बाइक में प्रेशर हॉर्न और लाइट लगवाना पड़ेगा भारी, पुलिस ने काटा 21,500 रुपये का चालान

पंचकूला में ट्रैफिक पुलिस ने मॉडिफाइड बाइक चलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। 27 अगस्त 2026 को गश्त के दौरान चंडीमंदिर थाना पुलिस को चंडीकोटला गांव में एक लावारिस बाइक खड़ी मिली। जांच में बाइक पर प्रेशर हॉर्न और फ्लैशिंग लाइट्स लगी पाई गईं, साथ ही उस पर नंबर प्लेट भी गायब थी। इस पर तुरंत कार्रवाई करते हुए पुलिस ने बाइक को जब्त कर लिया और 21,500 रुपये का भारी-भरकम चालान काट दिया। डीसीपी अदिति सिंह ने इस कार्रवाई और चालान की पुष्टि की है।

अक्सर कई राइडर्स अनजाने में अपनी बाइक में प्रेशर हॉर्न और एलईडी स्ट्रोब लाइट्स लगवा लेते हैं, जो कानूनी रूप से सही नहीं है। सेंट्रल मोटर व्हीकल रूल्स के नियम 119 के तहत मल्टी-टोन या प्रेशर हॉर्न लगाना पूरी तरह बैन है। इस नियम के उल्लंघन पर मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 190(2) के तहत 10,000 रुपये का जुर्माना लगता है। वहीं, नियम 108 के तहत लाल-नीली फ्लैशर लाइट्स का इस्तेमाल केवल इमरजेंसी वाहनों के लिए ही तय किया गया है। नंबर प्लेट न होना या उसे छिपाने पर धारा 39 के साथ 192(1) के तहत कार्रवाई होती है। बिना रजिस्ट्रेशन वाहन चलाने पर धारा 207 के तहत गाड़ी को तुरंत जब्त किया जा सकता है।

Modified Bike Fined 21500 INR in Panchkula for Illegal Horns and Lights 2026

प्रेशर हॉर्न और LED लाइट्स पर क्या कहता है कानून?

नियमों के मुताबिक, सायरन और फ्लैशिंग बीकन का इस्तेमाल केवल आपातकालीन स्थिति में ड्यूटी पर तैनात वाहन ही कर सकते हैं। अगर कोई आम नागरिक अपनी निजी गाड़ी में पुलिस जैसी स्ट्रोब लाइट्स का इस्तेमाल करता है, तो गाड़ी तुरंत जब्त हो सकती है और कई धाराओं में चालान कट सकता है। चेकिंग के दौरान पुलिस अक्सर धारा 190(2) के साथ धारा 39/192(1) और सामान्य पेनल्टी की धारा 177 भी लगा देती है। इन सभी नियमों के एक साथ टूटने पर चालान की रकम आसानी से 10 हजार रुपये के पार पहुंच जाती है। बार-बार उल्लंघन करने पर अदालत धारा 190(2) के तहत लाइसेंस भी रद्द कर सकती है।

चालान की रकम और गाड़ी छुड़ाने के नियम

भारी जुर्माने से बचने के लिए अपनी बाइक को खुद चेक करें। अगर प्रेशर हॉर्न या मल्टी-टोन सायरन लगा है, तो उसे तुरंत हटा दें। बिना कानूनी इजाजत के लाल-नीली फ्लैशर या स्ट्रोब लाइट्स का इस्तेमाल न करें। गाड़ी के आगे और पीछे बिल्कुल साफ दिखने वाली नंबर प्लेट लगाएं। अगर गाड़ी जब्त हो जाती है, तो उसे छुड़ाने के लिए ऑथराइज्ड अफसर के सामने RC, इंश्योरेंस और PUC सर्टिफिकेट जमा करना होगा। धारा 207(2) के तहत कागजात के वेरिफिकेशन और अवैध मॉडिफिकेशन हटाने के बाद ही गाड़ी रिलीज की जाएगी। इसमें धारा 190(2) के तहत 10,000 रुपये और धारा 192(1) के तहत 2,000 रुपये का जुर्माना अलग-अलग उल्लंघनों के आधार पर देना पड़ सकता है।

बैन मॉडिफिकेशन, जब्ती और क्लेम की लिस्ट

क्विक गाइड जरूरी बातें
बैन मॉडिफिकेशन प्रेशर या मल्टी-टोन हॉर्न, लाल-नीली स्ट्रोब या बीकन लाइट, नंबर प्लेट हटाना या ढकना और पटाखा साइलेंसर।
गाड़ी की जब्ती व रिलीज धारा 207 के तहत जब्ती। चालान भरने, अवैध पार्ट्स हटाने और RC, इंश्योरेंस व PUC दिखाने के बाद अधिकारी की स्वीकृति से रिलीज।
इंश्योरेंस क्लेम व वारंटी बिना जानकारी या अवैध मॉडिफिकेशन पर क्लेम खारिज हो सकता है। वायरिंग से छेड़छाड़ करने पर गाड़ी की वारंटी निरस्त हो सकती है।

पुलिस की इस कार्रवाई से साफ संकेत मिलता है कि अब ट्राइसिटी में चेकिंग अभियान और तेज होगा। अगर आप बाइक मॉडिफाई कराने के शौकीन हैं, तो नियमों और सुरक्षा के दायरे में रहकर ही बदलाव कराएं। गाड़ी में कोई भी बड़ा बदलाव कराने से पहले इंश्योरेंस कंपनी को इसकी जानकारी दें, बिल संभालकर रखें और अलग से इलेक्ट्रिकल वायरिंग कटवाने से बचें। बिना बताए कराए गए बदलावों से इंश्योरेंस क्लेम खारिज हो सकता है और कंपनी वारंटी भी खत्म कर सकती है। इसलिए हॉर्न और लाइट्स को कंपनी फिटेड (स्टॉक) रखना ही समझदारी है, जिससे पैसे और परेशानी दोनों से बचा जा सके।

Article Published On: Thursday, August 27, 2026, 17:25 [IST]
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