कार ड्राइविंग को सेफ बनाएगी ये खास फीचर, केंद्र सरकार लाने जा रही है नई टेक्नोलॉजी

केंद्र सरकार एक ऐसा कानून बनाने की योजना बना रही है जिसके तहत भारत में निर्मित वाहनों में एक महत्वपूर्ण सुरक्षा सुविधा को लगाना अनिवार्य होगा। दरअसल सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) ने सरकार को प्रस्ताव दिया है।

जिसमें, पैदल चलने वालों और साइकिल चालकों से टक्कर की आशंका को कम करने के लिए चार पहिया वाहनों, पैसेंजर और कमर्शियल व्हीकल्स की कुछ श्रेणियों में मैन्युफैक्चरिंग के समय ही 'मूविंग ऑफ इन्फॉर्मेशन सिस्टम' (MOIS) लगाने की बात कही गई है।

Nitin Gadkari

केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने इस बारे में जानकारी दी है। उन्होंने कहा कि भारत में सड़क दुर्घटनाओं की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। हर साल होने वाली सड़क दुर्घटनाओं की संख्या से जानमाल का नुकसान भी बढ़ जाता है।

इसे रोकने के लिए केंद्र सरकार कई उपाय कर रही है। वहीं अब भारत सरकार वर्तमान में निर्मित और बेचे जाने वाले कुछ वाहनों में नई सुरक्षा सुविधाओं को इनबिल्ट करने की योजना बना रही है।

collision warning signal

इसके तहत सरकार ने प्रस्ताव दिया है कि आने वाले वाहनों को इनबिल्ट कॉलिजन वार्निंग सिग्नल सुविधाओं वाले वाहनों के रूप में बेचा जाना चाहिए। केंद्र सरकार ने इस तकनीक को मूविंग ऑफ इंफॉर्मेशन सिस्टम का नाम दिया है।

मूविंग ऑफ इंफॉर्मेशन सिस्टम (एमओआईएस) का मतलब है कि एक ऐसा सिस्टम जो ड्राइवर को पास में पैदल चलने वालों और साइकिल चालकों की उपस्थिति का पता लगाने और सूचित करने की सुविधा देती है।

collision warning signal

सरकार के अनुसार ये सिस्टम अनिवार्य कर दिया जाता है तो सड़क पर होने वाले संभावित दुर्घटना को ये कम किया जा सकता है। जैसी ही गाड़ी के आस-पास पैदल चलने वाले लोग या फिर अन्य व्हीकल आएगी और उससे गाड़ी टकराने वाली होगी तो ये सिस्टम तुरंत अलर्ट भेजेगा।

जिससे समय रहते ड्राइवर गाड़ी को संभाल लेगा। इससे जान और माल दोनों की हिफाजत होगी। वहीं सरकार ने प्रस्ताव दिया है कि वाहन को बाजार में पेश करने की अनुमति देते समय यह सुनिश्चित करने होगा कि उसमें मूविंग ऑफ इंफॉर्मेशन सिस्टम तकनीक लगा हुआ है।

फिलहाल इस कानून को लागू करने पर विचार-विमर्श चल रहा है। बता दें कि भारत में सड़क दुर्घटना की समस्या एक गंभीर मामला है। ऐसे में इस तरह के सुरक्षा कानून बेहद जरुरी हो जाते हैं। हालांकि ये कानून कब लागू होगा इसकी कोई निश्चित जानकारी नहीं है।

आपको बता दें कि भारत में पिछले साल कुल 4,61,312 सड़क दुर्घटनाएं दर्ज की गईं। इन हादसों में मरने वालों की संख्या 1,68,491 हो गई है। इन सड़क हादसों में करीब 4.45 लाख लोग घायल भी हुए थे।

भारतीय सड़कों पर तेज रफ्तार सबसे बड़ी जानलेवा कारण बनी हुई है। 2022 में हुई लगभग 75 प्रतिशत दुर्घटनाओं का कारण यही है। सड़क दुर्घटनाओं के बढ़ते मामलों के पीछे रॉन्ग साइड ड्राइविंग भी सबसे बड़े कारणों में से एक है।

जिसका योगदान लगभग छह प्रतिशत है। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने हाल ही में कहा था कि उनके मंत्रालय का लक्ष्य अगले साल के भीतर दुर्घटनाओं की संख्या आधी करना है।

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Article Published On: Tuesday, November 14, 2023, 10:02 [IST]
English summary
Morth plan to inbuilt collision warning system for 4wheelers check details in hindi
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