कसोल में चलती कार पर जानलेवा स्टंट: पुलिस का एक्शन, अब भरना होगा भारी जुर्माना
हिमाचल प्रदेश के कसोल से एक हैरान करने वाला वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें कुछ पर्यटक चलती कार में जानलेवा स्टंट करते नजर आ रहे हैं। इस मामले में हिमाचल प्रदेश पुलिस ने कड़ा रुख अपनाते हुए मोटर व्हीकल एक्ट (MV Act) के तहत कार्रवाई शुरू कर दी है। मानसून के इस मौसम में, जहां पहाड़ी रास्ते पहले से ही खतरनाक होते हैं, वहां ऐसी लापरवाही बड़े हादसे को दावत दे सकती है। पुलिस अब गाड़ी के नंबर के जरिए मालिक की पहचान कर रही है ताकि भारी-भरकम चालान काटा जा सके।
वायरल क्लिप में देखा जा सकता है कि कैसे खतरनाक मोड़ों पर भी पर्यटक कार की खिड़कियों से बाहर लटके हुए हैं। पुलिस ऐसे नियम तोड़ने वालों पर नजर रखने के लिए ऑटोमेटेड नंबर प्लेट रिकग्निशन (ANPR) कैमरों का इस्तेमाल कर रही है। इस घटना ने संवेदनशील पहाड़ी इलाकों में पर्यटकों के बर्ताव को लेकर एक नई बहस छेड़ दी है। स्थानीय निवासी अब सार्वजनिक राजमार्गों पर ऐसी जानलेवा हरकतों को रोकने के लिए पुलिस गश्त बढ़ाने की मांग कर रहे हैं।

खतरनाक ड्राइविंग पर भारी जुर्माना और MV Act की धाराएं
मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 184 के तहत खतरनाक तरीके से गाड़ी चलाने पर कड़े दंड का प्रावधान है। नियम तोड़ने वालों पर 5,000 रुपये से लेकर 10,000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। अगर कोई बार-बार ऐसी गलती करता पकड़ा गया, तो उसका ड्राइविंग लाइसेंस भी कई महीनों के लिए सस्पेंड किया जा सकता है। प्रशासन इन नियमों के जरिए सोशल मीडिया पर व्यूज बटोरने के लिए स्टंट करने वाले इन्फ्लुएंसर्स पर लगाम कसना चाहता है।
| उल्लंघन का प्रकार | संबंधित धारा | अनुमानित जुर्माना |
|---|---|---|
| खतरनाक ड्राइविंग | धारा 184 | ₹5,000 - ₹10,000 |
| सामान्य जुर्माना | धारा 177 | ₹500 - ₹1,500 |
ध्यान देने वाली बात यह भी है कि ज्यादातर कार इंश्योरेंस पॉलिसियां जानबूझकर की गई लापरवाही या स्टंट से होने वाले नुकसान को कवर नहीं करती हैं। अगर गाड़ी रेंटल (किराए की) है, तो किसी भी नुकसान का पूरा खर्च ड्राइवर को ही उठाना होगा। अगर गैर-कानूनी गतिविधियां कैमरे में रिकॉर्ड हो जाती हैं, तो बीमा कंपनियां क्लेम को सीधे खारिज कर देती हैं। सोशल मीडिया वीडियो के चक्कर में अपनी जान और जेब को जोखिम में डालना भारी पड़ सकता है।
पहाड़ी रास्तों पर मानसून में ड्राइविंग के लिए सेफ्टी रूल्स
मानसून के दौरान भारी बारिश और लैंडस्लाइड की वजह से हिमालय की सड़कों पर सफर करना काफी अनिश्चित और जोखिम भरा हो जाता है। ऐसे में ड्राइवरों को गाड़ी की रफ्तार धीमी रखनी चाहिए और यात्रियों को कार के अंदर ही बैठना चाहिए। पहाड़ों में मोड़ों पर अचानक विजिबिलिटी (दृश्यता) कम हो जाती है, इसलिए लेन अनुशासन का पालन करना बेहद जरूरी है। अपनी यात्रा शुरू करने से पहले हमेशा मौसम के अपडेट और रास्तों की स्थिति जरूर जांच लें।
अब ऐसी घटनाओं की रिपोर्ट करना काफी आसान हो गया है। नागरिक सीधे कुल्लू पुलिस के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर वीडियो क्लिप शेयर कर सकते हैं ताकि दोषियों पर तुरंत कार्रवाई हो सके। सुरक्षा नियमों का पालन करके ही आप बिना किसी कानूनी पचड़े या हादसे के अपनी छुट्टियों का आनंद ले सकते हैं। इस बरसाती मौसम में कसोल की खूबसूरती का सुरक्षित लुत्फ उठाने का एकमात्र तरीका जिम्मेदार पर्यटन ही है।


Click it and Unblock the Notifications