इस देशी कंपनी ने खरीदी चीनी कंपनी MG Motor की बड़ी हिस्सेदारी, जानें इससे आपको क्या होगा फायदा?
लग्जरी कारों के लिए जानी वाली China की कंपनी MG Motor अब भारतीय कंपनी कहलाएगी। दरअसल JSW ग्रुप के चेयरमैन सज्जन जिंदल और कार निर्माता कंपनी एमजी मोटर के बीच एक डील हुई है।
बता दें कि MG पहले UK की कंपनी थी, जिसके बाद इसे चीन ने खरीदा था। अब भारतीय कंपनी JSW ग्रुप ने इस कंपनी में 35% की हिस्सेदारी ली है।

ऱिपोर्ट के मुताबिक भारत में एमजी मोटर इंडिया के कामकाज को बढ़ाने के लिए जेएसडब्ल्यू (JSW) ग्रुप और चीनी कंपनी सैक मोटर्स (SAIC Motors) ने ज्वाइंट वेंचर बनाने का फैसला किया है।
दोनों कंपनियों के बीच हुए करार के तहत भारत में बनने वाली ज्वाइंट वेंचर कंपनी में जेएसडब्ल्यू ग्रुप की 35 फीसदी हिस्सेदारी होगी। सैक मोटर्स JSW कंपनी को एडवांस टेक्नोलॉजी और प्रोडक्ट के जरिए सपोर्ट करेगा।
इस समझौते पर SAIC प्रेसिडेंट Wang Xiaoqiu और JSW ग्रुप के पार्थ जिंदल ने लंदन के एमजी ऑफिस में साइन किए। इसका उद्देश्य भारत में एमजी मोटर के ट्रांसफॉर्मेशन और ग्रोथ में तेजी लाना है।
समझौते के तहत दोनों कंपनियां ऑटोमोबाइल और न्यू टेक्नोलॉजी के फील्ड में रिसोर्सेज को साथ लाने में तालमेल बनाएंगी। खासतौर पर दोनों वेंचर मिलकर टेक्नोलॉजी सेक्टर में नए संसाधनों का इस्तेमाल कर ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री को बेहतर बनाने की दिशा में काम करेंगे।
रिपोर्ट की मानें तो ये ज्वाइंट वेंचर देश भर में इलेक्ट्रिक वाहनों की चार्जिंग के बुनियादी ढांचे का हरसंभव विस्तार करेगी। इसके साथ ही दोनों कंपनियां भारत में कई नई गाड़ियां लॉन्च करने की भी योजना बना रही है।
बता दें कि एमजी मोटर ने 2017 में भारत में कदम रखा था। कंपनी ने गुजरात के हलोल में स्थित जनरल मोटर्स के स्वामित्व वाली एक मैन्युफैक्चरिंग प्लांट का अधिग्रहण किया। जहां MG की भारत में बिकने वाली कारों की मैन्युफैक्चरिंग शुरू की गई।
MG ने भारत में सबसे पहली कार हेक्टर एसयूवी पेश किया था, जिसे साल 2019 में लॉन्च किया गया था। वर्तमान में MG हेक्टर के अलावा कंपनी हेक्टर प्लस, एस्टर, ग्लोस्टर, जेडएस ईवी और कॉमेट ईवी सहित कई कार मॉडल की बिक्री कर रही है।
ऐसे में उम्मीद है कि दोनों कंपनियों के विलय से भारत में MG की कारें और अधिक किफायती कीमत पर बिकेंगी। इस समझौते को लेकर जिंदल ग्रुप के पार्थ जिंदल ने कहा कि "भारत में इससे एमजी मोटर के कामकाज को बढ़ाने में काफी मदद मिलेगी।"
उन्होंने आगे कहा कि "इस समझौते से भारत के ऑटोमोबाइल ग्राहकों को ग्रीन मोबिलिटी सॉल्यूशन उपलब्ध कराने में सफलता मिलेगी इस करार से भारत के ग्राहकों तक वर्ल्ड क्लास टेक्नोलॉजी वाली कारें आसानी से पहुंचाई जा सकेंगी।"


Click it and Unblock the Notifications








