मुंबई में ऑटो वाले को गलती से भेजे 15,000 रुपये, फिर जो हुआ वो दिल जीत लेगा
मुंबई में आज, 8 जून 2026 को एक आम सफर ईमानदारी की एक ऐसी मिसाल बन गया जो अब इंटरनेट पर वायरल है। दरअसल, एक पैसेंजर ने गलती से ऑटो का किराया 156 रुपये की जगह 15,682 रुपये यूपीआई (UPI) कर दिया। ईमानदारी की यह अनोखी कहानी अपनी सादगी और सच्चाई की वजह से सोशल मीडिया पर छाई हुई है।
ऑफिस पहुंचने के बाद पैसेंजर को अपनी इस बड़ी गलती का अहसास हुआ। सुबह के ट्रैफिक और जल्दबाजी के चक्कर में उन्होंने पेमेंट करते वक्त एक्स्ट्रा डिजिट्स टाइप कर दिए थे। जब उन्होंने अपना फोन चेक किया, तो बैंक से कटे भारी-भरकम अमाउंट को देखकर उनके होश उड़ गए। गनीमत रही कि ऑटो ड्राइवर ने जैसे ही यह गलती पकड़ी, उन्होंने तुरंत ऐप के जरिए पैसे वापस करने की प्रक्रिया शुरू कर दी।

मुंबई के ऑटो ड्राइवर और UPI पेमेंट की ये कहानी हुई वायरल
आकाश पाटिल ने अपनी इस आपबीती को लिंक्डइन (LinkedIn) पर शेयर किया। उन्होंने बताया कि जल्दबाजी में उनसे टाइपिंग की एक बड़ी चूक हो गई थी। ऑटो ड्राइवर इमरान ने जैसे ही इतनी बड़ी रकम देखी, उन्होंने फौरन पैसेंजर से संपर्क किया। इमरान ने अगली सवारी बैठाने से पहले यह सुनिश्चित किया कि एक-एक रुपया उसके असली मालिक के पास सुरक्षित पहुंच जाए।
सोशल मीडिया यूजर्स ड्राइवर की ईमानदारी और उनकी फुर्ती की जमकर तारीफ कर रहे हैं। यह वायरल पोस्ट हमें याद दिलाती है कि 'पे' बटन दबाने से पहले फाइनल अमाउंट को दोबारा चेक करना कितना जरूरी है। एक्सपर्ट्स का भी मानना है कि ऐसे वित्तीय हादसों से बचने के लिए ऐप में ट्रांजैक्शन लिमिट सेट करके रखनी चाहिए। मुंबई की सड़कों पर आज भी इंसानियत और दयालुता जिंदा है, यह वाकया इसका एक छोटा सा रिमाइंडर है।
UPI पेमेंट के दौरान सुरक्षा के लिए अपनाएं ये टिप्स
| सुरक्षा के उपाय | यूजर्स के लिए जरूरी स्टेप्स |
|---|---|
| डिजिट्स चेक करें | पेमेंट करने से पहले डेसिमल पॉइंट और जीरो (0) को ध्यान से देखें। |
| नाम वेरिफाई करें | QR कोड स्कैन करने के बाद सुनिश्चित करें कि ड्राइवर का नाम सही है। |
| ऐप लिमिट सेट करें | डेली डिजिटल ट्रांजैक्शन के लिए एक अधिकतम सीमा (Limit) तय करें। |
| अलर्ट्स जरूर पढ़ें | हर ट्रांजैक्शन के बाद बैंक से आए SMS नोटिफिकेशन को चेक करें। |
डिजिटल पेमेंट ने हमारी जिंदगी को बेहद आसान बना दिया है, लेकिन इसके इस्तेमाल में सावधानी बरतना भी उतना ही जरूरी है। यह घटना दिखाती है कि टेक्नोलॉजी तभी सफल है जब उसे इस्तेमाल करने वाले लोग नेक हों। इमरान की इस निस्वार्थ कोशिश को हजारों लाइक्स मिल रहे हैं और यह शहर की भागदौड़ के बीच उम्मीद की एक किरण बनकर उभरी है।


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