मानसून ड्राइविंग टिप्स, कैसे चलायें बरसात में गाड़ी
मानूसन शुरू हो चुका है, चारों तरफ बरसात की फुहारें पुरे माहौल को भिगोनें में लगी है। भयानक गर्मी के बाद बारीश की बूंदे हर किसी को अच्छी लगती हैं। जहां इस खुशनुमा मौसम के बीच ड्राइविंग का अलग मजा है वहीं थोड़ी सी लापरवाही आपके लिये सजा भी बन सकती है।
वैसे तो ड्राइविंग के दौरान सुरक्षा का ख्याल रखना बेहद जरूरी है लेकिन बरसात के समय ये जरूरत और भी बढ़ जाती है। जी हां, आज हम आपको अपने इस लेख में बतायेंगे कि आप किस प्रकार बरसात के दौरान सुरक्षित ड्राइविंग कर सकते हैं।
नीचे स्लाईड में तस्वीरों के माध्यम से जानें मानसून ड्राइविंग टिप्स:

दस्तावेजों को सहेजना:
जब भी कभी आप बरसात के दौरान बाहर निकलें तो अपने दस्तावेजों मसलन, कार का रजिस्ट्रेशन पेपर, इश्योरेंस, पाल्यूशन पेपर और ड्राइविंग लाइसेंस लेना ना भूलें। सबसे खास बात ये है कि आप इनको सुरक्षित रखें कहने का मतलब कि इन्हें किसी प्लास्टिक कवॅर में रखें।

इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की सुरक्षा:
यदि इस दौरान आप अपने साथ मोबाइल, लैपटॉप या फिर कैमरा आदि लेकर चलते हैं तो उन्हें भी सुरक्षित कवॅर या फिर बैग में रख लें।

पहियों की जांच:
ड्राइविंग के लिये निकलने से पहले अपने पहियों की जांच करना बेहद जरूरी होता है। जब आप घर से बाहर निकल रहें हों तो एक बार कार के पहियों पर गौर जरूर करें। ताकि बरसात के समय पहियों के फिसलने, पंचर होने या फिर भ्रष्ट होने का खतरा न रहे।

कैसे करें पहियों की जांच:
आप सोच रहे होंगे कि आखिर आप पहियों की जांज किस प्रकार कर सकते हैं। ये बेहद ही आसान है जनाब, आपको इसके लिये महज 1 रूपये के सिक्के की जरूरत है। 1 रूपये के सिक्के को आप पहियों के थ्रेड के गैप में डालें (जैसा तस्वीर में दिखाया गया है)। यदि सिक्के पर बने अशोक चक्र का सिर बाहर की तरफ दिखाई देता हे तो यकिन मानिये कि आपको पहियें बदलने की सख्त जरूरत है।

वाइपर की करें जांच:
बरसात के मौसम में वाइपर का सही होना बेहद ही जरूरी होता है क्योंकि यदि आपके कार का वाइपर ठीक नहीं होगा तो आप सड़क पर सही तरीके से कुछ देख नहीं सकेंगे। इसके लिये ड्राइव पर निकलने से पहले कार के वाइपर की जांच अवश्य कर लें।
Photo credit: Ohhector via Flickr

कैसे करें वाइपर की जांच:
वाइपर की जांच के लिये आप उन्हें ग्लास से उठायें और उनके रबर ब्लेड को देखें, यदि वो क्षतिग्रस्त हैं तो उन्हें तत्काल बदलें। इसके अलावा आयरन ब्लेड को भी चेक करें, और देखें कि ग्लॉस पर वाइपर ठीक ढंग से चल रहा है या नहीं।
Photo credit: Shereen84 via Flickr

हेडलाईट की जांच:
कार की हेडलाईट सबसे महत्वपूर्ण उपकरण होती है। ड्राइविंग पर निकलने से पहले एक बार हेडलाईट को ऑन कर के देख लें। इसके अलावा इंडीकेटर्स को भी चेक करना ना भूलें।
Photo credit: Cobalt123 via Flickr

कार का फिसलना:
बरसात में ड्राइविंग के दौरान कार का फिसलना एक सामान्य सी बात हैं, तो ऐसे समय में आपको क्या करना चाहिये ताकि आप सुरक्षित ड्राइविंग कर सकें। कार के स्कीड के दौरान सबसे पहले एक्सलेटर से पैर हटा लें और बहुत ही जेंटली ब्रेक को अप्लाई करें ध्यान रखें टर्न के दौरान ब्रेक का प्रयोग न करें। स्पीड कम होने के बाद जब कार रूक जाये तो फिर आगे ड्राइव करें।

मिट्टी भरे रास्ते:
बरसात के दौरान सड़क के आस-पास की मिट्टी बहकर सड़क पर आ जाती है, तो कोशिश करें कि ऐसे रास्तों से बचें। क्योंकि कीचड़ से सने रोड़ पर कार के फिसलने के चांसेज बढ़ जाते हैं।
Photo credit: Wiki Commons/Rob Melendez

पहियों को साफ करना:
आप सोच रहे होंगे कि ड्राइविंग के समय अचानक से पहियों को कैसे साफ किया जा सकता है आपको बता दें कि, जब आपको लगे कि आपके कार के पहियों में जरूरत से ज्यादा मिट्टी लग गई है जिसके कारण पहिये फिसल रहें हैं। तो थोड़ी देर के लिये सड़क के बाहर की तरफ घास आदि पर ड्राइव करें जिससे पहियों में लगी मिट्टी निकल जाये।
Photo credit: SEATCordoba via Wiki Commons

हाइवे की तकनीकी:
ड्राइविंग एक ऐसी स्कील है जहां तकनीकी का अपना एक अलग स्थान है। इसी प्रकार हाइवे पर भी ड्राइविंग के कुछ अपनी तकनीकी है। कभी भी बरसात के दौरान अपने सामने के गाड़ी के बीच की दूरी को कम न रखें। एक बराबर दूरी बनाकर चलें ताकि यदि सामने वाली कार अचानक रूकती है तो आप भी अपनी कार को सावधानी पूर्वक रोक सकें।

हाइवे की तकनीकी:
हाइवे पर कभी भी बड़ी गाड़ी मसलन ट्रक, बस आदि को ओवरटेक न करें, इस दौरान इन गाडियों के साईड से भारी मात्रा में कीचढ और पानी सड़क से उठता है, जो कि आपके सुरक्षित ड्राइविंग में खलल डाल सकते हैं।
Photo credit: Pleeker via Flickr

सड़क पर तेल:
ऐसा कई बार होता है कि सड़क पर तेल आदि गिरा होता है, वैसे तो ये एक सामान्य सी बात है लेकिन बरसात के दौरान ये आपके लिये खतरा बन सकती हैं। तो ऐसे मौकों पर गाड़ी की स्पीड कम रखें, विशेषकर जब आप रोड साईड के वर्कशॅाप या फिर पेट्रोल पम्प आदि के बगल से गुजर रहें हो।

पानी भरी सड़क:
भारतीय सड़कों पर ऐसा दृश्य एक सामान्य सी बात हो चली हैं। जब भी आप कभी ऐसे सड़क से गुजरें तो बहुत ध्यान पूर्वक चलें। ऐसी सड़क पर कभी भी भूल कर किनारे की तरफ न जायें। क्योंकि अक्सर सड़क के किनारे गढ्डे और नाले होते हैं जो कि पानी की वजह से दिखाई नहीं देते हैं।

पानी भरी सड़क:
इस समय आप अपनी गाड़ी को 1 नंबर गियर में रखें और एक्सलेटर लेते रहें। क्योंकि यदि एक बार पानी साईलेंसर में चला गया तो आपकी गाड़ी बंद हो जायेगी और आप पानी में फस जायेंगे। बरसात के चलते सभी को परेशानी होती है तो कभी भी घबराये नहीं और धैर्य के साथ ड्राइविंग करें।


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