वीडियोः भाजपा के इस सांसद ने इनोवा से तोड़ी पुलिस की बैरिकोडिंग, हुआ गिरफ्तार
मैसूर-कोडागू के भाजपा सांसद प्रताप सिन्हा को रविवार को गिरफ्तार कर लिया गया। मैसूर जिला पुलिस ने हंसुर में कुछ महीनों पहले हुए हनुमान जयंती उत्सव के दौरान सड़क उल्लंघन करने के आरोप में गिरफ्तार किया।
मैसूर-कोडागू के भाजपा सांसद प्रताप सिन्हा को रविवार को गिरफ्तार कर लिया गया। मैसूर जिला पुलिस ने हंसुर में कुछ महीनों पहले हुए हनुमान जयंती उत्सव के दौरान सड़क उल्लंघन करने के आरोप में गिरफ्तार किया। हालांकि उन्हें बाद में छोड़ भी दिया गया। सांसद पर सड़क अवरूद्ध से लेकर गलत ड्राइविंग जैसे कई मामले दर्ज किए गए थे।
इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक पुलिस ने हनुमान जयंती और ईद के मद्देनजर शहर में निषेधाज्ञा लगाया था, जिसके बाद सांसद ने इसका उल्लंघन किया था। बता दें कि साल 2015 में सांप्रदायिक हिंसा के बाद हंसुर को काफी संवेदनशील क्षेत्र माना जाता है।

जबकि प्रताप सिंहा ने पड़ोसी केरल, अवैध रेत खनन और अन्य गतिविधियों के लिए अवैध पशु परिवहन की जांच में विफल रहने के बावजूद उन्हें गिरफ्तार करने के लिए पुलिस की आलोचना की। उन्होंने पुलिस को चेतावनी दिया कि अगर वे हनुमान जयंती उत्सव के तहत टाउन हॉल ग्राउंड में स्थापित हनुमान की मूर्ति को नुकसान पहुंचाएंगे तो वे जिम्मेदार होंगे।
इस बीच, प्रताप सिंहा की रिहाई की मांग करने गए मंगलम मंदिर के पास हिंदू कार्यकर्ता पर पुलिस द्वारा मामूली लाठी का भी आरोप लगाया है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एसपी रवि चनवार हंससुर शहर में डेरा डाले हुए हैं।

खबर के साथ सांसद प्रताप सिंहा का एक वीडियो भी वाय़रल हो रहा है जो कि एक चैनल द्वारा पोस्ट किया गया है। इस वीडियो में वे पुलिस वालों से बहस करते दिखाई दे रहे हैं। यह वीडियो उसी घटना के दौरान का बताया जा रहा है।
यहां पुलिस ने एक चेक पोस्ट पर प्रताप को रोक लिया था। इसके बाद सांसद तब कार से उतर गया और फिर पुलिस से बहस की। इसके बाद सांसद फिर से कार में सवार होते हैं और फिर बैरिंग कोडिंग को लगभग तोड़ते हुए आगे निकल गए।

TOI की एक रिपोर्ट ने इस घटना को लेकर बताया कि सांसद के इस व्यवहार के जवाब में, कर्नाटक पुलिस ने सिन्हा के खिलाफ खतरनाक ड्राइविंग और पुलिस के कार्य में बाधा पहुंचाने के लिए आपराधिक मामले दर्ज किए थे। अपनी गिरफ्तारी से छूटकर आने के बाद सिन्हा ने अपने ट्विटर अकाउंट पर भी ट्वीट किया।

DriveSpark की राय
पूरी घटना को देखते हुए ऐसा लगता है कि एमपी को पुलिस को रोक देने से गुस्से में थे। लिहाजा हमारी राय बस इतना है कि सांसद की अपनी जिम्मेदारी है और पुलिस की अपनी जिम्मेदारी।
सांसद और पुलिस किसी शहर की दो प्रमुख व्यवस्थाएं हैं लेकिन उनका मकसद एक है। इसलिए सबको अपनी जिम्मेदारी के अनुसार ही कार्य करने चाहिए। इस तरह ड्राइविंग खतरनाक भी हो सकती थी।
आप नीचे चैनल द्वारा जारी किए वीडियो को भी देख सकते हैं।


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