बेंगलुरु में बंद होगी ओला और उबर की पूल शेयरिंग सेवाएं
ओला और उबर को भले ही कई निवेशकों से अच्छी फंडिंग मिल रही है। लेकिन कर्नाटक सरकार से दोनों कंपनियों के लिए आ रही खबर निराश करने वाली है। कर्नाटक सरकार ने ओला और उबर के पूल सर्विस को बंद करने का निर्देश दिया है।

सरकार के इस निर्णय से उन यात्रियों को कठिनाई का सामना करना पड़ेगा, जो हर रोज दोनों कंपनियों के पूल सेवाओं का इस्तेमाल करते थे। लेकिन वही दूसरी ओर इस फैसले का ड्राइवर एसोसिएशन स्वागत कर रही है। दरअसल इस सेवा के तहत ड्राइवरों को अलग- अलग क्षेत्रों से सवारी लेनी होती था, जिसका उन्हें उचित भुगतान नहीं किया जाता था। इसलिए उनका मानना है कि इसे को बंद करने से उनको राहत मिलेगी।

आपको बता दें कि ओला को ऐसी ही परेशानी का सामना पिछले मार्च में भी करना पड़ा था। जब कर्नाटक सड़क परिवहन विभाग ने 18 मार्च को ओला की मूल कंपनी एएनआई टेक्नोलॉजी को नोटिस जारी किया था, जिसमें कैब आधारित सेवाओं को बंद करने का निर्देश दिया गया था। इस बार फिर से कर्नाटक परिवहन विभाग द्वारा शुक्रवार को ओला और उबर को तत्काल प्रभाव से पूल सेवाओं को बंद करने को कहा गया है।

सरकार ने यह निर्णय कर्नाटक परिवहन विभाग के साथ मीटिंग के बाद लिया गया है। दो पेज के इस नोटिस में कहा गया है कि राइड-हाइलिंग ऐप के जरिए बाइक- टैक्सी सेवाओं के लिए फर्जी लाइसेंस का इस्तेमाल किया जा रहा है। जिस वजह से दोनों ही कंपनियों के लाइसेंस को अगले 6 महीने के लिए निलंबित कर दिया जाता है।

अगले 6 महीने तक दोनों ही कंपनियां इस प्रकार की किसी भी सेवाओं को नहीं दे सकती है। विभाग ने नोटिस में यह भी साफ किया है कि ऐप आधारित सेवाएं कर्नाटक मोटर वाहन अधिनियम के खिलाफ है। इस पूरी घटना पर ओला के सह-संस्थापक और सीईओ भाविश अग्रवाल ने कहा है कि "ओला और उबर की पूल सेवाओं को सरकार ने मोटर वाहन नियम के खिलाफ बताया है, जबकि पिछले मार्च में सरकार ने ही इस पर से प्रतिबंध हटा लिया था।

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"हालांकि इस विषय पर हम सरकार से लगातार बात कर रहे है। साथ ही अधिकरियों द्वारा किए गए सवालों का भी जवाब दिया जा रहा है, जिससे इस समस्या का एक बेहतर विकल्प निकाला जा सकेंं। हम उन सभी विकल्पों पर चर्चा कर रहे है, जिससे कर्नाटक राज्य के हजारों ड्राइवरों और नागरिकों को किसी भी प्रकार की कठिनाई नहीं हो और सेवाओं को जारी रखा जा सकें"

ओला ने अभी हाल ही में हुंडई मोटर के साथ एक साझेदारी की घोषणा की थी। जहां हुंडई और किया मोटर कॉर्पोरेशन, जो दोनों एक समूह से ताल्लुक रखते है ओला के राइड शेयरिंग प्लेटफॉर्म के लिए 300 लाख डॉलर का निवेश मिलकर करेंगे। वही पिछले महीने फ्लिपकार्ट के सह- संस्थापक सचिन बंसल के जुड़ने से भी 650 करोड़ रुपयें जुटाए थे।

वहीं जनवरी में भी सचिन बंसल ने कंपनी में 150 करोड़ रुपयें का निवेश किया था और भी फंडिंग के लिए कहा था। वही इसका राइड हेलिंग एग्रीगेटर को भी स्टीडव्यू कैपिटल के नेतृत्व से 74 लाख डॉलर की राशि मिला है।


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