मध्य प्रदेश ट्रांसपोर्ट विभाग ने महिलाओं के लिए शुरू किया मुफ्त ड्राइविंग प्रशिक्षण
महिलाओं को सशक्त बनाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने में मदद करने के कदम के रूप में, मध्य प्रदेश परिवहन विभाग राज्य भर की 50 महिलाओं को मुफ्त पेशेवर ड्राइविंग प्रशिक्षण प्रदान कर रहा है। मध्य प्रदेश परिवहन आयुक्त द्वारा महिलाओं को ड्राइविंग कौशल से लैस करने की योजना बनाई गई है जिसमे महिलाओं को सार्वजनिक परिवहन में इस्तेमाल होने वाले वाहनों को चलाने की ट्रेनिंग दी जा रही है।

महिलाओं के लिए विशेष रूप से चलाए जा रहे ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर में करीब 50 महिलाओं को ट्रेनिंग दी जा रही है। महिलाओं को ड्राइविंग सिखाने के अलावा वाहन को रिपेयर करने और ट्रैफिक नियमों का सही पालन करने का प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है।

महिलाओं को चारपहिया वाहन चलाने की ट्रेनिंग देने के पीछे का मकसद उन्हें रोजगार उपलब्ध कराना और आत्मनिर्भर बनाना है। ड्राइविंग में दक्ष महिलाएं सरकारी वाहन को चलाने के अलावा प्राइवेट सेक्टर के नौकरियों की लिए भी आवेदन दे सकती हैं।

महिलाओं को एक महीने तक मुफ्त में ड्राइविंग की ट्रेनिंग देने के बाद उन्हें लर्नर लाइसेंस उपलब्ध किया जाएगा जिससे वह ड्राइविंग लाइसेंस लेने के योग्य हो जाएंगी।

ट्रेनिंग प्रोग्राम कई विधवा महिलाएं भी भाग ले रही हैं। उनका मानना है कि ड्राइविंग सीखकर वे ड्राइवर की नौकरी हासिल कर सकती हैं। ट्रेनिंग लेने वाली 50 महिलाएं, इंदौर, झबुआ, रतलाम, ग्वालियर और छिंदवाड़ा जैसे शहरों से हैं।

इन महिलाओं की रहने की व्यवस्था हॉस्टल में की गई है और रहने का खर्च परिवहन विभाग उठा रहा है। ड्राइविंग ट्रेनिंग में कई ऐसी महिलाओं ने भी भाग लिया है जो पहले ई-रिक्शा चलती थीं। उनका कहना है कि कार चलाना सीख कर उन्हें अच्छी नौकरी का अवसर मिल सकता है।

ट्रेनिंग में महिलाओं को ट्रैफिक नियम और वाहन से जुड़े कुछ तकनीकी पहलुओं से अवगत कराया जाता है। जिसके बाद उन्हें फोर-व्हीलर और भारी वाहन चलाना सिखाया जाता है।
तस्वीरें सांकेतिक है.


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