Migrants Tricked Into Selling Off Cycles: प्रवासी मजदूरों को धोखा देकर उनकी साइकिल खरीदने की कोशिश
"अरे भाई! अपनी साइकिल 3,000 हजार रुपये में बेच दो, वरना आगे जाओगे तो पुलिस तुम्हारी साइकिल सीज कर देगी।" कुछ ऐसी ही सलाह धमकी भरे लहजे में प्रवासी मजदूरों को दी जा रही है। आपको बता दें कि ये प्रवासी मजदूर आंध्र प्रदेश बॉर्डर की ओर जा रहे हैं।

इस मजदूरों को यह धमकी भरी सलाह ग्रांड नॉर्थन ट्रंक (जीएनटी) रोड पर जाते हुए दी जा रही है। आपको बता दें कि कुछ लोग यहां पर इन प्रवासी मजदूरों की नई साइकिल खरीदने के लिए उनको यह विश्वास दिलाते हैं कि अगर वो यहां से आगे गए तो पुलिस उनकी साइकिल सीज कर देगी।

जानकारी के अनुसार ऐसा ही एक समूह जीएनटी रोड पर पंजेट्टी के पास झारखंड के प्रवासी मजदूरों के एक समूह के साथ सौदेबाजी करने की कोशिश कर रहा था। इस बात की जानकारी संजय महतो नाम के एक प्रवासी मजदूर ने दी है।
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इस मजदूर का कहना था कि "हमने बीते बुधवार को अपने गृह नगर पहुंचने के लिए 5,000 रुपये में साइकिल खरीदी थी। लेकिन एक व्यक्ति ने मुझे यहां रोक लिया और मेरी साइकिल 3,000 रुपये में खरीदने की बात कहने लगा।"

उसने आगे बताया कि "उस व्यक्ति का कहना था कि शोलावरम के उप-निरीक्षक हमारी साइकिलों को जब्त करने के लिए आ रहे हैं और वह चाहता है कि उनके आने से पहले ही हम अपनी साइकिल उसे बेच दें।" इस बीच तिरुवल्लुर जिला प्रशासन को इस घटना के बारे में पता चल गया और उन्होंने मजदूरों को बचा लिया है।

प्रशासन ने इस प्रवासी मजदूरों को पडियनल्लूर में बनाए गए शेल्टर हाउस में पहुंचा दिया है। इस बारे में एक अधिकारी का कहना है कि "हम इन मजदूरों को उनके गृह राज्य पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं, उन्हें जल्द ही उनके घर पहुंचा दिया जाएगा।"

पोन्नेरी के एएसपी पवन कुमार रेड्डी का इस बारे में कहना है कि "इन मजदूरों को अपनी साइकिल साथ ले जाने की अनुमति दी जाएगी। इसके साथ ही हाई-वे पर पुलिस टीम भी पेट्रोलिंग करती रहेगी, जिससे यह निश्चित किया जा सके कि मजदूर धोखाधड़ी का शिकार न हों।"
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