360-सीटर प्लेन में मुंबई से दुबई ने इस व्यक्ति ने अकेले किया सफर, सिर्फ 18,000 रुपये आया खर्च
अगर आप किसी 360-सीटर प्लेन में अकेले सफर करें और खर्च आये सिर्फ 18,000 रुपये, तो आपको कैसा लगेगा? सुन के तो आपको भी यकीन ना हो, लेकिन ऐसा सच में हुआ है। दुबई के रहने वाले भावेश जवेरी ने मुंबई से दुबई बोईंग 777 एयरक्राफ्ट में अकेले सफर किया, यह दुबई के ट्रैवल प्रतिबंध की वजह से हो पाया है।

वैसे तो यह सुननें में सच नहीं लगता लेकिन ऐसा सच में हुआ है। भावेश जवेरी, दुबई के रहने वाले हैं जो कि बिजनेस के सिलसिले में मुंबई आते जाते रहते हैं और अब तक दुबई से मुंबई के बीच 240 फ्लाइट ले चुके हैं। उन्होंने कहा कि "अब तक मैं कई बार फ्लाइट चढ़ चुका है लेकिन यह अब तक का सबसे अच्छा था।"

जब भावेश अपने फ्लाइट पर जाने के लिए एयरपोर्ट के बोर्डिंग गेट पर पहुंचे तो उन्हें वहां पता चला कि इस फ्लाइट में सफर करने वाले वह अकेल यात्री होंगे। उन्होंने कहा, "मैंने जैसे ही प्लेन में कदम रखा सभी एयरहोस्टेस ने ताली बजा कर मेरा स्वागत किया। फ्लाइट के दौरान ने क्रू व कमांडर से भी बात की।"

उन्होंने बताया कि यह उनके लिए एक शानदार अनुभव था, वहीं प्लेन के कमांडर ने उन्हें पूरे प्लेन का टूर भी कराया। 18 उनका लकी नंबर है, ऐसे में उन्होंने जो सीट मिली वह उन्हें मिल गयी। उनका कहना है कि यह एक अनुभव नया था, जहां सामान्य फ्लाइट अनुभव के साथ एक पर्सनल टच भी मिल रहा था।

जैसे कि फ्लाइट के दौरान किसी भी घोषणा पर उनका नाम लिया जाता था। उन्होंने आगे बताया कि जैसे ही हम लैंड किये मैं आराम से फ्लाइट से निकला और आसानी से मुझे बैग मिल गया क्योकि वहां पर वह एक अकेली बैग थी। भावेश पिछले 20 साल से दुबई में रह रहे हैं।

यह हुआ कैसे?
दरअसल यह सब मुमकिन हो पाया यूएई के ट्रैवल नियम के चलते। यूएई के नए नियम के अनुसार वर्तमान में कोरोना के चलते सिर्फ यूएई के रहवासी, यूएई के गोल्डन वीजा धारक व राजनयिक काम से जुड़े लोग ही भारत से यूएई का सफर कर सकते हैं।

भावेश जवेरी एक गोल्डन वीजा धारका है और उन्होंने फ्लाइट के एक हफ्ते पहले एयरलाइन को कॉल करके सिर्फ 18,000 रुपये में इकॉनोमी क्लास का टिकट बुक कर लिया था। उन्होंने बताया कि वह आमतौर पर बिजनेस क्लास टिकट बुक करते हैं लेकिन फ्लाइट में सिर्फ कुछ यात्री होंगे तो क्यों ना इकॉनोमी क्लास की टिकट बुक की जाए।

वह जब एयरपोर्ट पहुंचे तो उन्हें एंट्री नहीं दी गयी क्योकि उनके टिकट पर तारीख नहीं लिखी हुई थी। इसके बाद जब भावेश ने एमिरेट्स को कॉल किया तो पता चला कि EK501 के स्टाफ उसका इंतजार कर रहे हैं क्योकि वह अकेले पैसेंजर है। वह करते हैं कि मैं बहुत खुश था।

इस पर एक अधिकारी ने बताया कि फ्लाइट दुबई से मुंबई पैसेंजर लेकर आई थी, ऐसे में बिना पैसेंजर के भी उन्हें वापस जाना ही था। बतातें चले कि इस फ्लाइट के लिए करीब 17 टन फ्यूल खर्च होता है जिसकी कीमत करीब 8 लाख रुपये है।


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