बजाज चेतक से तय किया दुनिया की सबसे ऊंची सड़क का सफर, 42 घंटे तक लगातार चलाई स्कूटर
आजकल लोग रोमांच की तलाश में पैराग्लाइडिंग, माउंटेन क्लाइम्बिंग और सर्फिंग जैसे कई तरह के तरीके अपना रहे हैं। युवाओं में लद्दाख की बाइक राइडिंग का भी खासा क्रेज देखा जा रहा है। हाल ही के दिनों में आपने बाइक से कई युवाओं को दुनिया की सबसे दुर्गम इलाकों में सफर करते देखा होगा। हाल ही में इसी तरह का कारनामा एक सख्स ने कर दिखाया है। दिलचस्प बात यह है कि उसने यह कारनामा अपने पुराने स्कूटर से किया है, जिसे देख कर आप सोच में पड़ जाएंगे कि क्या स्कूटर से ही ऐसा किया जा सकता है।

दरअसल हरियाणा के हिसार में रहने वाले राज कृष्ण ने बजाज ऑटो से 1980 के दशक में खारदुंगला (Khardungla) के एक सफर की कहानी साझा की है। आपको बता दें कि लेख में स्थित खारदुंगला 5,359 मीटर पर स्थित दुनिया की सबसे ऊंची वाहन चलाने योग्य सड़क है। बजाज ऑटो ने उन्हें इस सफर की कहानी अपने लिंक्डइन हैंडल पर साझा की है।
खारदुंगला जाने के लिए राज कृष्ण ने अपनी बजाज चेतक स्कूटर को चुना जो उस समय की काफी लोकप्रिय स्कूटर थी। उन्होंने अपने सफर की शुरुआत हिसार से की और जोजिला पास होते हुए 16 घंटे में लेह पहुंच गए। उन्होंने बताया कि लेह में ऑक्सीजन की कमी से उन्हें सफर में काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
हालांकि, लेह पहुंचने के बाद भी खारदुंगला तक उनका सफर आसान नहीं था। खारदुंगला जाने के लिए सुरक्षा बालों से उन्हें अनुमति लेनी पड़ी जिसमें उन्हें दो दिन का समय लगा और वे इस दौरान लेह में ही रुके हुए थे, जो दुनिया के सबसे ठंडे इलाकों में से एक है।

सुरक्षा बालों से अनुमति मिलने के बाद उन्होंने अपनी बजाज चेतक स्कूटर से खारदुंगला स्थित दुनिया के सबसे ऊंचे सड़क पर पहुंच गए। राज कृष्ण ने खारदुंगला की चोटी पर खिंचवाई अपनी एक तस्वीर भी साझा की है, जिसमें वह अपनी चेतक स्कूटर के साथ दिख रहे हैं।
उन्होंने खारदुंगला जाने के लिए बजाज चेतक से 734 किलोमीटर का सफर तय किया। इस दौरान उन्होंने 42 घंटो तक लगातार स्कूटर चलाई। कृष्ण बताते हैं कि वे अब 60 साल के हैं लेकिन यह अनुभव उन्हें आज भी खुशी देता है।
लेह दुनिया के सबसे कठोर और दुर्गम इलाकों के लिए जाना जाता है। यहां मौसम काफी ठंडा रहता है और हवा में ऑक्सीजन की भी भारी कमी होती है, जिससे यहां सफर करना और भी मुश्किल होता है। आजकल देश भर से लोग रोमांच के लिए जोजिला और खारदुंगला की ऊंची चोटियों में जाना पसंद करते हैं।
आपको बता दें कि बजाज चेतक स्कूटर को 1972 में लॉन्च किया गया था और यह 2006 में बंद होने से पहले लगातार 34 साल तक प्रोडक्शन में रही। इस दौरान कंपनी ने स्कूटर में कई तरह के बदलाव किए थे लेकिन इसे चलाने के रोमांच में कोई कमी नहीं की गई थी।

बजाज चेतक 145.45 cc 4-स्ट्रोक पेट्रोल इंजन के साथ आती थी। 1972 में चेतक के 1,000 स्कूटर का पहला लॉट बाजार में उतारा गया था। इस दौरान इसकी कीमत 8 हजार से 10 हजार के बीच थी। 1977 में पहली बार बजाज कंपनी ने 1 लाख चेतक स्कूटर बेचे। शुरुआत में स्कूटर का बुकिंग पीरियड करीब 3 महीने का था, बाद में एक समय ऐसा भी आया जब चेतक को पाने के लिए लोगों को 20 महीने तक इंतजार करना पड़ा था।
2002 में चेतक की कीमत करीब 27 हजार रुपए थी और 2006 तक यह कीमत 31 हजार तक पहुंच गई थी। 2002 तक चेतक 2-स्ट्रोक 145 सीसी के इंजन के साथ आया करता था लेकिन बाद में इसके इंजन में बदलाव किया गया और यह 4-स्ट्रोक 125 सीसी इंजन के साथ 2006 तक बाजार में उपलब्ध थी। आज भी बजाज चेतक के पुराने मॉडल कुछ उत्साही लोगों के पास मौजूद हैं।


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