जम्मू-कश्मीर के इस टीचर ने बनाई सोलर पावर्ड इलेक्ट्रिक कार, सोशल मीडिया पर वायरल हुई तस्वीरें
साफ-सुथरी मोबिलिटी के लिए दुनिया में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा दिया जा रहा है। वैसे तो इलेक्ट्रिक वाहनों को लोग अपना रहे हैं, लेकिन इन्हें अपनाने की रफ्तार उतनी तेज नहीं है। ऐसा इसलिए क्योंकि इलेक्ट्रिक वाहनों की रेंज सीमित होती है और इन्हें चार्ज करने में भी समय लगता है। भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर अभी विकास स्तर पर है।

लेकिन इलेक्ट्रिक वाहनों की चार्जिंग का एक अच्छा विकल्प सोलर एनर्जी हो सकती है। इसी के चलते पहली बार एक गणित के शिक्षक और तत्कालीन राज्य जम्मू और कश्मीर की राजधानी में रहने वाले एक व्यक्ति बिलाल अहमद ने एक सस्ती इलेक्ट्रिक कार का आविष्कार किया है जो सौर ऊर्जा से चलती है।

जानकारी के अनुसार श्रीनगर के सनत नगर के रहने वाले अहमद बिलाल ने इस प्रोजेक्ट को पूरे 11 साल की कड़ी मेहनत और शोध के बाद पूरा किया है। अहमद बिलाल के इस अविष्कार की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं और लोग उनकी सोलर पावर्ड इलेक्ट्रिक कार को काफी पसंद कर रहे हैं।

इतना ही नहीं जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने भी अहमद बिलाल की इस उपलब्धि के बारे में सराहना की है और ट्वीट करते हुए लिखा है कि "ऐसा लगता है कि कार एक दिन उड़ भी सकती है। कार में बॉडी पर सोलर पैनल और अंदर चार्जिंग पॉइंट है।"

बताया जा रहा है कि अहमद बिलाल की एक शानदार कार बनाने की इच्छा थी और साथ ही वह आम लोगों के लिए सस्ती भी हो। ऐसे में उन्होंने 50 के दशक से बनी कारों का अध्ययन करना शुरू कर दिया है और इसी अध्ययन ने उन्हें यह कार बनाने के लिए प्रेरित किया।

वह अमेरिका में डेट्रॉइट के एक इंजीनियर और इनोवेटर के काम से काफी प्रेरित थे, जो ऑटोमोबाइल कंपनी डीएमसी के मालिक थे। उन्होंने कहा कि "Mercedes, Ferrari और BMW जैसी कारें आम आदमी का सपना होती हैं। ऐसी कारें केवल अमीर लोग ही खरीद सकते हैं।"

आगे उन्होंने कहा कि "मैंने सोचा कि इस इनोवेशन के माध्यम से लोगों को लग्जरी की भावना देना बहुत अच्छा होगा।" इसके विचार के बाद अहमद बिलाल ने विभिन्न वीडियो देखने और उसमें नए फीचर्स जोड़ने के बाद कार को मॉडिफाई करने का काम शुरू कर दिया।

अहमद बिलाल ने कहा कि "शुरुआत में, मैंने विकलांगों के लिए एक कार बनाने की योजना बनाई, लेकिन कुछ वित्तीय मुद्दों के कारण, मैं इस परियोजना को आगे नहीं बढ़ा सका।" साल 2009 में उन्हें विचार आया, सोलर-रन लग्जरी कार बनाने का और फिर वे इस प्रोजेक्ट में जुट गए और इस साल प्रोजेक्ट को पूरा किया।

उन्होंने कहा कि इस सोलर पावर्ड कार में अन्य लग्जरी कारों के जैसे ही फीचर्स दिए हैं। कार पूरी तरह से इलेक्ट्रिकल एनर्जी पर चलती है जो मोनोक्रिस्टलाइन सौर पैनलों द्वारा उत्पन्न होती है। अहमद ने इसमें विशिष्ट प्रकार के सौर पैनलों का उपयोग किया है, जो कम से कम सौर ऊर्जा में भी अधिकतम बिजली उत्पन्न करते हैं।


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