ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने की प्रक्रिया हुई सरल, उम्र 40 से कम है तो नहीं देना होगा मेडिकल सर्टिफिकेट
ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने की प्रक्रिया अब और भी सरल हो गई है। दरअसल, सड़क एवं परिवहन मंत्रालय (MoRTH) ने सारथी परिवहन सेवा की वेबसाइट पर कुछ महत्वपूर्ण बदलाव किये हैं जो युवाओं के हित में हैं। नियमों में बदलाव के अनुसार अब ड्राइविंग लाइसेंस के लिए आवेदन देने वाले 40 साल या उससे कम उम्र के लोगों को मेडिकल प्रमाण पत्र नहीं देना होगा। अब ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के इक्षुक 40 साल से अधिक उम्र के लोगों को ही मेडिकल प्रमाण पत्र देने की जरूत होगी। नए नियम को लेकर केंद्र ने सारथी पोर्टल को अपडेट किया है।

40 साल से अधिक उम्र के लिए मेडिकल प्रमाण अनिवार्य
ड्राइविंग लाइसेंस के लिए आवेदन देते समय आवेदक को जन्म , पहचान और पते के प्रमाण के अलावा स्वास्थ्य का प्रमाण भी देना होता है। स्वास्थ्य प्रमाण पत्र (मेडिकल सर्टिफिकेट) बनवाने के लिए कुछ निर्धारित जांच के बाद डॉक्टर से अप्रूवल लेना पड़ता है। हालांकि, अब 40 साल या उससे कम उम्र के आवेदक के लिए यह प्रक्रिया समाप्त कर दी गई है। इसकी जगह अब आपको सेल्फ डेक्लरेशन देगा होगा। जिसमें आपको खुद प्रमाणित करना होगा की आप किसी भी प्रकार की गाड़ी चलाने के लिए पूरी तरह से स्वस्थ हैं।
हालांकि, 40 से अधिक उम्र वालों के लिए अब भी मेडिकल सर्टिफिकेट अनिवार्य है। रिन्यूअल के लिए भी आपको मेडिकल सर्टिफिकेट देना अनिवार्य है।

परिवहन विभाग ने सारथी सॉफ्टवेयर को किया अपग्रेड
केंद्र सरकार ने 40 से कम उम्र वालों के लिए लाइसेंस बनवाने में मेडिकल सर्टिफिकेट उपलब्ध कराने का प्रवाधान हटा दिया था। पर इसे सारथी पोर्टल पर लागू नहीं किया गया था। हाल ही में परिवहन विभाग ने सारथी सॉफ्टवेयर को अपडेट कर इसे पूरी तरह से हटा दिया है। वहीं 40 से अधिक उम्र के आवेदक के लिए यह सर्टिफिकेट पोर्टल पर उपलब्ध होगा, जिसे डाउनलोड कर आपको डॉक्टर से अप्रूव करवाना होगा।

केंद्र सरकार देश में परिवहन से जुड़ी अधिकतर सेवाओं को ऑनलाइन करने का प्रयास कर रही है। ट्रांसपोर्ट अथॉरिटीज की ज्यादातर सेवाएं अब ऑनलाइन शुरू की जा चुकी हैं। देश के हर आरटीओ के कामकाज को तकरीबन अब ऑनलाइन कर दिया गया है।

अब लर्निंग लाइसेंस, रिन्यूअल, डुप्लीकेट लाइसेंस, परमिट, अड्रेस चेंज और आरसी (RC) बनवाने जैसी कई सेवाओं को ऑनलाइन कर दिया गया है। ऑनलाइन सिस्टम के बाद अब लोगों को केवल ड्राइविंग टेस्ट और फिटनेस सर्टिफिकेट के लिए आरटीओ जाने की जरूरत है।

मेडिकल सर्टिफिकेट बनवाने की प्रक्रिया भी हुई ऑनलाइन
केंद्र ने ड्राइविंग लाइसेंस के लिए मेडिकल प्रमाण पत्र बनवाने की प्रक्रिया को भी ऑनलाइन कर दिया है। यह प्रक्रिया इसलिए ऑनलाइन की गई है ताकि फर्जी तरीके से बनवाए जा रहे प्रमाण पत्रों पर रोक लगाई जा सके। बता दें कि उत्तर प्रदेश में ड्राइविंग लाइसेंस के लिए मेडिकल प्रमाण पत्र की प्रक्रिया को ऑनलाइन किया गया है।

अब आवेदक को मेडिकल प्रमाण पत्र के लिए आनलाइन आवेदन करना होगा। चिकित्साधिकारी द्वारा प्रत्येक मेडिकल प्रमाण पत्र जारी करने के लिए दस रुपये शुल्क लिया जाएगा। इसके लिए सारथी पोर्टल पर मेडिकल अफसरों के ऑनलाइन लागिन आइडी बनाए जा रहे हैं। अधिकृत डॉक्टरों द्वारा ऑनलाइन प्रमाण पत्रों के आधार पर ही ड्राइविंग लाइसेंस जारी किया जाएगा है।


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