ट्रक में लदे इलेक्ट्रिक स्कूटर्स में लगी भयानक आग, पहले भी आग लगने के मामले आ चुके हैं सामने
वैसे तो इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन पर्यावरण, ईंधन खपत और बजट के हिसाब से पूरी तरह से सही हैं। लेकिन अगर इनके गर्मी में इस्तेमाल किए जाने की बात करें तो गर्मी का इन पर काफी प्रतिकूल असर देखने को मिलता है। भारत के उत्तर-पूर्वी इलाकों में गर्मियां शुरू हो चुकी हैं, और इलेक्ट्रिक स्कूटर्स पर इनका भी दिखने लगा है। हाल ही में इनके बारे में कुछ खबरें भी सामने आईं थीं।

इन खबरों में बताया गया था कि कुछ कंपनियों के इलेक्ट्रिक स्कूटरों में आग लग गई थी। अब एक और ऐसा ही ताजा मामला सामने आया है, जहां इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों से लदे ट्रक में आग लग गई। इस घटना में Jitendra EV के इलेक्ट्रिक स्कूटर्स में आग लगी, जब उन्हें फैक्ट्री से एक डीलरशिप पर ले जाया जा रहा था।

इस वीडियो को सोशल मीडिया पर शेयर किया गया है और यह अब तक कई लोगों ने शेयर किया है। इस वीडियो में हम देख सकते हैं कि एक ट्रक खड़ा हुआ है और ट्रेलर के दरवाजे खुले हुए हैं, क्योंकि ट्रक के ऊपर की बर्थ पर लगे खड़े इलेक्ट्रिक स्कूटर्स में भयानक आग लगी हुई है।

ये सभी इलेक्ट्रिक स्कूटर्स बहुत ही भयावह तरीके से जल रहे हैं और इनसे बहुत अधिक काला धुआं पैदा हो रहा है। हम यह भी देख सकते हैं कि दमकल कर्मी मौके पर पहुंच चुके हैं और वे आग बुझाने के लिए स्कूटर्स पर पानी का छिड़काव कर रहे हैं। हालांकि इलेक्ट्रिक की आग होने के कारण इसे बुझाना थोड़ा मुश्किल हो सकता है।
बताया जा रहा है कि यह घटना 9 अप्रैल 2022 को महाराष्ट्र के नासिक में हुई थी। ट्रक में Jitendra EV के इलेक्ट्रिक स्कूटर्स थे। इस ट्रक में कुल 40 स्कूटर थे, जिनमें से 20 में आग लग गई। फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है। गनीमत यह रही कि इस घटना में किसी की जान का नुकसान नहीं हुआ है।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि अब तक Ola Electric S1 Pro, Pure EV इलेक्ट्रिक स्कूटर, Sahara EV का स्कूटर और Okinawa Autotech इलेक्ट्रिक स्कूटर में आग लगने की खबरें सामने आ चुकी हैं। इतनी सारी घटनाओं को देखते हुए सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MORTH) ने इन घटनाओं की जांच शुरू कर दी है।

मंत्रालय जानना चाहता है कि आखिर इलेक्ट्रिक स्कूटर्स में आग लगने का कारण क्या है। मंत्रालय ने इन मामलों की जांच रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन की सीएफईईएस प्रयोगशाला से कराने के आदेश दिए हैं। CFEES का मतलब सेंटर फॉर फायर, एक्सप्लोसिव एंड एनवायरनमेंट सेफ्टी है।

मंत्रालय ने सीएफईईएस से प्रत्येक मामले में सुधार के लिए कुछ उपचारात्मक उपाय सुझाने को भी कहा। इलेक्ट्रिक वाहनों से होने वाली आग को लेकर सरकार काफी गंभीर है। विज्ञान और प्रौद्योगिकी क्षेत्र के स्वतंत्र विशेषज्ञों को भी काम पर रखा गया है। वे घटना की जांच करेंगे और फिर मंत्रालय को रिपोर्ट दाखिल करेंगे।


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