चोरों का कारनामा, ट्रक से उड़ा दिया मिराज-2000 लड़ाकू विमान का टायर
उत्तर प्रदेश पुलिस ने गुरुवार को लखनऊ से सैन्य उपकरणों की खेप ले जा रहे ट्रक से मिराज-2000 फाइटर जेट का एक टायर चोरी होने के बाद अज्ञात बदमाशों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। चोरों ने बख्शी का तालाब एयरबेस से सैन्य सामान लेकर जोधपुर एयरबेस जा रहे ट्रक में से फाइटर जेट का टायर चुरा लिया।

ट्रफिक की आड़ लेकर उड़ाया टायर
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, चोरी 27 नवंबर की सुबह 2 बजे लखनऊ में शहीद पथ के पास उस वक्त हुई, जब ट्रक जोधपुर एयरबेस की ओर जा रहा था। ट्रक चालक हेम सिंह रावत ने बताया कि काले रंग की स्कॉर्पियो में सवार बदमाशों ने ट्रैफिक जाम का फायदा उठाकर मिराज फाइटर जेट का टायर चुरा लिया।

ट्रक चालक ने बताया कि ट्रैफिक जाम की वजह से छोटे वाहन आगे बढ़ रहे थे जबकि बड़े वाहन जाम में फंसे थे। चोरी की बात पता चलते ही उसने तुरंत इसकी जानकारी पुलिस कंट्रोल रूम को फोन पर दी। कुछ समय बाद पुलिस की एक टीम ने घटना स्थल पर आकर सत्यापित किया कि ट्रक से मिराज-2000 फाइटर जेट की एक टायर की चोरी हो गया है।

ट्रक में थे और भी उपकरण
मिराज-2000 लड़ाकू विमान का टायर ले जा रहे ट्रक के कैरिज में वायु सेना के और भी साजो सामान मौजूद थे। इसमें फाइटर जेट में लगने वाले कई महत्वपूर्ण उपकरण भी शामिल थे। रिपोर्ट के अनुसार इस ट्रक में रीफ्यूलर वाहन, बम ट्राली, यूनिवर्सल ट्राली, एयर क्राफ्ट के मुख्य टायर, नोज टायर, सीढियां और CO2 ट्राली जैसे उपकरणों को भी ले जाया जा रहा था। हालांकि, ये सभी उपकरण सही सलामत पाए गए हैं। लखनऊ के आशियाना पुलिस स्टेशन में अज्ञात चोरों के खिलाफ आईपीसी की धारा 379 के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है।

क्या है लड़ाकू विमान मिराज 2000 की खासियत?
मिराज-2000 अत्याधुनिक लड़ाकू विमान है जिसका निर्माण फ्रांस की डासो एविएशन कंपनी ने किया है। ये वही कंपनी है जिसने रफाल लड़ाकू विमान बनाया है। मिराज-2000 की लंबाई 47 फीट और वजन 7,500 किलो है। यह अधिकतम 2,000 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उड़ान भर सकता है।

वर्तमान में भारतीय वायु सेना डबल इंजन वाले चौथी पीढ़ी के मिराज-2000 माक 2 मल्टीरोल लड़ाकू विमान का इस्तेमाल कर रही है। भारत ने पहली बार इसे 80 के दशक में खरीदने का आदेश दिया था। करगिल युद्ध में मिग-21 के साथ मिराज-2000 विमानों ने भी अहम भूमिका निभाई थी।

साल 2015 में कंपनी ने अपग्रेडेड मिराज-2000 लड़ाकू विमान भारतीय वायुसेना को सौंपे। इन अपग्रेडेड विमानों में नए रडार और इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम लगे हैं, जिनसे इन विमानों की मारक और टोही क्षमता में भारी इजाफा हो गया है।

मिराज-2000 का इस्तेमाल केवल भारत ही नहीं, बल्कि वर्तमान में नौ देशों की वायुसेना इस विमान का इस्तेमाल कर रही हैं। दो इंजन होने की वजह से मिराज-2000 के क्रैश होने की संभावना बेहद कम है। मिराज-2000 विमान एक साथ कई काम कर सकता है। जहां एक ओर यह अधिक से अधिक बम या मिसाइल गिराने में सक्षम है। वहीं यह हवा में दुश्मन का मुकाबला भी आसानी से करने के योग्य है।

ये विमान आसमान से आसमान में मार करने वाली और आसमान से जमीन पर मार करने वाली मिसाइलों से लैस है। यह विमान लेजर गाइडेड मिसाइलें और परमाणु शक्ति से लैस क्रूज मिसाइलें ले जाने में भी सक्षम है।


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