पिता ने बेटी के लिए बनाई यह अनोखी इलेक्ट्रिक बाइक, करती है सोशल डिस्टेंसिंग का पालन
कहते हैं कि आवश्यकता ही आविष्कार की जननी होती है। अगर हमारी जिंदगी में किसी चीज का अभाव होता है तो हम उस चीज को पूरा करने में लग जाते हैं। कुछ ऐसा ही कर दिखाया है त्रिपुरा के पार्था साहा ने। पार्था 39 वर्ष के हैं और एक टीवी की दुकान में मैकेनिक का काम करते हैं। कोरोना वायरस के संक्रमण से बचने के लिए पार्था ने एक ऐसा मोटरसाइकिल बनाया है जिसकी खूब तारीफ हो रही है।

दरअसल, देशभर में फैले कोरोना वायरस के संक्रमण के कारण लोगों में डर समाया हुआ है। लोग भीड़-भाड़ वाले इलाकों में जाने से परहेज कर रहे हैं। ऐसे में पार्था को भी अपनी 8 साल की बेटी को भीड़ भरी बस से स्कूल छोड़ना जोखिम भरा काम लग रहा था।

पार्था ने इस मुसीबत का तोड़ निकलते हुए एक ऐसी मोटरसाइकिल डिजाइन की है जिसमे सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए बेटी को स्कूल तक पहुंचा रहे हैं। इस बाइक में दो लोग बैठ सकते हैं और दोनों सीट की दूरी एक मीटर रखी गई है।
पार्था ने जब यह सुना कि लॉकडाउन 3 मई तक बढ़ा दिया गया है तब वह समझ गए की लॉकडाउन की यह कहानी जल्दी खत्म नहीं होने वाली है। उन्होंने यह फैसला किया की चाहे जो हो जाए वह अपनी बेटी को बस से स्कूल नहीं भेजेंगे।

तब उन्होंने देर नहीं की और अपनी आमदनी से बचाए गए पैसों से पुराने बाइक के पुर्जे खरीद लिए और बाइक डिजाइन करना शुरू कर दिया। यह बाइक एक इलेक्ट्रिक बाइक है जो बैटरी से चलती है। इसमें पुराने बाइक को बीच से अलग कर 1 मीटर (3.2 फीट) लंबा लोहे का रॉड जोड़ा गया है जिससे बाइक की लंबाई बढ़ गई है।

खास बात यह है कि यह बिक सिर्फ 3 घंटे में फुल चार्ज हो जाती है और एक बार चार्ज करने पर 80 किलोमीटर तक चल सकती है। बाइक की टॉप स्पीड 40 किमी/घंटा है और इसे एक बार चार्ज करने का खर्च 10 रुपये आता है।

जब वे इस बाइक को सड़क पर ले गए तो लोग इन्हे देखते ही रह गए। उनके इस आविष्कार की तारीफ खुद त्रिपुरा के मुख्यमंत्री बिप्लब कुमार देब भी कर चुके हैं। हाल ही में एक ऐसा वीडियो वायरल हुआ था जिसमे एक ई-रिक्शा चालक ने सोशल डिस्टेंसिंग की मिसाल देते हुए अपने रिक्शा में सवारियों के लिए चार कैबिन बना दिया था।


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