Maharashtra Governor Delays Buying New Car: महाराष्ट्र के राज्पाल ने नई कार खरीदने की योजना टाली
कोरोना वायरस ने कई देशों की अर्थव्यवस्था को भारी नुकसान पहुंचाया है। देश में कई राज्य सरकारों ने सरकारी खर्च पर कटौती करना शुरु कर दिया है। इसी बीच महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने राजभवन के खर्चों में कमी करने के लिए अपने नए आधिकारिक वाहन को खरीदने से मना कर दिया है। इसके साथ ही राज्यपाल ने राजभवन में चल रहे नए निर्माण और मरम्मती के कार्य को भी रोक दिया है।

राज्यपाल ने महाराष्ट्र सरकार से राजभवन में नई नियुक्ति नहीं करने और वीवीआईपी को उपहार भेंट करने की भी परंपरा को समाप्त करने का निर्देश दिया है। वर्तमान में, महाराष्ट्र के राज्यपाल की आधिकारिक कार मर्सिडीज-बेंज ई-क्लास ई 350 सीडीआई है।

विवरण के अनुसार वाहन का पंजीकरण 2014 में किया गया था। आम तौर पर राजनेतओं द्वारा इस्तेमाल किये जाने वाले वाहनों को बख्तरबंद किया जाता है, लेकिन इस कार को राजभवन में शामिल करने के काफी समय बाद बख्तरबंद किया गया था।

यह कार महाराष्ट्र के आखरी राज्यपाल ने भी इसी कार का इस्तेमाल किया था और अब मौजूदा गवर्नर जो सितंबर 2019 में इस पद के लिए चुने गए थे, अगले नोटिस तक इसी मर्सिडीज-बेंज का इस्तेमाल करते रहेंगे।

इस बात की जानकारी नहीं है कि राज्यपाल के लिए अगली कार कौन सी होती, लेकिन नियमों के अनुसार महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री, राज्यपाल, डिप्टी सीएम, मुख्य न्यायाधीश और लोकायुक्त अपनी पसंद की कार पर जितना चाहें खर्च कर सकते हैं। उनके वाहनों पर कोई मौद्रिक सीमा नहीं है।

उत्तर प्रदेश सरकार ने भी वित्त वर्ष 2020-21 के लिए सरकारी अधिकारीयों को कोई भी नया आधिकारिक वाहन नहीं खरीदने का आदेश जारी किया है। इसके साथ ही मंत्रियों को सरकारी खर्च में कटौती करने के लिए यात्रा कम करने और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये समाधान निकलने का आदेश दिया है।

यदि यात्रा अनिवार्य है तो अधिकारियों को कार्यकारी वर्ग और व्यापार वर्ग की यात्रा पर प्रतिबंध लगाते हुए, इकोनोमी वर्ग का लाभ उठाने के लिए कहा गया है। अधिकारियों को सम्मेलनों, सेमिनारों और बैठकों के लिए लक्जरी होटल का उपयोग करने के बजाए सरकारी भवनों का उपयोग करने के लिए कहा गया है।


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