सड़कों पर दौड़ रहे हैं 2 करोड़ से ज्यादा 20 साल पूराने वाहन, शहरों में बढ़ा रहे प्रदूषण

देश में पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाले ऐसे 2 करोड़ से ज्यादा वाहन चल रहे हैं जो 20 साल की समय सीमा को पार कर चुके हैं। लोकसभा में एक सवाल के जवाब में पर्यावरण राज्य मंत्री अश्विनी चौबे ने कहा कि देश में 20 साल से पुराने 2,14,25,295 वाहन हैं जो देश की आबोहवा को खराब कर रहे हैं। उन्होंने इन वाहनों का ब्यौरा देते हुए कहा कि कर्नाटक, दिल्ली और उत्तर प्रदेश में ऐसे वाहनों की संख्या सबसे ज्यादा है।

सड़कों पर दौड़ रहे हैं 20 साल पूराने 2 करोड़ से ज्यादा वाहन, कर्नाटक और दिल्ली की हालत ज्यादा खराब

उन्होंने आगे बताया कि कर्णाटक में 20 साल से ज्यादा की समय सीमा पार कर चुके 39 लाख वाहन हैं जो भारत में सबसे ज्यादा हैं। दूसरे स्थान पर दिल्ली है जहां तकरीबन 36 लाख वाहन 20 साल से ज्यादा पुराने हो चुके हैं। वहीं, उत्तर प्रदेश में ऐसे वाहनों की संख्या 26 लाख से अधिक है।

सड़कों पर दौड़ रहे हैं 20 साल पूराने 2 करोड़ से ज्यादा वाहन, कर्नाटक और दिल्ली की हालत ज्यादा खराब

सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय पूरे देश में ऐसे वाहनों के आंकड़ों को डिजिटाइज्‍ड कर चुका है। बता दें कि ये आंकड़े केंद्रीयकृत वाहन डेटाबेस से लिया गया है। हालांकि, इनमें आंध्र प्रदेश, मध्य प्रदेश, तेलंगाना और लक्षवद्वीप आंकड़े शामिल नहीं किये गए हैं।

सड़कों पर दौड़ रहे हैं 20 साल पूराने 2 करोड़ से ज्यादा वाहन, कर्नाटक और दिल्ली की हालत ज्यादा खराब

डेडलाइन समाप्त होने के बाद जारी नहीं होती RC व PUC

बता दें कि केंद्रीय डेटाबेस (वाहन पोर्टल) पर सभी राज्य अपने यहां रजिस्टर्ड वाहनों के आंकड़े उपलब्ध कराते हैं। परिवहन विभाग के मुताबिक वाहन तय समय सीमा पूरी करने के बाद अवैध हो जाते हैं क्योंकि ऐसे वाहनों का रजिस्ट्रेशन (RC) और फिटनेस सर्टिफिकेट (PUC) समाप्त कर दिया जाता है। परिवहन विभाग ऐसे वाहनों का दोबारा रजिस्ट्रेशन नहीं करता।

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पर्यावरण मंत्रालय ने संसद में अपने जवाब में यह भी स्पष्ट किया है कि केवल सिक्किम और लद्दाख ही देश में ऐसे दो राज्य हैं जहां पर इस अवधि को पार कर चुके वाहनों की संख्या मात्र 5,000 से भी नीचे है। सिक्किम में केवल 3,482 और लद्दाख में 3,980 वाहन 15 से 20 साल से पुराने वाहन चल रहे हैं।

सड़कों पर दौड़ रहे हैं 20 साल पूराने 2 करोड़ से ज्यादा वाहन, कर्नाटक और दिल्ली की हालत ज्यादा खराब

लगाया जा सकता है ग्रीन टैक्स

केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने जनवरी 2021 में प्रदूषण फैलाने वाले पुराने वाहनों पर ग्रीन टैक्स (Green Tax) लगाने का प्रस्ताव पेश किया था। इस प्रस्ताव को राज्यों के पास भेज दिया गया है। राज्यों की सहमति के बाद इसे औपचारिक रूप से अधिसूचित किया जाएगा। मौजूदा समय में कुछ राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में अलग-अलग दरों में ग्रीन टैक्स लिया जा रहा है।

सड़कों पर दौड़ रहे हैं 20 साल पूराने 2 करोड़ से ज्यादा वाहन, कर्नाटक और दिल्ली की हालत ज्यादा खराब

PUC रिन्यूअल के समय ग्रीन टैक्‍स लगाने का प्रस्ताव

केंद्र सरकार के प्रस्ताव के अनुसार 8 साल पुराने वाहनों पर फिटनेस सर्टिफिकेट (पीयूसी) रिन्यूअल के समय रोड टैक्स के 10 से 25 फीसदी के बराबर ग्रीन टैक्स लगाया जा सकता है। प्राइवेट वाहनों पर 15 साल के बाद ग्रीन टैक्स लगाने का प्रस्ताव है। वहीं, कमर्शियल और पब्लिक ट्रांसपोर्ट वाहनों पर ग्रीन टैक्स की दर कम है। ज्यादा प्रदूषित शहरों में ग्रीन टैक्स 50 फीसदी तक लगाया जा सकता है।

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Article Published On: Wednesday, August 4, 2021, 13:12 [IST]
English summary
More than 2 crore vehicles are above 20 years of age karnataka delhi up tops the list
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