मुंबई मानसून: वायरल कार मॉडिफिकेशन के चक्कर में न पड़ें, वरना भारी जुर्माना और मुसीबत!

मुंबई, ठाणे और नवी मुंबई में प्री-मानसून बारिश ने दस्तक दे दी है और इसी के साथ सोशल मीडिया पर वीडियो की बाढ़ आ गई है। कार के शौकीन अपनी गाड़ियों को जलभराव से बचाने के लिए अजीबोगरीब मॉडिफिकेशन्स (Monsoon Modifications) दिखा रहे हैं। इनमें भारी-भरकम स्नोर्कल से लेकर महंगी कन्वर्टिबल कारों के लिए देसी जुगाड़ वाले प्लास्टिक कवर तक शामिल हैं।

इंटरनेट पर महिंद्रा थार (Mahindra Thar) मालिकों के कई क्लिप वायरल हो रहे हैं, जिनमें वे अपनी गाड़ी के स्नोर्कल का टेस्ट कर रहे हैं। वहीं, कुछ लग्जरी कार मालिक दरवाजों के गैप को टेप से सील कर रहे हैं ताकि पानी अंदर न घुसे। हालांकि, इंस्टाग्राम रील्स पर ये जुगाड़ देखने में भले ही कूल लगें, लेकिन इनके पीछे बड़े खतरे छिपे हो सकते हैं। ज्यादातर मॉडिफिकेशन्स सिर्फ दिखावे के लिए होते हैं और शहर की सड़कों पर पानी के बीच गाड़ी चलाने में इनका कोई खास फायदा नहीं मिलता।

Mumbai Monsoon Car Modifications: Are Viral Hacks Safe or Dangerous? Know the RTO Rules for 2026

मुंबई मानसून: इन कार मॉडिफिकेशन्स का सच क्या है?

स्नोर्कल का मुख्य काम इंजन के एयर इनटेक पॉइंट को ऊपर उठाना होता है, ताकि गहरे पानी में भी इंजन बंद न हो। लेकिन मार्केट में मिलने वाले कई स्नोर्कल सिर्फ सजावट के लिए होते हैं और वे ठीक से सील नहीं किए जाते। इसी तरह, गाड़ी की ऊंचाई बढ़ाने वाली 'लिफ्ट किट' लगवाने से गाड़ी का सेंटर ऑफ ग्रेविटी बदल जाता है, जिससे मुंबई की गीली सड़कों पर गाड़ी का संतुलन बिगड़ सकता है।

मॉडिफिकेशन मकसद हकीकत में कितना काम का?
रेज़्ड स्नोर्कल (Raised Snorkel) इंजन को पानी से बचाना अगर सही से लगा हो तो काफी असरदार
प्लास्टिक शीट्स (Plastic Sheets) सॉफ्ट-टॉप छत की सुरक्षा बेहद कम और जोखिम भरा
लिफ्ट किट्स (Lift Kits) ग्राउंड क्लीयरेंस बढ़ाना ग्रामीण रास्तों के लिए औसत

भारी बारिश में इलेक्ट्रिक गाड़ियों (EVs) की सुरक्षा को लेकर अक्सर सवाल उठाए जाते हैं। सच तो यह है कि ज्यादातर आधुनिक इलेक्ट्रिक कारों के बैटरी पैक IP67 रेटिंग के साथ आते हैं। इसका मतलब है कि पानी के मामले में ये पेट्रोल-डीजल इंजन के मुकाबले ज्यादा सुरक्षित और मजबूत हैं। फिर भी, हाई-वोल्टेज इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स को सुरक्षित रखने के लिए ड्राइवरों को गहरे पानी में जाने से बचना चाहिए।

गाड़ी में इस तरह के स्ट्रक्चरल बदलाव करना आपको भारी पड़ सकता है और ट्रैफिक पुलिस आप पर मोटा जुर्माना लगा सकती है। भारतीय कानून के अनुसार, गाड़ी में किसी भी बड़े बदलाव के लिए क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (RTO) की मंजूरी जरूरी है। बिना अनुमति के स्नोर्कल या कस्टम बॉडी किट लगवाने पर आपकी गाड़ी का रजिस्ट्रेशन तक रद्द हो सकता है। इस मानसून सुरक्षित ड्राइव करें और सोशल मीडिया व्यूज के चक्कर में खतरनाक स्टंट करने से बचें।

Article Published On: Sunday, May 31, 2026, 17:03 [IST]
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