मुंबई की बारिश में धू-धू कर जली कार: ओशिवारा हादसे के बाद गाड़ी मालिकों के लिए बड़ी चेतावनी
मुंबई के अंधेरी वेस्ट स्थित ओशिवारा में आज दोपहर एक कार में अचानक आग लग गई। इस घटना का सीसीटीवी फुटेज अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें एक रिहायशी इमारत के पास कार से आग की लपटें उठती देखी जा सकती हैं। दमकल विभाग के मौके पर पहुंचने से पहले ही वहां मौजूद सुरक्षाकर्मियों और स्थानीय निवासियों ने तत्परता दिखाते हुए आग पर काबू पाने की कोशिश की। इस हादसे ने मुंबई में मानसून के दौरान वाहनों की सुरक्षा को लेकर एक गंभीर बहस छेड़ दी है। कार मालिकों को सलाह दी जा रही है कि वे अपनी गाड़ियों की सुरक्षा के लिए तुरंत जरूरी कदम उठाएं।
मुंबई की भारी बारिश के दौरान अक्सर शॉर्ट सर्किट की वजह से गाड़ियों में आग लगने की घटनाएं सामने आती हैं। कई बार चूहे इंजन बे (engine bay) में शरण ले लेते हैं और बिजली के संवेदनशील तारों को कुतर देते हैं। इसके अलावा, इंजन में पानी घुसना या बाहर से लगवाए गए अनसर्टिफाइड एक्सेसरीज भी सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा पैदा करते हैं। ड्राइवरों को नियमित रूप से इंजन की जांच करनी चाहिए ताकि किसी भी तरह की टूट-फूट या ढीले तारों का पता चल सके। समय रहते इन छोटी समस्याओं को पहचान कर किसी बड़े हादसे को टाला जा सकता है।

ओशिवारा कार हादसे के बाद मानसून में गाड़ी चलाने वाले इन बातों का रखें खास ख्याल
अगर गाड़ी से धुआं निकलता दिखे, तो बिना देर किए गाड़ी रोकें और इंजन बंद कर दें। सुनिश्चित करें कि सभी यात्री तुरंत गाड़ी से बाहर निकल आएं और सुरक्षित दूरी पर खड़े हों। फौरन इमरजेंसी सर्विस के लिए 101 या स्थानीय पुलिस के लिए 100 नंबर पर कॉल करें। एक बात का विशेष ध्यान रखें कि आग लगने पर बोनट को पूरा न खोलें, क्योंकि इससे ऑक्सीजन मिलने पर आग और तेजी से भड़क सकती है। पोर्टेबल अग्निशमन यंत्र (extinguisher) का इस्तेमाल तभी करें जब आग बहुत मामूली और काबू में हो।
| क्या करें? | सुरक्षा सलाह |
|---|---|
| इग्निशन | तुरंत बंद कर दें |
| यात्री | सुरक्षित दूरी पर चले जाएं |
| बोनट | पूरा न खोलें |
| इमरजेंसी | 101 या 100 पर कॉल करें |
अंधेरी वेस्ट कार फायर: इंश्योरेंस क्लेम के लिए अपनाएं ये जरूरी स्टेप्स
इंश्योरेंस क्लेम फाइल करने के लिए आपके पास घटना स्थल के पुख्ता कानूनी और फोटोग्राफिक सबूत होने चाहिए। सबसे पहले पुलिस में एफआईआर (FIR) दर्ज कराएं और पुलिस पंचनामा की कॉपी हासिल करें। सीसीटीवी या डैशकैम फुटेज भी हादसे के ठोस सबूत के तौर पर काम आते हैं। अपनी पॉलिसी की वैधता बनाए रखने के लिए गाड़ी को हमेशा अधिकृत (authorized) वर्कशॉप पर ही टो (tow) करवाएं। दस्तावेजों की प्रक्रिया जितनी जल्दी पूरी होगी, क्लेम सेटलमेंट में उतनी ही आसानी होगी।
मानसून के महीनों में गाड़ी में अचानक लगने वाली आग से बचने का सबसे अच्छा तरीका सतर्कता ही है। समय-समय पर प्रोफेशनल मैकेनिक से वायरिंग चेक करवाते रहें ताकि शॉर्ट सर्किट का खतरा न रहे। इमरजेंसी नंबर और इंश्योरेंस के कागज हमेशा तैयार रखें ताकि संकट के समय आप तुरंत कदम उठा सकें। अगर गाड़ी चलाते समय आग लग जाए, तो गाड़ी से ज्यादा यात्रियों की जान को प्राथमिकता दें। इन सुरक्षित आदतों को अपनाकर आप मुंबई की बारिश में अपना सफर तनावमुक्त और सुरक्षित बना सकते हैं।


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