाल, क्या आपकी कार भी है खतरे में?
मुंबई में 22 जून की सुबह की शुरुआत मानसून की भारी बारिश के साथ हुई। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में बांद्रा और बीकेसी की जलमग्न सड़कों पर करोड़ों की सुपरकारें संघर्ष करती नजर आ रही हैं। फेरारी और लेम्बोर्गिनी जैसी कारों को पानी के बीच रेंगते देख लोग दंग रह गए। इससे साफ पता चलता है कि हाई-परफॉर्मेंस कारों के लिए कम ग्राउंड क्लीयरेंस (GC) कितनी बड़ी मुसीबत बन सकता है। कार मालिकों को यह समझना होगा कि स्टाइल के चक्कर में जलभराव वाली सड़कों पर रिस्क लेना भारी पड़ सकता है।
आज सुबह हुई मूसलाधार बारिश ने वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे जैसे मुख्य रास्तों की रफ्तार रोक दी। ऊबड़-खाबड़ सड़कों पर अपने महंगे कार्बन फाइबर स्प्लिटर्स को रगड़ से बचाने के लिए ड्राइवर्स 'लिफ्ट सिस्टम' का इस्तेमाल करते दिखे। यह सिस्टम कम स्पीड पर कार के अगले हिस्से को कुछ इंच ऊपर उठा देता है। हालांकि, इस तकनीक के बावजूद सुपरकारें एसयूवी (SUV) की तरह गहरे पानी को पार नहीं कर सकतीं। इन लो-स्लंग इंजनों के लिए पानी का अंदर घुसना सबसे बड़ा खतरा बना हुआ है।

मुंबई की बारिश और सुपरकार: कम ग्राउंड क्लीयरेंस बनी बड़ी चुनौती
कई कार मालिक छोटे-मोटे गड्ढों और पानी को सुरक्षित पार करने के लिए मैकेनिकल लिफ्ट फीचर पर भरोसा करते हैं। यह तकनीक कार के नाजुक अंडरबॉडी और फ्रंट बंपर को डैमेज होने से बचाती है। लेकिन, कार का अगला हिस्सा उठाने से पीछे की तरफ लगे एयर इनटेक सुरक्षित नहीं रहते। अगर बहता हुआ पानी इंजन में चला जाए, तो 'हाइड्रो-लॉक' की स्थिति बन सकती है, जिससे इंजन तुरंत फेल हो सकता है। इन इंपोर्टेड कारों की मरम्मत में अक्सर कई लाख रुपये का मोटा खर्च आता है।
मुंबई की बाढ़ में कार चलाने से सिरेमिक ब्रेक और सेंसिटिव इलेक्ट्रॉनिक्स को भी नुकसान पहुंच सकता है। बारिश के पानी में मौजूद गंदगी और नमक समय के साथ इन महंगे पार्ट्स को खराब कर देते हैं। भारी बारिश में कार चलाने के बाद मालिकों को अपनी गाड़ी तुरंत धुलवानी चाहिए। नीचे दी गई टेबल में उन आम खतरों के बारे में बताया गया है, जिनका सामना मानसून में इन लग्जरी कारों को करना पड़ता है।
| कार का हिस्सा | मुख्य खतरा | मरम्मत का अनुमानित खर्च |
|---|---|---|
| कार्बन फाइबर स्प्लिटर्स | फिजिकल डैमेज (रगड़) | कुछ लाख से कई लाख तक |
| इंजन एयर इनटेक | पानी का अंदर घुसना | लाखों से करोड़ों रुपये तक |
| सिरेमिक ब्रेक्स | थर्मल शॉक | कुछ लाख रुपये |
मुंबई के मानसून में सुपरकार चलाना बड़े धैर्य और सावधानी का काम है। वायरल वीडियो में भले ही ये कारें पानी के बीच सावधानी से चलती दिख रही हों, लेकिन इसमें आर्थिक जोखिम बहुत बड़ा है। घर से निकलने से पहले कार मालिकों को हाई टाइड के समय और मौसम के अपडेट जरूर चेक करने चाहिए। अंधेरी सबवे जैसे जलभराव वाले रास्तों से बचकर ही आप अपनी कीमती कार को सुरक्षित रख सकते हैं। सही देखभाल ही इन मशीनों को अगली धूप वाली शानदार ड्राइव के लिए तैयार रखेगी।


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