सिग्नल पर रोका तो ट्रैफिक कॉन्स्टेबल पर चढ़ाई गाड़ी - वीडियो
वैसे तो ट्रैफिक वाले घूस खाने के लिए बदनाम है लेकिन जब कई लोग अपना काम इमानदारी से करने की कोशिश करते हैं तो उनपर आफत आ जाती है। ऐसा ही एक वीडियो हरियाणा के गुरुग्राम से आया है।
वैसे तो ट्रैफिक वाले घूस खाने के लिए बदनाम है लेकिन जब कई लोग अपना काम इमानदारी से करने की कोशिश करते हैं तो उनपर आफत आ जाती है। ऐसा ही एक वीडियो हरियाणा के गुरुग्राम से आया है। एक ट्रैफिक वाला रॉन्ग साइड में ड्राइव करने वाले को रोकने और कागज दिखाने को कहता है तो वो उसपर गाड़ी चढ़ा देता है।

ANI के मुताबिक़, ये वाक्या सिग्नेचर टावर चौक के पास बुधवार को हुआ। वीडियो में देखा जा सकता है कि किस तरह ट्रैफिक कॉन्सटेबल इकोस्पोर्ट वाले को रोकता है और उससे गाड़ी के कागज दिखाने को कहता है। इकोस्पोर्ट वाला ड्राइव कहता है कि उसके पास कागज नहीं है और वो किसी को फोन लगाता है और कॉन्स्टेबल को उससे बात करने को कहता है। लेकिन ट्रैफिक कॉन्स्टेबल फोन लेने और बात करने से मना कर देता है।

इकोस्पोर्ट पर पुलिस का स्टीकर भी लगा होता है और जब ट्रैफिक कॉन्स्टेबल पुछता है कि ये क्यों लगा है तो इकोस्पोर्ट वाला कहता है कि ये उसके चाचा की गाड़ी है वो दिल्ली पुलिस में काम करते हैं। हालांकि इसके बावजूद जब ट्रैफिक वाला उसका चालान करने लगता है तो ड्राइवर कार में बैठता है और वहां से भाग निकलने की कोशिश करता है। फिर ट्रैफिक पोलिस वाला उसके सामने आता है और उसे रोकने की कोशिश करता है, लेकिन वो रोकता नहीं है।

जब इकोस्पोर्ट वाला गाड़ी नहीं रोकता है तो ट्रैफिक कॉन्स्टेबल कार के एकदम बोनट के पास आ जाता है। लेकिन कार वाला सीधे कॉन्सेटेबल के ऊपर से गाड़ी चढ़ाने की कोशिश करता है। गाड़ी के नीचे आने और अपनी जान बचाने के लिए ट्रैफिक वाला इकोस्पोर्ट के बोनट पर चढ़ जाता है। लेकिन फिर भी ड्राइवर नहीं रूकता है और बोनट पर लटके ट्रैफिक कॉन्स्टेबल को लेकर ही गाड़ी दौड़ाने लगता है। लेकिन थोड़ी दुर जाने पर पीछे वाला गाड़ी आता है और उसे काटते हुए गाड़ी इकोस्पोर्ट के आगे लगा देता है। तब जाके इकोस्पोर्ट वाला कहीं रूकता है और कॉन्स्टेबल गाड़ी से नीचे उतरता है।

इस घटना के बाद पुलिस ड्राइवर की गाड़ी को तुरंत जप्त कर लिया गया और ड्राइवर पर केस दर्ज करके उसे भी कस्टडी में ले लिया गया। इस वाक्ये से समझा जा सकता है कि भारत ट्रैफिक नियमों के पालन करने में क्यों बदनाम है। शहरों में तो थोड़ा बहुत लोग ट्रैफिक नियमों का पालन करते हैं लेकिन ग्रामिण इलाकों में तो कोई पुछने वाला भी नहीं होता।

हालांकि कई शहर के पुलिस वाले नियमों को काफी सख्त भी बना रहे हैं। ताजा उदाहरण अहमदाबाद का है। अहमदाबाद पुलिस ने अब इतना सख्त नियम बनाया है कि कोई व्यक्ति ट्रैफिक नियम तोड़ने से पहले दस बार सोचेगा। जी हां, अहमदाबाद ट्रैफिक पुलिस ने ऐसा नियम बनाया है कि दो बार रॉन्ग साइड ड्राइविंग करते हुए पकड़े जाने पर ड्राइवर को ब्लैक लिस्ट कर दिया जाएगा और कानूनी तौर पर वो सड़क पर गाड़ी नहीं चला सकेगा।

पुलिस के नए नियम के मुताबिक रॉन्ग साइड ड्राइविंग करते हुए पकड़े जाने पर पहली बार FIR दर्ज होगा और गाड़ा का पेपर स्थानिय आरटीओ को भेज दिया जाएगा। उसके बाद ड्राइवर का लाइसेंस भी 3 से 6 महिने के लिए सस्पेंड कर दिया जाएगा। यदि वही ड्राइवर फिर से अर्थात रॉन्ग साइड ड्राइविंग करते हुए पकड़ा जाएगा तो उसका लाइसेंस हमेशा के लिए रद्द कर दिया जाएगा और आरटीओ से उसे ब्लैक लिस्ट करने की मांग की जाएगी।

TOI से बात करते हुए अहमदाबाद जिला ट्रैफिक पुलिस कमिश्नर (पश्चिम) संजय खराट ने कहा, "इसके पहले अगर नियम तोड़ने वाले को पांचवी बार नियम तोड़ते हुए पकड़ा जाता, तो उसका लाइसेंस रद्द कर दिया जाता था। लेकिन, नए ट्रैफिक नियम के साथ, ट्रैफिक पुलिस केवल दूसरी बार की नियम तोड़ने पर पकड़े जाते हुए पुलिस आरटीओ को लाइसेंस रद्द करने की अनुशंसा कर सकती है।"
डीसीपी संजय खराट ने आगे कहा कि अहमदाबाद आरटीओ ने मंगलवार को 7 लोगों के ड्राइविंग लाइसेंस रद्द किये हैं और शहर की ट्रैफिक पुलिस इस मुहीम पर और जोर-शोर से कम करने वाली है।

अहमदाबाद ट्रैफिक पुलिस की इस मुहिम को निश्चित ही सराहना चाहिए और उम्मीद है कि देश में अन्य राज्य भी ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों के लिए कड़ी सजा का प्रावधान करेंगे। दरअसल रॉन्ग साइड ड्राइविंग बेहद ही खतरनाक होता है। इसमें दुर्घटना की सबसे ज्यादा संभावना होती है। भारत में न जाने कितनी ही मौतें सिर्फ रॉन्ग साइड ड्राइविंग के कारण होती हैं।

वैसे हाल के दिनों में भारतीय ट्रांसपोर्ट मंत्रालय ने रोड सेफ्टी को लेकर कई कैंपेन चालएं है जिसमें बड़े-बड़े फिल्मस्टार सहीत कई लोगों ने प्रचार किया है। इसके अलावा ट्रैफिक नियमों को तोड़ने पर लगने वाले फाइन और दंड को भी काफी कड़ा किया गया है। इन सबके बावजूद सड़क दुर्धटनाओं में मरने और घायल होनेवाली घटनाओं के जो आंकड़े आए हैं वो चौंका देनेवाले हैं।
हालांकि सड़क दुर्घटनाएं केवल ट्रैफिक नियमों तोड़ने के कारण ही नहीं होती। इसमें कई बार सरकार और संबंधित अथॉरिटी की भी नाकामियां होती हैं। हाल ही में एक आंकड़ा आया था जिसके अनुसार अब तक 14,926 लोगों की मौत गड्ढायुक्त सड़कों की वजह से हुई है। ये मामला कोर्ट में भी गया था और जब जजों ने इसे देखा तो वे भी हैरान रह गए थे कि इतनी मौंतें सिर्फ गड्ढायुक्त सड़कों की वजह से हुई है।


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