तीसरी बार बैल से टकरा कर क्षतिग्रस्त हुई वंदे भारत एक्सप्रेस, अगला हिस्सा टूटा
मुंबई-गांधीनगर वंदे भारत एक्सप्रेस 29 अक्टूबर 2022 यानि आज फिर से गुजरात में दुर्घटनाग्रस्त हो गई। सेमी-हाई-स्पीड ट्रेन को नुकसान पहुंचाने वाली घटना वलसाड में अतुल रेलवे स्टेशन के पास हुई। शुरुआती रिपोर्ट्स के मुताबिक वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन के आगे एक बैल आ गया था। हादसे के बाद वंदे भारत ट्रेन के अगले सिरे का निचला हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया है। यह अक्टूबर 2022 के पहले सप्ताह में पिछली दो दुर्घटनाओं के बाद यह लगातार तीसरी दुर्घटना है।

ट्रेन के साथ हादसा आज सुबह हुआ। घटना के बाद ट्रेन को करीब 15 मिनट तक अतुल रेलवे स्टेशन पर रुकना पड़ा। खबरों के मुताबिक हादसे में ट्रेन का कपलर कवर और बीसीयू कवर क्षतिग्रस्त हो गया है। दुर्घटना ने ट्रेन की पानी की सप्लाई को भी क्षतिग्रस्त कर दिया। हालांकि ट्रेन में सवार यात्री सुरक्षित बताए जा रहे हैं।

इससे पहले इसी मार्ग पर वंदे भारत ट्रेन के मवेशियों से टकराने से उसकी नाक क्षतिग्रस्त हो गई थी। यह घटना अहमदाबाद के वटवा और मणिनगर स्टेशनों के बीच हुई, लेकिन ट्रेन बिना पैनल के गांधीनगर कैपिटल स्टेशन और फिर मुंबई सेंट्रल तक चली गई। हालांकि, ट्रेन का कोई फंक्शनल पार्ट क्षतिग्रस्त नहीं हुआ था। उस वक्त पश्चिम रेलवे ने एक बयान में कहा था कि ट्रेन की नाक डिजाइन के हिसाब से बलि की थी।

पिछली घटना के बाद केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने एक बयान में कहा, "देश में सभी रेलवे ट्रैक अभी भी जमीन पर, सतह पर हैं और मवेशियों की समस्या बनी हुई है। हालांकि, ऐसे मुद्दों से निपटने के लिए ट्रेनों को डिजाइन किया जा रहा है। कल की घटना के बाद भी, वंदे भारत ट्रेन के साथ कुछ भी नहीं हुआ, बस सामने के हिस्से की मरम्मत की गई।"

बता दें कि अभी भारत में चार वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनें चल रही हैं। गांधीनगर-मुंबई वंदे भारत एक्सप्रेस का उद्घाटन हाल ही में प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था। पीएम मोदी नवंबर में पांचवीं वंदे भारत ट्रेन को हरी झंडी दिखाने के लिए तैयार हैं, जो चेन्नई-मैसुरु-बेंगलुरु मार्ग को जोड़ेगी।

वन्दे भारत एक्सप्रेस भारत की सबसे तेज ट्रेन है और जिसे पूरी तरह से भारत में ही तैयार किया गया है। यह सिर्फ दो रूट पर चलाई जा रही है, इस ट्रेन में बायो-वैक्यूम टायलेट, वाई-फाई, ऑटोमेटिक दरवाजे आदि दिए गये हैं।

इंजनलेस है यह ट्रेन
वन्दे भारत एक्सप्रेस भारत की पहली इंजन रहित ट्रेन है। इसके पहले तक भारतीय ट्रेनों में इंजन कोच अलग से लगा होता था लेकिन अब इस ट्रेन में इंजन को साथ में ही जोड़ दिया गया है जैसा कि आमतौर पर मेट्रो या बुलेट ट्रेन में देखनें को मिलता है। इस वजह से यह शताब्दी जैसे ट्रेन से अधिक गति प्राप्त कर सकती है। इसकी टॉप स्पीड 130 किमी/घंटा तक सीमित रखी गयी है।

200 किमी/घंटा की है टॉप स्पीड
इसकी टॉप स्पीड 130 किमी/घंटा तक भले ही सीमित रखी गयी हो लेकिन यह 200 किमी/घंटा की स्पीड प्राप्त करने में सक्षम है। अपने ट्रायल के दौरान इस ट्रेन ने 180 किमी/घंटा की गति प्राप्त की थी जो कि अब तक पूरे भारत के किसी भी ट्रेन की ट्रायल में प्राप्त की गयी सबसे अधिक स्पीड है। जिस रूट पर वन्दे भारत एक्सप्रेस चलाई जाती है वहां के रेल ट्रैक की क्षमता की वजह से इसकी स्पीड सीमित की गयी है।


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