स्कूटर के साथ कुत्ते को दौड़ाना पड़ा भारी, लखनऊ के इस वायरल वीडियो ने मचाया हड़कंप
लखनऊ से एक हैरान करने वाला वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक शख्स स्कूटर चलाते हुए अपने पालतू कुत्ते को टहलाता नजर आ रहा है। वीडियो में देखा जा सकता है कि बेजुबान कुत्ता स्कूटर की रफ्तार के साथ तालमेल बिठाने के लिए सड़क पर तेजी से दौड़ने को मजबूर है। यह खतरनाक वाकया हाल ही में जनेश्वर मिश्र पार्क के पास हुआ है। इस वीडियो के सामने आने के बाद लोग स्कूटर सवार के खिलाफ सख्त पुलिस कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
वीडियो के इंटरनेट पर सुर्खियां बटोरने के बाद लखनऊ ट्रैफिक पुलिस भी तुरंत एक्शन में आ गई है। पुलिस अब सीसीटीवी फुटेज की मदद से स्कूटर के रजिस्ट्रेशन नंबर की पहचान करने में जुटी है। अधिकारियों का कहना है कि यह स्टंट ट्रैफिक सुरक्षा नियमों का सीधा उल्लंघन है। इससे न केवल पालतू जानवर की जान को खतरा है, बल्कि सड़क पर चल रहे अन्य राहगीरों के लिए भी यह बेहद जोखिम भरा है। भारतीय कानूनों के तहत ऐसी लापरवाही पर भारी जुर्माने का प्रावधान है।

लखनऊ स्कूटर वायरल वीडियो: ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन और पुलिस का एक्शन
मोटर वाहन अधिनियम (MVA) के तहत, इस तरह की हरकत 'खतरनाक ड्राइविंग' की श्रेणी में आती है। सड़क पर सार्वजनिक सुरक्षा को खतरे में डालने के लिए राइडर पर गंभीर कानूनी कार्रवाई हो सकती है। हाथ में कुत्ते का पट्टा होने की वजह से ड्राइवर का वाहन पर पूरा नियंत्रण नहीं रहता, जिससे किसी भी वक्त बड़ा हादसा हो सकता है। इस उल्लंघन के लिए भारी चालान काटने के साथ-साथ प्रशासन वाहन को जब्त भी कर सकता है। ऐसी छोटी सी लापरवाही सड़क पर हादसों की एक लंबी चेन शुरू कर सकती है।
| उल्लंघन का प्रकार | कानूनी कार्रवाई |
|---|---|
| खतरनाक ड्राइविंग | MVA चालान |
| पशु क्रूरता/कल्याण | पुलिस शिकायत |
| पब्लिक न्यूसेंस | वाहन की जब्ती |
पेट्स के साथ सफर करने वाले ध्यान दें: सुरक्षा के लिए अपनाएं ये तरीके
पालतू जानवरों के साथ सुरक्षित सफर के लिए मालिकों को पेट कैरियर या हार्नेस का इस्तेमाल करना चाहिए। ये एक्सेसरीज यात्रा के दौरान जानवर को वाहन के भीतर सुरक्षित रखती हैं। ट्रैफिक के बीच चलते स्कूटर से कुत्ते को पट्टे के सहारे बांधकर दौड़ाना न केवल खतरनाक है, बल्कि यह जानवर के साथ क्रूरता भी है, जिससे वह बुरी तरह थक सकता है। बड़े पालतू जानवरों को एक जगह से दूसरी जगह ले जाने के लिए कार ही सबसे सुरक्षित माध्यम है।
सड़क सुरक्षा का मतलब हर जीवित प्राणी के प्रति जिम्मेदारी और सावधानी बरतना है। लखनऊ की यह घटना सभी पेट ओनर्स के लिए एक 'वेक-अप कॉल' की तरह है। कानूनी पचड़ों और दुर्घटनाओं से बचने के लिए ट्रैफिक नियमों का पालन करना अनिवार्य है। अपने प्यारे बेजुबान साथियों की सुरक्षा के लिए हमेशा सुरक्षित ट्रांसपोर्ट का ही चुनाव करें। भविष्य में ऐसी जोखिम भरी घटनाओं को रोकने के लिए जन-जागरूकता सबसे जरूरी है।


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