प्रेग्नेंट पत्नी को वापस लाने के लिये पति ने किया 4000 किलोमीटर का सफर
किसी को कहा जाएं कि लॉकडाउन के दौरान 4000 किलोमीटर का सफर करना है तो शायद ही कोई राजी होने वाला है। लेकिन कई लोगों को मजबूरी में ऐसा करना पड़ता है, हाल ही में केरल के एक व्यक्ति ने अपनी प्रेग्नेंट पत्नी को वापस लाने के लिए 4000 किलोमीटर का सफर तय किया है।

लॉकडाउन के दौरान इस तरह का लंबा सफर किसी के लिए भी संकट से कम नहीं हो सकता है लेकिन केरल के जुबिल राजन पी देव को केरल से गुजरात का सफर तय करना पड़ा, वह अपनी प्रेग्नेंट पत्नी को वापस केरल लाने के लिए वहां गए हुए थे।

दरअसल उनकी पत्नी रिया लॉकडाउन के समय अपने माता-पिता के पास अहमदाबाद में थी, उस दौरान वह सात महीने की गर्भवती थी। इसलिए उनके परिवार ने गुजरात में ही डिलीवरी करानी सही समझी, लेकिन दिन-ब-दिन अहमदाबाद में कोरोना के केसव बढ़ने लगे थे।

ऐसे में जुबिन व उनकी पत्नी को उतनी ताकत नहीं थी कि वह उस शहर में रहे या अपने होने वाले बच्चे की डिलीवरी उस शहर में कराये। उन्होंने बताया कि मेरे पास डरने या हिचकिचाने का कोई विकल्प नहीं था। मेरे पास अहमदाबाद जाकर अपनी प्रेग्नेंट पत्नी को वापस केरल लाने के अलावा कोई चारा नहीं था।

जुबिल ने आगे बताया कि मैं रिया को वापस लाना चाहता था लेकिन सभी ट्रेन कैंसल हो चुके थे तथा कार से लाना असुरक्षित था। साथ ही सफर को अचानक से रोक नहीं सकते थे। इसलिए उन्होंने कारवां से रिया को वापस लाने का उपाय लगाया।

सोने की जगह व बाथरूम की वजह से कारवां इतने लंबे सफर के लिए एक उपयुक्त वाहन था। इसके बाद जुबिल ने कई कारवां वालों से बात की लेकिन कई लोगों ने अंतरराज्यीय सफर होने की वजह से मना कर दिया है लेकिन जयराम ने उनकी मदद की और अपना कारवां इस सफर के लिए दे दिया।

इस सफर में जुबिल अपने दोस्त रॉय अंटोनी के साथ निकल पड़े थे। कुछ ही समय में वह बैंगलोर पहुँच गये जहन रिया की सहेली व उनके पति ने उन्हें खाना वगैरह दिया। हालांकि सफर के दौरान कई मुश्किलें भी आई, मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर उन्हें पता चला कि रेडियेटर लीक हो रहा है।

जब वह रिपेयर कराने पहुंचे तो उस दौरान कारवां स्कूटर से टकरा गयी। इसके बाद रास्ते में उनकी कई लोगों ने मदद की तथा वह चार दिन के सफर के बाद अहमदाबाद पहुंचे। वापस आने के दौरान रिया के साथ उनके माता-पिता भी साथ आये।

वापसी के दौरना उन्होंने कई जगह रुक कर खाना बनाया और प्रेग्नेंट रिया को देखकर कई लोगों ने कारवाँ को चार्ज करने में मदद भी की। रिया व जुबिल ने अपने इस सफर को यादगार बताया तथा अपने होने वाले बच्चे को यह कहानी सुनानी की बात कही है।
Source: Onmanorama


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