मानसून में कार को पानी से बचाने के लिए कर रहे हैं मॉडिफिकेशन? रुकिए, ये है असली खतरा!

भारतीय मौसम विभाग (IMD) का अनुमान है कि 4 जून तक मानसून केरल में दस्तक दे देगा। इस खबर के आते ही सोशल मीडिया पर कार मॉडिफिकेशन के वीडियो की बाढ़ आ गई है। कोच्चि और मुंबई जैसे शहरों में लोग जलभराव से निपटने के लिए अभी से तैयारियों में जुट गए हैं। इंटरनेट पर वायरल हो रहे ये जुगाड़ गहरे पानी में भी गाड़ी चलाने का भरोसा दे रहे हैं। बदलते मौसम और भारी बारिश के मिजाज को देखते हुए अब ड्राइवर्स अपनी गाड़ियों की सुरक्षा को लेकर काफी गंभीर नजर आ रहे हैं।

भारतीय कार मालिक जलभराव वाली सड़कों से पार पाने के लिए एक से बढ़कर एक क्रिएटिव हैक्स दिखा रहे हैं। आजकल स्नोर्कल एग्जॉस्ट और लिफ्टेड एयर इनटेक सबसे ज्यादा ट्रेंड में हैं। इंस्टाग्राम रील्स पर महिंद्रा थार से लेकर छोटी हैचबैक कारों तक को वॉटरप्रूफ रैप के साथ देखा जा सकता है। कुछ लोग तो विदेशों में पॉपुलर 'फ्लोटिंग कार' हैक्स के साथ भी एक्सपेरिमेंट कर रहे हैं। बेंगलुरु जैसे शहरों में लगने वाले भारी जाम के डर ने इस ट्रेंड को और हवा दी है।

Monsoon Car Modifications 2026: Are Viral Waterlogging Hacks Legal or Dangerous for Your Vehicle?

सोशल मीडिया पर छाए मानसून कार मॉडिफिकेशन (Viral Monsoon Car Mods)

मॉडिफिकेशन मकसद मुख्य जोखिम
स्नोर्कल (Snorkels) ऊंचा एयर इनटेक स्ट्रक्चर को नुकसान
ECU सीलिंग वॉटरप्रूफिंग वारंटी खत्म होना
लिफ्ट किट्स बेहतर ग्रिप और ऊंचाई कानूनी जुर्माना

इलेक्ट्रॉनिक कंट्रोल यूनिट (ECU) सीलिंग और लिफ्ट किट जैसे मैकेनिकल अपग्रेड्स की डिमांड काफी बढ़ गई है। हालांकि, ध्यान देने वाली बात यह है कि मोटर वाहन अधिनियम (Motor Vehicles Act) के तहत इनमें से ज्यादातर मॉडिफिकेशन गैरकानूनी हैं। स्थानीय पुलिस अक्सर ऐसी कारों को जब्त कर लेती है जिनमें बहुत ऊंची लिफ्ट किट या बॉडी में बड़े बदलाव किए गए हों। इसके अलावा, इंश्योरेंस कंपनियां भी अनधिकृत पार्ट्स की वजह से हुए नुकसान का क्लेम रिजेक्ट कर देती हैं। भारी जुर्माने से बचने के लिए ड्राइवरों को सुरक्षा और कानून के बीच तालमेल बिठाना जरूरी है।

मानसून कार मॉडिफिकेशन: कानूनी जोखिम और सुरक्षा

एक्सपर्ट्स की सलाह है कि गाड़ी की सुरक्षा के लिए उसे कंपनी द्वारा तय 'वॉटर-वेडिंग डेप्थ' (पानी में चलने की क्षमता) के अंदर ही रखें। पहली बारिश से पहले वाइपर ब्लेड और टायर की स्थिति जरूर चेक कर लें। मुंबई और बेंगलुरु जैसे शहरों के कुछ खास इलाकों में भारी जलभराव की समस्या रहती है। अगर रास्ता साफ न दिखे, तो कभी भी गहरे पानी में गाड़ी ले जाने का जोखिम न उठाएं। मानसून में सुरक्षित रहने के लिए खतरनाक जुगाड़ के बजाय सही मेंटेनेंस पर भरोसा करना ज्यादा बेहतर है। समय पर की गई देखभाल न केवल गाड़ी को दुरुस्त रखती है, बल्कि आपको भारी खर्च से भी बचाती है।

Article Published On: Tuesday, June 2, 2026, 17:04 [IST]
Read more on #off beat
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+