इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने पर ये कंपनी देगी 3 लाख रुपये, कार्बन उत्सर्जन मुक्त होने का रखा लक्ष्य
देश में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए अब कॉर्पोरेट घराने भी सामने आ रहे हैं। हाल ही में भारत की बहुराष्ट्रीय कॉर्पोरेट जिंदल साउथ वेस्ट ग्रुप (जेएसडब्ल्यू) ने अपने कर्मचारियों को इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने के लिए 3 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा की है। इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए ऐसी अपील करने वाली जिंदल ग्रुप पहली भारतीय कॉर्पोरेट घराना बन गई है।

कंपनी द्वारा जारी एक घोषणा पत्र के अनुसार, JSW समूह द्वारा घोषित प्रोत्साहन योजना पूरे भारत में अपने सभी कर्मचारियों के लिए लागू है। समूह ने भारत के राष्ट्रीय स्तर पर निर्धारित योगदान (एनडीसी) और अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (आईईए) के सतत विकास परिदृश्य (एसडीएस) के साथ गठबंधन किया है। इसी के तहत कंपनी नवीनतम हरित पहल को अपना रही है।

JSW समूह द्वारा घोषित ईवी नीति में दो और चार पहिया इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीद शामिल है। इतना ही नहीं, कंपनी कर्मचारियों के लिए सभी JSW कार्यालयों और संयंत्र स्थानों पर इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए मुफ्त में समर्पित चार्जिंग स्टेशन और पार्किंग स्लॉट भी प्रदान करेगी। कंपनी ने कहा कि नीति का उद्देश्य कर्मचारियों के बीच इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने को बढ़ावा देना है।

इस घोषणा पर JSW ग्रुप के चेयरमैन सज्जन जिंदल ने कहा, "चूंकि हमारे माननीय प्रधान मंत्री ने ग्लासगो COP26 की बैठक में घोषणा की थी कि भारत 2070 तक शुद्ध-शून्य कार्बन उत्सर्जन तक पहुंचने का प्रयास करेगा, JSW समूह की नई ईवी नीति एक अनूठी पहल है, जिसका मुख्य उद्देश्य भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने में वृद्धि करना और हरित गतिशीलता के लिए सक्षम बनाना है।"

उन्होंने कहा कि उत्सर्जन मुक्त वाहनों को बढ़ावा देने की जिम्मेदारी के साथ हम आगे बढ़ना जारी रखेंगे। उन्होंने बताया कि भारत को 2070 तक उत्सर्जन मुक्त बनाने के लिए कॉर्पोरेट घरानों को सरकार से साथ संयुक्त रूप से काम करना होगा।

JSW समूह अपनी नई इलेक्ट्रिक वाहन नीति को जनवरी 2022 से लागू कर रही है। JSW ग्रुप स्टील, एनर्जी, इंफ्रास्ट्रक्चर, सीमेंट, पेंट्स, वेंचर कैपिटल और स्पोर्ट्स सहित विभिन्न सेक्टरों में शामिल है। कर्मचारियों को प्रोत्साहन देने के अलावा, JSW ग्रुप ने अपने लिए CO2 उत्सर्जन को कम करने का लक्ष्य भी रखा है।

बता दें कि केंद्र सरकार की फेम-2 (Fame-2) स्कीम के तहत इलेक्ट्रिक वाहनों पर रजिस्ट्रेशन शुल्क और रोड टैक्स को समाप्त कर दिया गया है। अब इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने वाले ग्राहक रजिस्ट्रेशन शुल्क की बचत कर सकते हैं।

केंद्र सरकार के साथ कई राज्य सरकारें भी अपनी इलेक्ट्रिक वाहन नीतियों के तहत बैटरी से चलने वाले वाहनों के रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन शुल्क में छूट दे रही हैं।

इसके अलावा इलेक्ट्रिक वाहन निर्माताओं को प्रोत्साहित करने के लिए बैटरी से चलने वाले सभी वाहनों पर जीएसटी दर (GST Rate) को 12 फीसदी से घटाकर 5 फीसदी कर दिया गया है। इसके अलावा कई राज्य सरकारें भी सब्सिडी और छूट देकर इलेक्ट्रिक वाहनों के उतपादन और बिक्री को प्रोत्साहित कर रही हैं।


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