‘कचौड़ी’ लेने के लिए रेलवे क्रॉसिंग पर लोको पायलट ने रोक दी ट्रेन और फिर हुआ कुछ ऐसा
राजस्थान में बहुत ही हैरान करने वाली घटना सामने आई है, जिसके बारे में जानकर जहां एक ओर कुछ लोग हंस रहे हैं, तो वहीं कुछ लोग इस घटना को अंजाम देने वाले व्यक्ति प्रति नाराजगी जाहिर कर रहे हैं। आपको बता दें कि यह घटना राजस्थान राज्य की है, जहां एक ट्रेन चालक ने 'कचौरी' का पैकेट लेने के लिए ट्रेन को ही रोक दिया। चालक ने ट्रेन को राजस्थान के अलवर क्रॉसिंग पर रोका था।

इस घटना का एक वीडियो भी इंटरनेट पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में देखा सकता है कि एक शख्स खतरनाक तरीके से रेलवे ट्रैक के पास खड़ा है। तभी इस वीडियो में ट्रेन का हॉर्न सुनाई देता है और जल्द ही ट्रेन भी कैमरा के फ्रेम में नजर आने लगती है।

ट्रेन का चालक उस व्यक्ति के पास आकर ट्रेन को पूरी तरह से रोक देता है, जिसके बाद वह व्यक्ति एक पैकेट ड्राइवर को पकड़ाता है और फिर ट्रेन वहां से दोबारा चल देती है। हालांकि वीडियो के वायरल होने के बाद इस पर जयपुर के मंडल रेल प्रबंधक या डीआरएम का ध्यान गया।

इस पूरी घटना को लेकर एक जांच शुरू हो गई है और साथ ही पांच कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया है। इनमें एक प्रशिक्षक, दो लोको-पायलट और दो गेटमैन भी शामिल हैं। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद अंतिम कार्रवाई की जाएगी।

राजस्थान के स्थानीय हिंदी अखबारों ने इस मुद्दे को काफी सक्रियता से उठाया और लिखा कि हर दिन सुबह करीब 8 बजे क्रॉसिंग बंद कर दी जाती है, ताकि कचौरी ट्रेन तक पहुंचाई जा सके। आमतौर पर यह भीड़-भाड़ वाला समय होता है, जिससे यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है।

अलवर स्टेशन के अधीक्षक, RL Meena ने कहा कि "लोको पायलट अपनी मर्जी से इंजन या ट्रेन को नहीं रोक सकता। कचौरी के लिए इस तरह रुकना गलत है।" कुछ समय पहले ही एक मोटरसाइकिल सवार का वीडियो सामने आया था, जो बैरिकेड्स के नीचे क्रॉसिंग में प्रवेश कर गया था।

उस वीडियो में देखा गया था कि उसने पटरी पार करने की कोशिश की, लेकिन इस दौरान उसकी बाइक फिसल कर गिर गई। गिरने के बाद बाइक सवार बड़ी मुश्किल से मोटरसाइकिल से निकल पाता है। ट्रेन तेज गति से मोटरसाइकिल को टक्कर मार देती है और उसे नष्ट कर देती है।
दूसरी ओर मोटरसाइकिल सवार बिना किसी बड़ी चोट के बाहर निकल ताजा है। ट्रेन की गति को आंकना बहुत मुश्किल है, जिसके कारण लोग अक्सर सोचते हैं कि उनके पास रेलवे ट्रैक को पार करने के लिए पर्याप्त समय है। ऐसा इसलिए क्योंकि हम केवल ट्रेन का इंजन देख सकते हैं।

सामने से आती ट्रेन के बाकी डिब्बों को नहीं देखा जा सकता है, जिसके कारण कोई भी यह नहीं आंक सकता कि ट्रेन की सही गति क्या है। इसके अलावा अगर ट्रेन चालक को भी पता चलता है कि कोई या कुछ रेलवे ट्रैक पर है, तो उनके लिए समय पर ब्रेक लगाना बहुत मुश्किल होता है।

ऐसा इसलिए है, क्योंकि ट्रेन इतनी गति ले रही है और उस दौरान बहुत कम घर्षण होता है। ट्रेन के पहिए अक्सर स्टील के बने होते हैं और ऐसा ही रेल पटरी का भी होता है। अगर अचानक ब्रेक लगा दिया जाता है और पहिए लॉक हो जाते हैं तो ट्रेन को नियंत्रित करना बहुत मुश्किल हो जाता है जिससे बड़ा हादसा हो सकता है।


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