एसयूवी में कराया बदलाव तो मिली 6 महीने जेल की सजा, क्या आप भी कर रहे हैं ऐसी भूल?
महिंद्रा थार के एक मालिक को कार में बदलाव करवाना भारी पड़ा। आदिल फारूक भट जो कि कश्मीर में रहते हैं उन्हें इसके लिए 6 महीने की जेल की सजा का सामना करना पड़ा।
श्रीनगर में एक ट्रैफिक कोर्ट ने महिंद्रा थार के मालिक के खिलाफ यह फैसला सुनाया और श्रीनगर के आरटीओ को थार में किए सभी बदलाव को ठीक करने के निर्देश दिए हैं। अदालत ने अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, यातायात (जम्मू-कश्मीर) को उन लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का भी आदेश दिया, जिन्होंने कानून के उल्लंघन में वाहनों को संशोधित किया है।

आने वाले दिनों में, कश्मीर में यातायात पुलिस अधिकारी राज्य में संशोधित वाहनों के खिलाफ एक नई कार्रवाई शुरू कर सकते हैं। श्रीनगर के एडिशनल स्पेशल मोबाइल मजिस्ट्रेट (ट्रैफिक), शब्बीर अहमद मलिक ने महिंद्रा थार के मालिक आदिल फारूक भट के खिलाफ अपने फैसले में कहा, कि चूंकि अपराध नैतिक रूप से गलत नहीं है और नियम तोड़ने वाला इंसान पहले दोषी नहीं ठहराया गया है इसलिए आरोपी को दो साल की अवधि के लिए शांति और अच्छा व्यवहार रखने के लिए 2 लाख रुपये का बांड भरने का निर्देश दिया जाता है।
श्रीनगर में आरटीओ कश्मीर को कार के सायरन को हटाने और मोटर वाहन अधिनियम के प्रावधानों और उसके तहत बनाए गए नियमों के उल्लंघन में किए गए सभी संशोधनों को हटाने और पंजीकरण प्रमाणपत्र में थार को उसकी मूल स्थिति में बहाल करने का निर्देश दिया है।

मोटर वाहन अधिनियम की धारा 52 के अनुसार, मोटर वाहन अधिनियम के प्रावधानों के उल्लंघन में और संबंधित प्राधिकरण से अनुमति के बिना किसी भी मोटर वाहन को उसकी मूल स्थिति से संशोधित या परिवर्तित नहीं किया जा सकता है।
मॉडिफाइड महिंद्रा थार के मालिक श्री आदिल फारूक भट को जेल नहीं जाना पड़ेगा। उसे रुपये का बांड भरना होगा। 2 लाख रुपये का बॉन्ड भरना होगा और दो साल के लिए परिवीक्षा के तहत रखा जाएगा। प्रोबेशन के तहत भट को 'शांति और अच्छा व्यवहार' रखना होगा, जिसके बाद उन्हें मामले से पूरी तरह से छुट्टी मिल जाएगी।

अदालत ने श्री भट को जेल नहीं भेजा क्योंकि उनके नाम के खिलाफ पहले कोई दोष सिद्ध नहीं हुआ था। यदि वह भविष्य में इसी तरह का उल्लंघन करता है तो अदालत उसके पिछले रिकॉर्ड को देखते हुए उसे जेल भेज सकती है।
मोटर वाहन अधिनियम के अनुसार भारत में लगभग हर कार का संशोधन अवैध है। उसमें यदि आप अलग से कोई हेडलाइट लगते हैं तो यह भी गैरकानूनी होता है और ऐसा करने पर वाहन को जब्त भी किया जा सकता हैं और मालिक को जेल हो सकती है। हालांकि, सीएनजी/एलपीजी किट लगाने और वाहन को अलग रंग में पेंट करने जैसे कुछ बदलाव कानूनी हैं।


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