स्कॉर्पियो का एयरबैग नहीं खुलने पर आंनद महिंद्रा पर दर्ज कराया FIR, अब कंपनी ने दिया बड़ा बयान
यूपी के कानपुर में हाल ही में एक व्यक्ति ने महिंद्रा एंड महिंद्रा के अध्यक्ष आनंद महिंद्रा और कंपनी के 12 कर्मचारियों के खिलाफ स्कॉर्पियो में एयरबैग नहीं देने को लेकर धोखाधड़ी का मामला दर्ज कराया था।
जिसके बाद से स्कॉर्पियो के चाहने वालों के बीच ये सवाल चर्चा का विषय बना हुआ है। इस मामले में अब जाकर कंपनी ने चुप्पी तोड़ते हुए बयान जारी कर कहा कि "संबंधित घटना 18 महीने से अधिक पुरानी है।"

यह घटना जनवरी 2022 में रिपोर्ट की गई थी। स्कॉर्पियो में एयरबैग नहीं होने के आरोपों पर कंपनी ने कहा, "हम स्पष्ट रूप से बताना चाहेंगे कि 2020 में निर्मित स्कॉर्पियो S9 वैरिएंट में एयरबैग थे।"
महिंद्रा एंड महिंद्रा ने मामले की जांच की और पाया कि एयरबैग में कोई खराबी नहीं थी। साथ ही कंपनी ने अपने बयान में आगे कहा कि, "यह एक रोलओवर केस था, जिसके चलते फ्रंट एयरबैग डिप्लॉय नहीं होता है।
इस घटना के संबंध महिंद्रा एंड महिंद्रा ने अक्टूबर 2022 में विस्तृत तकनीकी जांच की थी।" बता दें कि रोलओवर एक्सीडेंट का ही एक टाइप होता है। इस तरह की दुर्घटना में वाहन आमतौर किसी ऑब्जेक्ट या अन्य वाहन से टकराकर रोड पर रोल करती हुई कुछ दूर तक जाती है।
हालांकि महिंद्रा कंपनी ने कहा कि यह मामला अभी विचाराधीन है, और "वह आगे किसी भी तरह की जांच के लिए अधिकारियों के साथ सहयोग करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।"
ये है पूरा मामला: दरअसल कानपुर निवासी राजेश मिश्रा ने पिछले दिनों महिंद्रा कंपनी के खिलाफ FIR दर्ज कराई थी। जिसमें उन्होंने कहा कि मैनें साल 2020 में 17.39 लाख रुपये की महिंद्रा स्कॉर्पियो अपने बेटे अपूर्व को गिफ्ट की थी।
जिसके बाद 14 जनवरी, 2022 को अपूर्व की गाड़ी कोहरे के कारण डिवाइडर से टकरा गई और इस दुर्घटना में उसकी मौत हो गई। इस घटना को लेकर उन्होंने आरोप लगाया है कि स्कॉर्पियो कार में एयरबैग नहीं थे, जिसके कारण उनके बेटी की मौत हुई।


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