इस एक गलती की वजह से 31% लोगों का नहीं बनता है ड्राइविंग लाइसेंस, टेस्ट के दौरान रखें ख्याल
ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने की प्रक्रिया में हमें आरटीओ के नियम व शर्तों के मुताबिक वाहन चलाकर दिखाना होता है। आरटीओ के सभी मानदंडों के अनुरूप ड्राइविंग टेस्ट पास करने के बाद लाइसेंस जारी किया जाता है। यूं तो ड्राइविंग टेस्ट देते समय लोग कई सावधानियां बरतते हैं लेकिन एक गलती की वजह से वह टेस्ट में पास नहीं हो पाते और उनका ड्राइविंग लाइसेंस नहीं बन पता।

सड़क, परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की एक रिपोर्ट में इस बात का खुलासा हुआ है। तो क्या है वह गलती जिसके वजह से लोग ड्राइविंग टेस्ट में फेल हो जाते हैं, आइये जानते हैं...

इस वजह से ड्राइविंग टेस्ट में हो जाते हैं फेल
सड़क, परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय देश भर के आरटीओ में बनने वाले ड्राइविंग लाइसेंस की सभी प्रक्रिया का रिकॉर्ड रखता है। मंत्रालय ने ड्राइविंग टेस्ट रिपोर्ट में फेल होने के मुख्य कारण का पता लगाया तो यह जानकारी सामने आई कि चारपहिया वाहनों की टेस्टिंग के दौरान लगभग 31 प्रतिशत लोग वाहन को रिवर्स करने में गलती करते हैं।

वे कार को सामने चलाने दाएं बाएं तो मोड़ लेते हैं, लेकिन जब बात वाहन को रिवर्स करने की आती है तो गलती कर बैठते हैं। कार की ड्राइविंग टेस्ट देने वाले 31 प्रतिशत लोग ऐसा करते हैं और इस कारण से पहली बार में उनका ड्राइविंग लाइसेंस नहीं बन पाता है।

लाइसेंस हासिल करने के लिए चाहिए 69% अंक
बता दें कि लाइसेंस को हासिल करने के लिए आवेदक को कम से कम 69% अंक लाना जरूरी है। इसके बाद ही वह आगे की टेस्ट के लिए क्वालीफाई होगा। आवेदक को गाड़ी चलाने के साथ उसे दाएं-बाएं करना, लेन पर चलना, सही समय पर ब्रेक लगाना, मुड़ने के लिए इंडिकेटर देना, रिवर्स करना आदि जैसे बुनियादी ड्राइविंग के तौर तरीकों के बारे में पता होना चाहिए।

ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने की प्रक्रिया में हुआ बदलाव
मंत्रालय ने जुलाई 2021 से ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने की प्रक्रिया में कई सुधार किये हैं। ड्राइविंग लाइसेंस के लिए आवेदन देने से लेकर ड्राइविंग टेस्ट की प्रक्रिया को आसान कर दिया गया है। ड्राइविंग लाइसेंस और वाहन से संबंधित अन्य दस्तावेजों में सुधार, बदलाव और नवीनीकरण की प्रक्रिया को ऑनलाइन कर दिया गया है जिससे अब आवेदक घर बैठे ही सभी सेवाओं का लाभ उठा सकता है।

मंत्रालय ने परमिट, पते में बदलाव, रोड टैक्स भुगतान, रिन्यूअल, डुप्लीकेट लाइसेंस, आरसी (RC) समेत 33 सेवाओं को ऑनलाइन कर दिया है। ऑनलाइन सिस्टम के बाद अब लोगों को केवल ड्राइविंग टेस्ट और फिटनेस सर्टिफिकेट के लिए आरटीओ जाने की जरूरत है।

लर्निंग लाइसेंस बनवाने की प्रक्रिया भी हुई ऑनलाइन
लर्निंग लाइसेंस बनवाने के लिए अब आपको आरटीओ जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। अब ऑनलाइन आवेदन करने के साथ ही घर से ही आनलाइन टेस्ट भी दिया जा सकेगा। टेस्ट में पास होने के बाद लर्निंग लाइसेंस आपके घर पहुंच जाएगा। लर्निंग लाइसेंस के लिए आनलाइन टेस्ट में 15 सवालों के जवाब देने होंगे। नौ सवालों के सही जवाब देने पर ही टेस्ट में पास हो सकेंगे। लर्निंग लाइसेंस बनने के एक महीने बाद स्थायी ड्राइविंग लाइसेंस के लिए आवेदन कर सकेंगे।

40 से कम उम्र वालों को नहीं देना होगा मेडिकल सर्टिफिकेट
सरकार ने ड्राइविंग लाइसेंस के लिए मेडिकल प्रमाण पत्र बनवाने की प्रक्रिया को भी ऑनलाइन कर दिया है। यह प्रक्रिया इसलिए ऑनलाइन की गई है ताकि फर्जी तरीके से बनवाए जा रहे प्रमाण पत्रों पर रोक लगाई जा सके। उत्तर प्रदेश में ड्राइविंग लाइसेंस के लिए मेडिकल प्रमाण पत्र के लिए ऑनलाइन प्रक्रिया शुरू की जा चुकी है।

अब आवेदक को मेडिकल प्रमाण पत्र के लिए आनलाइन आवेदन करना होगा। चिकित्साधिकारी द्वारा प्रत्येक मेडिकल प्रमाण पत्र जारी करने के लिए दस रुपये शुल्क लिया जाएगा। इसके लिए सारथी पोर्टल पर मेडिकल अफसरों की ऑनलाइन लागिन आइडी बनाई जा रही है। अधिकृत डॉक्टरों द्वारा ऑनलाइन प्रमाण पत्रों के आधार पर ही ड्राइविंग लाइसेंस जारी किया जाएगा।


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