पत्नी को परीक्षा दिलाने के लिए स्कूटर से तय किया 1,200 किमी का सफर
अगर इंसान चाह ले तो कोई भी काम उसके लिए कठिन नहीं होता है। कुछ ऐसा ही मामला झारखंड में सामने आया है, जहां एक व्यक्ति ने अपनी गर्भवती पत्नी को परीक्षा दिलाने के लिए 1,200 किलोमीटर का सफर स्कूटर से तय किया है।

एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार वह व्यक्ति अपनी पत्नी को झारखंड से मध्य प्रदेश शिक्षक भर्ती परीक्षा दिलाने के लिए लाया था। जानकारी के अनुसार यह एक आदिवासी दंपति है, जहां उस व्यक्ति का नाम धनंजय कुमार है और उसकी पत्नी का नाम सोनी हेम्ब्रम है।

इस दंपत्ति ने झारखंड के गोड्डा जिले के गंटा टोला गाँव से सेंटर फॉर डीएड (डिप्लोमा इन एजुकेशन), ग्वालियर की यात्रा एक स्कूटर पर शुरू की थी। धनंजय अपनी पत्नी को एक स्कूल के शिक्षक के रूप देखना चाहता है और इसी इच्छा ने उसे इतनी लंबी और थकाऊ यात्रा के लिए प्रेरित किया।

धनंजय ने जहां चार राज्यों से होते हुए 1,200 किलोमीटर से ज्यादा की दूरी तय की है, वही इस दौरान इस दंपत्ति ने बारिश के साथ-साथ खराब सड़कों का भी सामना किया है। बता दें कि कोरोना वायरस की वजह से लगे लॉकडाउन के चलते ट्रेन और बसों का संचालन अभी भी पूरी तरह से सामान्य नहीं हुआ है।

इस परिस्थिति को देखते हुए ही इस दंपत्ति ने परीक्षा केंद्र तक जाने के लिए स्कूटर का सहारा लिया। धनंजय कुमार ने इस बारे में कहा कि "चूंकि ट्रेन, बसें और परिवहन के अन्य साधन उपलब्ध नहीं थे, इसलिए हमने अपनी यात्रा को अपने दोपहिया वाहन से पूरा करने का फैसला किया।"

उन्होंने कहा कि "मेरी पत्नी जो कि अभी गर्भवती है, वह शुरू में इस कठिन यात्रा के लिए तैयार नहीं थी। लेकिन मेरे इच्छा शक्ति और दृढ़ संकल्प को देखने के बाद वह इस लंबी यात्रा के लिए सहमत हो गई। अगर मैंने ग्वालियर आने के लिए टैक्सी किराए पर ली होती, तो इसकी कीमत करीब 30,000 रुपये होती।"

उन्होंने कहा कि "यह कीमत मेरे लिए बहुत ज्यादा है। हमारे पास जो भी छोटे-मोटे आभूषण हैं, उन्हें हमने 10,000 रुपये के लिए गिरवी रख दिया था। अब तक, हमने अपनी एक तरफ़ा यात्रा पर 5,000 रुपये खर्च किए हैं और एक कमरा किराए पर लिया है।"


Click it and Unblock the Notifications