बेटे की मौत के बाद पिता ने भर डाले सड़क के सैकड़ों गड्ढे

हादसे जिंदगी के रास्ते और मायने ही बदल कर रख देते हैं। कभी कभी इंसान की जिंदगी में कुछ ऐसा हो जाता है जिसकी कल्पना भी नहीं की गई होती है और फिर इंसान उन हादसों से इस कदर आहत होता है कि उनके पीछे छीपे कारणों को जड़ से ही खत्म करने की ठान लेता है। कुछ ऐसा ही मुंबई के एक सख्श के साथ भी हुआ। जहां पर एक रोड एक्सीडेंट में बेटे की मौत हो जाने से आहत पिता ने मुंबई की सड़कों के तकरीबन 556 गड्ढों को हमेशा के लिए बंद कर दिया।

बेटे की मौत के बाद पिता ने भर डाले सड़क के सैकड़ों गड्ढे

ये कोई सनक नहीं थी बल्कि ये एक जुनून था जो कि उस पिता के भीतर उसके बेटे की मौत के बाद जागा था। मुंबई के रहने वाले दादा रॉव भिलोरे ने 3 साल पहले अपने 16 साल के बेटे को एक सड़क हादसे में खो दिया था। उस दौरान दादा रॉव का बेटा प्रकाश जोगेश्वरी विकरोली रोड़ पर बाइक चला रहा था। इसी दौरान सड़क पर एक पॉटहोल की वजह से प्रकाश का एक्सीडेंट हो गया जिससे उसकी मौत हो गई। बेटे की मौत से दादा रॉव भिलोरे इस कदर आहत हुए कि, उन्होनें मुंबई की सड़कों को गड्ढा मुक्त करने का बिड़ा उठा लिया। उन्होनें ये रास्ता इसलिए चुना ताकि कोई और दादा रॉव अपने मासूम बेटे को न खो दे।

बेटे की मौत के बाद पिता ने भर डाले सड़क के सैकड़ों गड्ढे

पिछले 3 सालों से दादा रॉव मुं​बई की सड़कों के गड्ढों को भर रहे हैं। इस बारे में दादा रॉव ने बताया कि, मैं नहीं चाहता जैसा मेरे बेटे के साथ हुआ वैसा किसी और के भी साथ हो। मैं लगातार सड़कों के गड्ढों को भरने का काम करता रहूंगा और मैं ऐसा तब तक करूंगा जब तक कि पूरे देश के गड्ढे न भर जायें। दादा रॉव का मानना है कि, हमारे देश की जितनी जनसंख्या है उनमें से यदि महज 1 लाख लोग भी हर रोज गड्ढों को भरने का काम करें तो हमारा देश हमेशा के लिए गड्ढों से मुक्त हो जायेगा।

बेटे की मौत के बाद पिता ने भर डाले सड़क के सैकड़ों गड्ढे

आपको बता दें कि, हमारे देश में सड़कों पर गड्ढे होना आम बात है और इस तरफ किसी का भी ध्यान नहीं जाता है जिसकी वजह से आये दिन हादसे होते रहते हैं। एक रिपोर्ट के अनुसार इस बार के मानसून ​सीजन में अब तक 6 लोगों की जान महज गड्ढों के चलते मुंबई में हो चुकी है। हालांकि कुछ राजनीतिक दलों ने इस बात का विरोध भी किया था लेकिन बावजूद इसके स्थिती वैसे ही बनी हुर्इ है। सड़क पर ये गड्ढे काल के गाल की तरह मुंह बाये रहते हैं और मासूम अपनी जान से हाथ धोते रहते हैं।

बेटे की मौत के बाद पिता ने भर डाले सड़क के सैकड़ों गड्ढे

देश की सड़कों पर होने वाले इन गड्ढों पर लगाम लगाने के लिए महज सरकार और विभागों के भरोसे रहना बेहद गलत है। चूकिं सड़क पर एक गड्ढे को होने में थोड़ा वक्त ही लगता है लेकिन सरकार गड्ढों के लिए तत्काल कोई टेंडर नहीं निकाल सकती है। इसके लिए जो प्रक्रिया होती है वो समय लेती है। लेकिन तब तक सड़क पर गड्ढों और हादसों की संख्या लगातार बढ़ती ही जाती है। जिसका खामियाज न जाने कितने लोगों को भुगतना पड़ता है। इसके लिए स्थानीय लोगों को भी पहल करने की जरूरत है।

बेटे की मौत के बाद पिता ने भर डाले सड़क के सैकड़ों गड्ढे

यदि आपके घर के आस पास भी सड़कों पर गड्ढे हों तो आप भी कुछ लोगों की टीम बनाकर उन्हें भर सकते हैं। हादसों के लिए​ सिर्फ सरकार को जिम्मेदार मानना कहीं से भी वाजीब नहीं है, कुछ जिम्मेदारियां हमें खुद भी उठानी चाहिएं। बेटे की मौत में गमजदा ये पिता हम सभी के लिए एक नजीर है यदि वो भी सरकार और विभागों का इंतजार करते तों शायद मुंबई के वो सैकडों गड्ढे कभी नहीं भर पाते और अब तक न जाने कितने हादसे हो चुके होतें।

English summary
Dadarao Bilhore, a Mumbai resident, who lost his 16-year-old son to a pothole on a road three years ago, filled up 556th pothole in the city on Sunday. Bilhore' son Prakash died on July 28, 2015, after his bike fell into a deep pothole on a rainwater clogged Jogeshwari-Vikhroli Link Road (JVLR) in Mumbai.
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