भारत में बनी है यह दुनिया की पहली हॉस्पिटल ट्रेन 'लाइफलाइन एक्सप्रेस', जानें इसमें क्या है खास
लाइफलाइन एक्सप्रेस (जीवनरेखा एक्सप्रेस) दुनिया की पहली हॉस्पिटल ट्रेन है। 1991 में चलाई गई लाइफलाइन एक्सप्रेस ने देश भर का सफर किया है। इसका मुख्य उद्देश्य दूर-दराज और दुर्गम इलाकों में मेडिकल सहायता पहुंचाना है। जानिए इस हॉस्पिटल-ऑन-वील्स के बारे में।

लाइफलाइन एक्सप्रेस को मैजिक ट्रेन ऑफ इंडिया भी कहा जाता है। यह पिछले 23 साल से काम कर रही है। इस ट्रेन को इम्पैक्ट इंडिया फाउंडेशन भारतीय रेलवे के साथ मिलकर चलाती है।

ट्रेन पर बेहतरीन स्टेट-ऑफ-द-आर्ट ऑपरेशन थिएटर हैं। सर्जनों ने इस ओटी में कटे होंठ, पोलियो और मोतियाबिंद जैसे कई ऑपरेशन किए हैं।

पिछले 23 सालों में इस ट्रेन ने बिहार, महाराष्ट्र, एमपी से लेकर बंगाल और केरल सहित पूरे भारत का सफर तय किया है।

लाइफलाइन एक्सप्रेस का मेन टारगेट अच्छी मेडिकल सुविधा से महरूम ग्रामीण इलाकों में इलाज की सुविधाएं मुहैया कराना है।

अलग-अलग राज्यों में कई प्राइवेट और पब्लिक ऑर्गनाइजेशन इसके प्रोजेक्ट्स को स्पॉन्सर करते हैं।

लाइफलाइन एक्सप्रेस में मोतियाबिंद ऑपरेशन के जरिए आंखों की रोशनी लौटाने, सर्जरी के जरिए कटे होठ ठीक करने, दांतों का इलाज जैसी सुविधाएं दी जाती हैं।

लाइफलाइन एक्सप्रेस में साथ ही छोटे शहरों के सर्जनों को इसके जरिए सिखाया भी जाता है।

इ्म्पैक्ट इंडिया के मुताबिक, लाइफलाइन एक्सप्रेस के मॉडल से दूसरे देश भी सीख रहे हैं और चीन व सेंट्रल अफ्रीका में इसी की तर्ज पर प्रोजेक्ट बनाए जा रहे हैं। इसी से प्रेरणा लेकर बांग्लादेश और कंबोडिया में नाव पर अस्पताल भी शुरू किए गए हैं।

देश की शान इस ट्रेन की कुछ और तस्वीरें देखिए अगली स्लाइडों में।

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