सासंद ने कार पर लगा रखा है गलत तरीके से वीआईपी नंबर प्लेट, मोटर व्हीकल एक्ट की उड़ाई धज्जियां
देश में कई लोग अपने शौक व जूनून के खातिर अपने वाहनों के नंबर प्लेट में कई प्रयोग करते है तथा उनमें तरह तरह के आकार से नंबर लिखवाते है। पुलिस ऐसे लोगों पर सख्त कार्यवाही करती है तथा ऐसे नंबर प्लेटको अवैध करार देती है।

भारत में नंबर प्लेट तथा उससे जुड़े कानून ना जानने के अभाव में लोग ऐसा कर बैठते है लेकिन अगर ऊंचे पद वाले लोग इस तरह की घटना को अंजाम देते है तो पुलिस उसे जानबूझ कर अनदेखा कर देती है। हाल ही में एक सांसद से जुड़ा ऐसा मामला सामने आया है।

देश की संसद में बजट सत्र में देश के सभी सांसद शामिल हुए है तथा इनमें से कई सांसद पहली बार चुनकर आये है। इनमें से ही एक आंध्रप्रदेश के राजमुंदरी संसदीय क्षेत्र के सांसद मरगानी भारत राम भी है, जो कि वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के सांसद है।

वैसे तो आपने कई वीआईपी नंबर वाले नंबर प्लेट देखे होंगे लेकिन इन नए सांसद महोदय की कार में लगे नंबर प्लेट आपको हैरान कर सकती हैं। इन्होने अपने इस जगुआर एफ पेस में काले रंग की रजिस्ट्रेशन प्लेट में "1" नंबर लिखवा रखा है।

उन्होंने अपने जगुआर एफ पेस के लिए वीआईपी नंबर लिया है तथा यह नंबर TS 08 GC 0001 है लेकिन इसमें रजिस्ट्रेशन के अक्षरों को बहुत ही छोटा रखा गया है साथ ही नंबर प्लेट में 000 भी नहीं लिखा गया है तथा 1 को अलग से उभारा गया है।

इसके साथ ही रजिस्ट्रेशन प्लेट के निचले हिस्से में "मेंबर ऑफ पार्लियामेंट" यानि संसद का सदस्य भी लिखवाया है। सासंद जी की यह जगुआर एफ पेस 8 अक्टूबर 2018 को उप्पल, तेलंगाना में पंजीकृत है।

सांसद मरगानी भारत राम की कार का यह रजिस्ट्रेशन प्लेट मोटर व्हीकल एक्ट के नियम का पालन नहीं करता है। हाल ही में इसको लेकर देश में खूब चर्चा रही है तथा इस एक्ट में कई बदलाव भी किये गए है। आइये जानते है मोटर व्हीकल एक्ट के बारें में:

• मोटर व्हीकल एक्ट के अधिनियम 50, 51 के अनुसार दोपहिया वाहनों व कारों में वाइट बैकग्रॉउंड के साथ ब्लैक रंग में नंबर लिखे होने चाहिए। वहीं कमर्शियल वाहनों के लिए यलो बैकग्रॉउंड के साथ ब्लैक रंग में नंबर लिखे जाने चाहिए।
• अक्षर फैंसी तरीके से नहीं लिखे जाने चाहिए।

• वाहनों के अगले व पिछले हिस्से में नंबर प्लेट पर रजिस्ट्रेशन मार्क दिखने चाहिए।
• रजिस्ट्रेश प्लेट पर किसी तरह की कलाकारी, फोटो, नाम नहीं दिखने चाहिए।
• वाहनों अगले व पिछले हिस्से पर लगाए जाने चाहिए तथा ऐसे जगह पर हो जहां पर साफ और आसानी से दिख जाएं।

• रजिस्ट्रेशन मार्क के अक्षर अंग्रेजी में तथा संख्या अरेबिक अंकों में लिखे होने चाहिए।
• रजिस्ट्रेशन नंबर दो लाइन में लिखे जाने चाहिए जिसमें पहला स्टेट कोड व रजिस्ट्रिंग अथॉरिटी कोड व दूसरे लाइन पर नंबर लिखे जाने चाहिए, तथा यह पहले लाइन के नीचे होना चाहिए।

पैसेंजर कार या हल्के मोटर वाहन के लिए नंबर प्लेट का साइज 340 x 200mm या 500 x 120mm होने चाहिए।
इसके साथ ही हाल ही में सरकार ने देश में हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगाने की कवायद शुरू कर दी है तथा सभी वाहन निर्माताओं को इसके लिए आदेश भी जारी किया जा चुका है।

साथ ही देश में फैंसी नंबर लिखवाने पर भी रोक है तथा इसके लिए अलग अलग जगहों पर अलग अलग कानून है। सरकार ने इस तरह के नंबर लिखवाने वालों पर सख्त कार्रवाही के निर्देश भी दिए है।

हाल ही में देश की संसद में मोटर व्हीकल बिल (संशोधन) को पास किया गया है। इस बिल के तहत कई नियमों में जुर्माने व सजा को बढ़ाया गया है तथा कई नए नियम जोड़े गए है। इसे पहले से अधिक सख्त बनाया गया है ताकि देश में सड़क सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

ड्राइवस्पार्क के विचार
देश में वाहनों व उसी जुड़ी चीजों जैसे रजिस्ट्रेशन प्लेट, सेफ्टी आदि पर कड़े नियम लाये जा चुके है तथा इनका पालन नहीं किया जा रहा है। जनप्रतिनिधि द्वारा इस तरह से नियम का पालन न करना एक गलत संदेश भेजता है। इसे पर कड़े कदम उठाये जाने चाहिए।
Image Courtesy: Amarujala


Click it and Unblock the Notifications








