इस शख्स़ ने खास तकनीक से Maruti Alto कार को बना दिया सेल्फ-ड्राइविंग कार, Redmi फोन से गाड़ी होती है ऑपरेट!
एक इंजीनियर ने AI टेक्वोलॉजी की मदद से ऑल्टो के 10 को सेल्फ ऑटो ड्राइविंग में बदल दिया। गाड़ी सेकेंड हैंड फोन के जरिए ऑपरेट की जा सकती है। इंजीनियर का यह प्रोजेक्ट तीन साल बाद बनकर तैयार हुआ है।
बता दें कि सेल्फ-ड्राइविंग कारें अभी तक भारत में पूरी तरह से चालू नहीं हुई हैं। हालांकि संयुक्त राज्य अमेरिका जैसे दुनिया के कुछ अग्रणी देशों में ऐसे वाहन उपयोग में आने लगे हैं।
दरअसल इस सेल्फ ड्राइविंग ऑल्टो K10 का वीडियो एक मनकरन नाम के शख्स ने एक्स पर शेयर की है। रिपोर्ट के मुताबिक मनकरन FlowDrive नामक एक कंपनी की संस्थापक भी हैं। यह कंपनी, ओपन-सोर्स 'ओपनपायलट' सेल्फ-ड्राइविंग एल्गोरिदम पर आधारित एक सॉफ्टवेयर पर काम करती है।
वीडियो में आप देख सकते हैं कि किस तरह रेडमी नोट 9 प्रो फोन पर स्थापित, यह फ्लोड्राइव सॉफ्टवेयर कार के ओबीडी पोर्ट के माध्यम से ऑल्टो K10 से जुड़ा है। मनकरन ने ऑल्टो में इलेक्ट्रिकली असिस्टेड स्टीयरिंग लगाया है।

Redmi Note 9 फ़ोन को ADAS फीचर की तरह लगाया है। वीडियो देखकर आप अंदाजा लगा सकते हैं किस प्रकार के 4-लेन राजमार्ग पर ऑल्टो K10 को सेल्फ स्टीयरिंग की मदद से परिचालन कर रहा है।
बता दें कि भारत की सड़को पर इस तरह की सेल्फ ड्राइविंग कार का परिचालन अवैध है। इसके लिए संबंधित अधिकारियों की अनुमति जरुरी है। आप इस तरह के प्रोटोटाइप प्रौद्योगिकियों का परीक्षण भी बिना अनुमति के नहीं कर सकते हैं।

वीडियो में आप देख सकते हैं कि इस कार परीक्षण बरसात के समय किया गया है। इस दौरान विजबिलिटी भी काफी कम है। रिपोर्ट के मुताबिक यह कारफ्लोड्राइव एल्गोरिदम Comma.ai के ओपनपायलट ओपन-सोर्स प्लेटफॉर्म पर आधारित है।
बता दें कि Comma.ai कंपनी ने इस तरह की ड्राइवरलेस कार के लिए यह तकनीक यूएसए में उपयोग करने के लिए बनाया था। कंपनी के संस्थापक जॉर्ज फ्रांसिस हॉट्ज़ का सेल्फ ड्राइविंग के प्रति एक अलग दृष्टिकोण था।

बता दें कि इस कंपनी के संस्थापक जॉर्ज फ्रांसिस हॉट्ज़ मुख्य रूप से हैकिंग प्रोफेशन थे और साइबर सिक्योरिटी आदि तकनीकी विशेषज्ञ के रुप में जाने जाते हैं। हालांकि Comma.ai स्टार्टअप के तहत, Hotz ने Open pilot सेल्फ-ड्राइविंग सॉफ़्टवेयर चलाने वाले Comma One शिपेबल डिवाइस की घोषणा की है।
यह तकनीक OBD-II पोर्ट के माध्यम से संगत कारों से कनेक्ट हो सकता है। हालांकि इस तकनीक को यूएसए में रद्द कर दिया गया क्योंकि यह एनएचटीएसए द्वारा निर्धारित सेल्फ ड्राइविंग मानदंडों को पूरा नहीं करता था।
वहीं भारत सरकार भी सक्रिय रूप से कार निर्माताओं को किसी भी प्रकार की सेल्फ ड्राइविंग के लिए प्रोत्साहित नहीं कर रही है। पिछले दिनों केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने साफ तौर पर सेल्फ ड्राइविंग के भारत आगमन से इनकार कर दिया है।
केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने साफ किया है कि, भारत में बिना ड्राइवर के चलने वाली यानी कि ड्राइवरलेस (Driverless) या ऑटोनॉमस (Autonomous) कारों को लॉन्च नहीं किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि मैं जब तक परिवहन मंत्री रहूंगा, तबतक मैं कभी भी ड्राइवरलेस कारों को भारत में आने की इजाजत नहीं दूंगा क्योंकि इससे कई ड्राइवरों की नौकरियां चली जाएंगी और मैं ऐसा नहीं होने दूंगा।'


Click it and Unblock the Notifications








