ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए ऑनलाइन मेडिकल सर्टिफिकेट होंगे मान्य, जानें नई प्रक्रिया
केंद्रीय परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ड्राइविंग लाइसेंस और इससे जुड़ी सभी प्रक्रियाओं को तेजी से ऑनलाइन कर रही है। कोरोना कल में लॉकडाउन के दौरान कई सेवाओं को ऑनलाइन कर दिया गया है। अब कुछ राज्यों ने ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने की प्रक्रिया में ऑनलाइन मेडिकल सर्टिफिकेट को मान्य कर दिया है। इस कदम से ड्राइविंग लाइसेंस के लिए फर्जी तरीके से बनाये जा रहे मेडिकल सर्टिफिकेट पर रोक लगेगी।

उत्तर प्रदेश के अपर परिवहन आयुक्त (आइटी) देवेंद्र कुमार ने समस्त सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन)/लाइसेंसिग प्राधिकारी ने पत्र जारी करते हुए अवगत कराया कि सारथी पोर्टल पर मेडिकल अफसरों के लागिन आइडी बनाई जाएं। साथ ही अधिकृत डॉक्टरों द्वारा ऑनलाइन जारी किए जाने वाले प्रमाणपत्रों के आधार पर ही ड्राइविंग लाइसेंस जारी करने कहा गया है।

उत्तर प्रदेश के अपर परिवहन आयुक्त (आइटी) देवेंद्र कुमार ने समस्त सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन)/लाइसेंसिग प्राधिकारी ने पत्र जारी करते हुए अवगत कराया कि सारथी पोर्टल पर मेडिकल अफसरों के लागिन आइडी बनाई जाएं। साथ ही अधिकृत डॉक्टरों द्वारा ऑनलाइन जारी किए जाने वाले प्रमाणपत्रों के आधार पर ही ड्राइविंग लाइसेंस जारी करने कहा गया है।

जीएसआर 240 ई द्वारा यथा संशोधित केंद्रीय मोटरयान नियमावली-1989 के अंतर्गत मेडिकल प्रमाण पत्र अनिवार्य रूप से फार्म-1ए में सारथी पोर्टल पर ही आनलाइन जारी किए जाने का प्रावधान है। ड्राइविंग लाइसेंस के आवेदक को मेडिकल प्रमाण पत्र के लिए आनलाइन आवेदन करना होगा। प्रत्येक चिकित्साधिकारी द्वारा मेडिकल प्रमाण पत्र जारी करने के लिए दस रुपये शुल्क लिया जाएगा।

बता दें कि देश के हर आरटीओ (RTO) के कामकाज को अब ऑनलाइन कर दिया गया है। परिवहन विभाग कोशिश कर रहा है कि लाइसेंस रिन्युअल, डुप्लीकेट लाइसेंस, एड्रेस चेंज और आरसी (RC) बनवाने के लिए लोगों को अब आना न पड़े। घर बैठे ही लोगों को ये डॉक्यूमेंट्स अपलोड करने की सुविधा मिले। ऑनलाइन सिस्टम के बाद सिर्फ ड्राइविंग टेस्ट और फिटनेस के लिए ही लोगों को आरटीओ आना होगा।

देश भर में 1 जुलाई से लर्निंग लाइसेंस बनवाने की प्रक्रिया को ऑनलाइन कर दिया गया है। अब सरकार द्वारा किसी भी प्रमाणित ड्राइविंग स्कूल से गाड़ी चलने की ट्रेनिंग लेने के बाद आरटीओ द्वारा ड्राइविंग लाइसेंस जारी किया जा रहा है।

गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ के बाद अब यूपी, एमपी, झारखंड, बिहार, राजस्थान और दिल्ली जैसे राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों ने भी ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए डॉक्टरों के द्वारा भेजे गए ऑनलाइन मेडिकल प्रमाणपत्र को ही मान्य करने पर विचार कर रही है।

इसके साथ ही लर्निंग लाइसेंस और गाड़ियों के पंजीयन के लिए नए नियमों को लागू कर दिया है। वहीं, कुछ राज्यों में अब सिर्फ ऑनलाइन ही आवेदन स्वीकार किए जा रहे हैं। धीरे-धीरे सभी राज्यों में यह पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन कर दी जाएगी।


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