मैकडॉनल्ड्स कुकिंग आॅयल से चला रहा है अपनी डिलीवरी ट्रकें
दुनिया में आये दिन एक से बढ़कर एक अविष्कार होते रहते हैं जो कहीं न कहीं हमारी जिंदगी को आसान ही बनाते हैं। एक ऐसा ही अनुसंधान दुनिया की मशहूर फास्ट फुड निर्माता कंपनी मैकडॉनल्ड्स ने भी किया है।
दुनिया में आये दिन एक से बढ़कर एक अविष्कार होते रहते हैं जो कहीं न कहीं हमारी जिंदगी को आसान ही बनाते हैं। एक ऐसा ही अनुसंधान दुनिया की मशहूर फास्ट फुड निर्माता कंपनी मैकडॉनल्ड्स ने भी किया है। अब तक आपने पेट्रोल और डीजल से चलने वाली ट्रकों के बारे में सुना होगा लेकिन मैकडॉनल्ड्स ने एक नया ही कारनामा किया है। मैकडॉनल्ड्स ने अपने डिलीवरी वाले ट्रकों में खाने वाले तेल से बने बायोडीजल का प्रयोग करना शुरू कर दिया है।

आप सोच रहे होंगे कि, ये गैर मुल्क की बात होगी लेकिन ऐसा बिलकुल भी नहीं है। मैकडॉनल्ड्स ने ये शुरूआत देश की वाणिज्यीक नगरी मुंबई में की है। मैकडॉनल्ड्स ने मुंबई में अपने डिलीवरी ट्रकों को पॉवर सप्लाई करने के लिए रिसाइकल्ड कुकिंग आॅयल यानी की खाना बनाने वाले तेल का इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है। ये एक प्रकार का बायोडीजल है जो कि वाहनों में सफलतापूर्वक प्रयोग किया जा रहा है।

दरअसल मैकडॉनल्ड्स ने पिछले साल अपने इस पाइलट प्रोजेक्ट को शुरू किया था जो कि एक स्टोर से होते हुए मुंबई के 85 आॅउटलेट तक पहुंच गया। कंपनी द्वारा प्राप्त जानकारी के अनुसार मैकडॉनल्ड्स हर महीने 35,000 लीटर खाने वाले तेल का इस्तेमाल इस रिसाइकल्ड प्लान में कर रही है। वहीं कंपनी के इस प्रयोग से खासा मुनाफा भी दिख रहा है।

कंपनी द्वारा प्राप्त जानकारी के अनुसार मैकडॉनल्ड्स ने महज इसी महीने में लगभग 4,20,000 क्रूड आॅयल की बचत की है। इसके लिए कंपनी ने खास योजना बना रखी है। इसके तहत एक टीम तैयार की गई है जो कि सभी रेस्टूरेंट से बचे हुए कुकिंग आॅयल को इकट्ठा करता है। ये टीम एक समय अंतराल पर सभी आॅउटलेट्स पर पहुंचता है और बचा हुआ कुकिंग आॅयल इकट्ठा करता है। जिसे बाद में उस प्लांट में भेजा जाता है जहां पर इस कुकिंग आॅयल को बायोडीजल में बदला जाता है।

इसके लिए कंपनी ने एक और प्लांट बना रखा है जहां पर कुशल रिसर्च एंड डेवलेप्मेंट टीम की निगरानी में कुकिंग आॅयल को बायोडीजल में बदला जाता है। इस प्रक्रिया के लिए कंपनी ने कई बेहतरीन मशीनों को स्थापित कर रखा है। प्लांट में बायोडीजल के निर्माण के बाद एक और टीम इसे हर स्टोर पर पहुंचाती है जहां पर वो स्टोर इसे अपने रेफ्रिजरेटेड ट्रकों को पॉवर देने के लिए इसका इस्तेमाल करता है।

हम सभी जानते हैं कि, मैकडॉनल्ड्स दुनिया भर में अपने लजीज फास्ट फुड के लिए मशहूर है और थोड़े ही समय में भारतीय बाजार में भी ये काफी लोकप्रिय हो चुका है। हर रोज प्रत्येक आउटलेट पर भारी मात्रा में कुकिंग आॅयल बचता है। चूकिं हर रोज उत्पादों के निर्माण के बाद उनमें प्रयुक्त तेल को दुबारा प्रयोग में नहीं लाया जाता है। जिसके कारण वो बेकार हो जाते हैं लेकिन उन्हीं तेलों को बायोडीजल में तब्दील कर उनका बेहतर प्रयोग किया जा रहा है।

जिस तरह से कंपनी इसका प्रयोग कर रही है हर रोज भारी मात्रा में डीजल की खपत पर लगाम लग रही है। कंपनी की योजना बेहद ही सराहनीय है और अन्य कंपनियों को भी इस पर अमल करना चाहिए। इतना ही नहीं, वैज्ञानिकों का मानना है कि, कुकिंग आॅयल से बनने वाला बायोडीजल तकरीबन 75 प्रतिशत कम कॉर्बन का उत्सर्जन करता है जो कि पर्यावरण के लिए भी बेहद ही लाभकारी है।

कंपनी की योजना है कि, आगामी 4 वर्षों में वो अपने 450 से 500 स्टोर पर इस तरह की सुविधा शुरू कर देगी जिससे ज्यादा से ज्यादा क्रूड आॅयल की बचत की जा सके। कंपनी द्वारा जारी एक आंकड़े के अनुसार अब तक 15 लाख लीटर कुकिंग आॅयल को बायोडीजल में तब्दील किया जा चुका है। कंपनी का ये भी दावा है कि, ये प्रयोग तकरीबन 4,000 मीट्रिक टन कॉर्बन को कम करेगा जो कि 2 लाख पेड़ों द्वारा शोषित किये जाने वाले कॉर्बन के बराबर है।

मैकडॉनल्ड्स का ये प्रयोग बेशक सराहनीय है, और अन्य कंपनियों को भी इससे सीख लेनी चाहिए। ताकि कम से कम पेट्रोल और डीजल की खपत हो। हाल के दिनों में सरकार ने भी इस दिशा में कड़े कदम उठाये हैं। बता दें कि, जल्द ही सरकार कुछ राज्यों में विभागीय कार्यों के लिए प्रयोग में लाये जाने वाले वाहनों को रिप्लेस कर के उनकी जगह पर इलेक्ट्रिक व्हीकल्स को रखेगी। इस दिशा में दिल्ली और आंध्र प्रदेश में कवायद भी हो चुकी है।


Click it and Unblock the Notifications