मारूति सुजुकी के मानेसर(गुरूग्राम) प्लांट में घुसा तेंदुआ, मचा हड़कम्प
मारुति सुजुकी के मानेसर स्थित प्लांट में गुरुवार तड़के एक तेंदुआ देखा गया जिसके बाद पुलिस और वन अधिकारियों ने परिसर की घेराबंदी की। इसके बाद मौके पर तलाशी अभियान शुरू किया गया।
गुरुग्राम के मानेसर स्थित मारुति सुजुकी के प्लांट में तेंदुआ घुस गया है। सुबह 4.00 बजे के आसपास तेंदुआ घुसा, जिसकी वजह से सुबह की शिफ्ट के कर्मचारी काम करने के लिए अंदर नहीं जा सके। फॉरेस्ट विभाग और पुलिस विभाग की टीम मौके पर मौजूद है।

आपको बता दें कि तेंदुए को मारुति के इंजन डिपार्टमेंट में देखा गया है। वन विभाग की टीम लगातार उसकी तलाश कर रही है। इसके लिए सीसीटीवी की मदद भी ली जा रही है। फिलहाल इस प्लांट में काम बंद है तलाश जारी है।

कंपनी के सुरक्षाकर्मी सुबह अपनी ड्यूटी पर तैनात थे, उसी दौरान उनकी नजर एक जानवर की परछाईं पर पड़ी। उन्होंने सोचा कि कोई कुत्ता होगा, लेकिन जब जानवर सामने आया तो उनके होश उड़ गए।

तेंदुए को देख कर्मचारियों ने शोर मचाया, जिसके चलते तेंदुआ प्लान्ट के अंदर घुस गया। इम्प्लॉई यूनियन के नेता कुलदीप जांघू ने बताया कि तेंदुए के घुस आने की खबर सुनते ही काम रोक दिया गया है।
प्लांट में 28 घंटे के बाद भी तेंदुए पकड़ा नहीं जा सका है। बताया जा रहा है कि इंजन असैम्बल प्लांट के 500 मीटर इलाके में वह कहीं पर छुपा हुआ है वाइल्ड लाइफ अधिकारियों ने कल शाम को बकरियां बांधकर उसके लिए जान बिछाया था लेकिन वह पास आया लेकिन उसको फंसाया नहीं जा सका।

इस बारे में एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि सुबह की पाली के लिए करीब 7 बजे पहुंचे हजारों कर्मचारियों को सुरक्षा कारणों से संयंत्र के बाहर रहने को कहा गया। अधिकारी ने बताया कि निजी सुरक्षा कर्मचारियों को भी संयंत्र से दूर रहने को कहा गया।

उन्होंने बताया, वन विभाग, पुलिस और वन्यजीव विभाग की टीमें तेंदुए को पकड़ने के लिए बुलाई गईं. हमने संयंत्र की घेराबंदी की और तेंदुए को पकड़ने के लिए एक तलाशी अभियान शुरू किया हालांकि, हमें अभी तक उसका पता नहीं चल सका है।

इस साल अप्रैल में जिले के सोहना में एक मकान में तेंदुआ घुस गया था और पांच लोगों को घायल कर दिया था। दरअसल, गुड़गांव का यह इलाका अरावली पर्वत श्रृंखला से सटा हुआ है। वहां आसपास घने जंगल हैं। ऐसे में, जंगली जानवर अक्सर यहां रिहायशी इलाके में आ जाते हैं।

DriveSpark की राय
मारूति के प्लांट में तेंदूए का घुस जाना कोई अप्रत्याशित बात नहीं है। जब जंगल ही नहीं रहेंगे तो जंगली जानवर आखिर जाएंगे कहां? वे इंसानों की तरह सभ्य नहीं है और न ही यह सोच सकते हैं कि उनके आने से प्लांट के कार्य का क्या होगा? सरकार को अरावली के जंगलों को सुरक्षित करने की जरूरत है जो कि अब अवैध निर्माणों के कारण खत्म होता जा रहा है।
कंपनी के एक अधिकारी ने बताया, 'कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के बाद संयंत्र में आज दूसरी पाली से उत्पादन शुरू हुआ। एमएसआई अपने गुड़गांव और मानेसर स्थित दो संयंत्रों में रोजाना तकरीबन 5000 से 5500 इकाइयों का उत्पादन होता है। फैक्टरी में आम तौर पर दो पालियां होती हैं।


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