किया, टाटा और हुंडई समेत 20 कंपनियों के पीएलआई आवेदन को मिली स्वीकृति
भारी उद्योग मंत्रालय ने कहा है कि टाटा मोटर्स, सुजुकी, हुंडई, फोर्ड, अशोक लीलैंड, किआ और बजाज ऑटो उन 20 कंपनियों में शामिल हैं, जिन्हें ऑटोमोबाइल सेक्टर के लिए प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (पीएलआई) योजना के लिए मंजूरी दी गई है। केंद्र सरकार ने बजट 2022-2023 में ऑटोमोबाइल और ऑटो कंपोनेंट उद्योग के लिए 25,938 करोड़ रुपये की प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (पीएलआई) योजना को मंजूरी दी है।

ऑटोमोबाइल और ऑटो कंपोनेंट उद्योग के लिए पीएलआई योजना उन्नत ऑटोमोटिव प्रौद्योगिकी उत्पादों के घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देने और ऑटोमोटिव विनिर्माण मूल्य श्रृंखला में निवेश आकर्षित करने के लिए वित्तीय प्रोत्साहन का प्रस्ताव करती है। इसके प्रमुख उद्देश्यों में लागत पर काबू पाना, उत्पादों को विश्वस्तरीय बनाना और ऑटो कंपोनेंट उद्योग के लिए एक मजबूत आपूर्ति श्रृंखला का निर्माण करना शामिल है।

भारी उद्योग मंत्रालय ने कहा कि कुल 115 कंपनियों ने भारत में ऑटोमोबाइल और ऑटो कंपोनेंट उद्योग के लिए पीएलआई योजना के तहत अपना आवेदन दायर किया था, जिसे 23 सितंबर 2021 को अधिसूचित किया गया था।

चैंपियन ओईएम (2W और 3W को छोड़कर) के लिए दस कंपनियों का चयन किया गया है। इन कंपनियों में अशोक लीलैंड लिमिटेड, आयशर मोटर्स लिमिटेड, फोर्ड इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, हुंडई मोटर इंडिया लिमिटेड, किआ इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, महिंद्रा एंड महिंद्रा लिमिटेड, पीसीए ऑटोमोबाइल्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, पिनेकल मोबिलिटी सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड, सुजुकी मोटर गुजरात प्राइवेट लिमिटेड और टाटा मोटर्स शामिल हैं।

चैंपियन ओईएम टू-व्हीलर्स और थ्री-व्हीलर्स के लिए चार कंपनियों को मंजूरी दी गई है। इसमें बजाज ऑटो लिमिटेड, हीरो मोटोकॉर्प लिमिटेड, पियाजियो व्हीकल्स प्राइवेट लिमिटेड और टीवीएस मोटर कंपनी लिमिटेड शामिल हैं।

गैर-ऑटोमोटिव निवेशक (ओईएम) श्रेणी के लिए छह कंपनियों को मंजूरी दी गई है। इसमें एक्सिस क्लीन मोबिलिटी प्राइवेट लिमिटेड, बूमा इनोवेटिव ट्रांसपोर्ट सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड, एलेस्ट प्राइवेट लिमिटेड, हॉप इलेक्ट्रिक मैन्युफैक्चरिंग प्राइवेट लिमिटेड, ओला इलेक्ट्रिक टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड और पावरहॉल व्हीकल प्राइवेट लिमिटेड शामिल हैं।

कंपोनेंट चैंपियन इंसेंटिव स्कीम एक 'सेल्स वैल्यू लिंक्ड' स्कीम है, जो वाहनों के एडवांस्ड ऑटोमोटिव टेक्नोलॉजी कंपोनेंट्स, कंप्लीटली नॉक्ड डाउन (सीकेडी)/सेमी नॉक्ड डाउन (एसकेडी) किट, 2-व्हीलर्स, 3-व्हीलर्स, पैसेंजर्स वाहन, वाणिज्यिक वाहन और ट्रैक्टर, आदि के व्हीकल एग्रीगेट्स पर लागू होती है।

ऑटोमोटिव सेक्टर के लिए यह पीएलआई योजना (25,938 करोड़ रुपये) के साथ-साथ एडवांस्ड केमिस्ट्री सेल (एसीसी) (18,100 करोड़ रुपये) के लिए पहले से शुरू की गई पीएलआई योजना और इलेक्ट्रिक वाहनों के निर्माण (एफएएमई) (10,000 करोड़ रुपये) के तेजी से अनुकूलन के साथ भारत को सक्षम करेगा। यह भारत को पारंपरिक जीवाश्म ईंधन आधारित ऑटोमोबाइल परिवहन प्रणाली से पर्यावरण की दृष्टि से स्वच्छ, टिकाऊ, उन्नत और अधिक कुशल इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) आधारित प्रणाली में बदलने में मदद करेगा।


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