जब हुई लेम्बोर्गिनी और मिग 29 के बीच रेस, जानिए कौन बना बादशाह
मिग 29 का नाम सुनते ही हमारे जेहन में हवा को चीरती हुई तेज रफ्तार और कानों को सुन्न कर देने वाली आवाज दस्तक देती है।
मिग 29 का नाम सुनते ही हमारे जेहन में हवा को चीरती हुई तेज रफ्तार और कानों को सुन्न कर देने वाली आवाज दस्तक देती है। वहीं जब बात दुनिया की बेहतरीन और तेज रफ्तार कारों की होती है तो लेम्बोर्गिनी का नाम आना भी स्वाभाविक है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि, यदि फाइटर जेट मिग 29 और लेम्बोर्गिनी के बीच रफ्तार की जंग हो तो क्या होगा? शायद आपको ये पढ़कर अटपटा लगे लेकिन ऐसा हुआ है।

सेवानिवृत्त एयर मार्शल अनिल चोपड़ा ने एक ऐसा ही हैरतंगेज वीडियो ट्वीट किया है जिसमें मिग 29 और लेम्बोर्गिनी के बीच रेस लगी हुई है। दरअसल, ये वीडियो गोवा में एक मैगजीन के लिए शूट किया गया है। इस वीडियो में मिग 29 और लेम्बोर्गिनी के बीच रेस लगाई गई है। जिसमें लेम्बोर्गिनी काफी हद तक मिग 29 के करीब पहुंचने में कामयाब भी रही।

इस रेस में लेम्बोर्गिनी हुराकान कार का प्रयोग किया गया है। इस वीडियो को बनाने के पीछे इंडियन नेवी का मकसद था कि, वो युवाओं को नौसेना ज्वाइन करने के लिए प्रेरित कर सके। ये मैग्जीन एक मिग 29 और लेम्बोर्गिनी के बीच तुलना करेगा ताकि, युवाओं को इसके प्रति आकर्षित किया जा सके।

आपको बता दें कि, इस समय इंडियन नेवी में पायलटों की कमी है और वो इसके लिए लगातार प्रयासरत हैं कि, देश के युवाओं को इसके प्रति आकर्षित किया जा सके। देश के ज्यादातर युवा कारों की स्पीड के प्रति लालायित रहते हैं लेकिन बहुत कम ही ऐसे लोग होते हैं जो नेवी में जाने का प्रयास करते हैं। ये एक ऐसा ही प्रयास है जिसमें हाई स्पीड कार और मिग 29 के बीच रफ्तार की जंग कराकर युवाओं को इस दिशा में प्रेरित किया जा सके।
इस समय इंडियन नेवी में कुल 91 पायलटों के लिए पद रिक्त हैं। इंडियन नेवी को इस बात का भरोसा है कि, ये वीडियो देखने के बाद युवा इंडियन नेवी को ज्वाइन करने के लिए प्रेरित होंगे। ऐसा नहीं है कि, इस तरह का प्रयास पहली बार किया गया है। इसके पूर्व सन 2014 में इंडियन एयरफोर्स ने भी इसी तरह का प्रयोग किया था।

उस वक्त इंडियन एयरफोर्स ने युवाओं को सेना के प्रति आकर्षित करने के लिए सुखोई 30 एमकेआई और लेम्बोर्गिनी ह्युरिकेन के बीच रेस लगवाई थी। इंडियन नेवी इस समय रूस की बनी हुई मिग 29 का प्रयोग करती है और नेवी को भारी मात्रा में पायलटों की जरूरत है। आपको बता दें कि, भारत दुनिया के उन देशों में से एक है जिसकी नेवी एयरक्रॉफ्ट का प्रयोग करती है। इससे देश की सेना को बल तो मिलता ही है साथ ही सैन्य सुरक्षा प्रणाली भी बेहतर होती है।

भारत के अलावा अमेरिका, फ्रांस और चीन ऐसे देश हैं जहां पर एयरक्रॉफ्ट करियर का प्रयोग किया जाता है। इसमें कोई संदेह नहीं है कि एयरक्रॉफ्ट उड़ाना एक बेहद ही अलग अनुभव होता है। वहीं युवाओं के बीच इस बात को लेकर क्रेज भी देखने को मिलता है। लेकिन आज के समय में युवाओं का रूझान सेना की बजाय दूसरे प्रोफेशन में ज्यादा देखने को मिल रहा है।

लेम्बोर्गिनी हुराकान में कंपनी ने 5.2 लीटर की क्षमता का वी 10 इंजन प्रयोग किया है जो कि कार को 610 बीएचपी की शानदार पॉवर और 560 एनएम का टॉर्क प्रदान करता है। इस कार में कंपनी ने 7 -स्पीड गियर बॉक्स का प्रयोग किया है, ये कार फोल व्हील ड्राइव तकनीकी पर काम करती है। इस कार की स्पीड बेहद ही शानदार है महज 3.2 सेकेंड में ही ये कार 100 किलोमीटर प्रतिघंटा और 9.9 सेकेंड में 200 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से दौड़ने में सक्षम है। इसके अलावा इस कार की अधिकतम स्पीड 325 किलोमीटर प्रतिघंटा दर्ज की गई है। भारतीय बाजार में इस की कीमत 2.91 करोड़ रुपये से लेकर 3.89 करोड़ रुपये तक है।

हालांकि अपनी उंची कीमत के कारण भारतीय सड़कों पर ये कार बहुत ही कम देखने को मिलती है। लेकिन जब से लेम्बोर्गिनी ने भारतीय बाजार में कदम रखा है स्पोर्ट कार लवर्स ने इसके प्रति अपनी रूचि दिखाई है और कंपनी कारों की बिक्री में लगातार इजाफा दर्ज कर रही है। देश के कुछ चुनिंदा सेलिब्रिटी और बड़े कार शौकीन इस कार के मालिक हैं।


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