रफ्तार का कहर ! साल 2022 में सड़क हादसों में 1.68 लाख लोगों की गई जान, देखें आंकड़े
देश में भर हो रहे सड़क हादसों के आंकड़े चौंकाने वाले हैं। साल 2022 में हुए सड़क हादसों को लेकर सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने एक रिपोर्ट जारी की है।
रिपोर्ट के अनुसार 2022 में 4,61,312 सड़क दुर्घटनाएं हुई थीं। जिनमें 1,68,491 लोगों की जान चली गई जबकि 4,43,366 लोग घायल हो गए थे। इनमें सीट बेल्ट एवं हेलमेट का इस्तेमाल न करने वालें अधिक दुर्घटनाग्रस्त हुए हैं।
मंत्रालय के रिपोर्ट के अनुसार, देश में 2022 में कुल 4,61,312 सड़क हादसे हुए, जिनमें से 1,51,997 यानी 32.9 प्रतिशत हादसे एक्सप्रेसवे एवं राष्ट्रीय राजमार्गों (एनएच) पर हुए।
वहीं 1,06,682 यानी 23.1 प्रतिशत हादसे राज्य राजमार्गों जबकि 2,02,633 यानी 43.9 प्रतिशत हादसे अन्य सड़कों पर हुए। बता दें कि सालाना आधार पर सड़क हादसों की संख्या में 11.9 प्रतिशत की वृद्धि हुई और उनसे होने वाली मृत्यु की दर 9.4 प्रतिशत बढ़ी।
हादसों में घायल होने वाले लोगों की संख्या में 15.3 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। सड़क हादसों में जान गंवाने वाले लोगों में एक बड़ी संख्या रोड सेफ्टी रुल का इस्तेमाल न करने वालों की है।
आपको जानकार हैरानी होगी कि सीट बेल्ट न पहनने की वजह से 16,715 लोगों की इन हादसों में मौत हो गई जिनमें से 8,384 लोग ड्राइवर थे जबकि बाकी 8,331 लोग वाहन में बैठे यात्री थे।
इसके अलावा 50,029 दोपहिया सवार भी हेलमेट न पहनने की वजह से इन हादसों में अपनी जान गंवा बैठे। साल 2022 में सड़क दुर्घटना का सबसे अधिक शिकार युवा वर्ग के लोग हुए हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक 18 से 45 वर्ष के आयु वर्ग के 66.5 लोग हादसों का शिकार हुए। सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौत में 18-60 वर्ष के कामकाजी आयु वर्ग के लोगों की संख्या 83.4 प्रतिशत थी।
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने 2024 तक देश में दुर्घटनाओं और उनसे होने वाली मौत की संख्या को आधा करने का लक्ष्य रखा है। लेकिन जो आंकड़े सामने आ रहे हैं वो चिंताजनक हैं।
सबसे अधिक तमिलनाडु में 64,105 सड़क दुर्घटनाएं हुईं, जबकि सड़क दुर्घटना में जान गंवाने वालों की संख्या उत्तर प्रदेश में सबसे अधिक 22,595 रही।
आपको बता दें कि सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की यह वार्षिक रिपोर्ट राज्यों/ केंद्र शासित प्रदेशों के पुलिस विभागों से प्राप्त डाटा/ जानकारी पर आधारित है।
यह जानकारी एशिया-प्रशांत सड़क दुर्घटना डेटा (एपीआरएडी) आधार परियोजना के तहत एशिया व प्रशांत क्षेत्र के लिए संयुक्त राष्ट्र आर्थिक एवं सामाजिक आयोग (यूएनईएससीएपी) द्वारा मानकीकृत प्रारूपों में जुटाई जाती है।





