इन रोचक तथ्यों को जान आप हो जायेंगे हैरान
दुनिया में जो भी चीजें या फिर बातें होती हैं, उनके पिछे कुछ ना कुछ कारण जरूर होता है। उनमें से कुछ कारण सामान्य होते हैं, या फिर कुछ बेहद ही आश्चर्यजनक और रोचक होते हैं। आप सभी जीव-जन्तुओं, तकनीकी, विज्ञान और खोज सहित कई विषयों से जुड़ी रोचक तथ्यों को पढ़ा और सुना होगा। लेकिन क्या आपने कभी ऑटोमोबाइल जगत से जुड़े रोचक तथ्यों पर गौर किया है।
मसलन दुनिया का पहला कार रेडियो कब बना, कार में सुरक्षा के लिए दिये गये एअरबैग से जुड़े रहस्य जैसे ऑटोमोबाइल जगत के रोचक तथ्य जिन्हें जानकर आप हैरान हो जायेंगे। हम आपको तस्वीरों के माध्यम से ऑटोमोबाइल जगत से जुड़े कुछ बेहद ही रोचक तथ्यों से रुबरू करायें। तो आइये तस्वीरों के माध्यम से ईसा मसीह का ऑटोमोबाइल जगत से कनेक्शन, पहली कार रेडियो जैसे विषयों से जुड़े रोचक तथ्यों के बारें में जानते हैं।

आगे नेक्स्ट स्लाइड पर क्लिक करें और जानें ऑटोमोबाइल जगत से जुड़े कुछ ऐसे रोचक तथ्य जिससे आप बिलकुल होंगे अनजान →

ये है दुनिया की सबसे पुरानी कार, जो कि आज भी सुरक्षित रखी हुई है। इस कार का निर्माण सन 1884 में फ्रांस में किया गया था। इस कार को सन 2011 में नीलाम किया गया उस दौरान इस कार की कीमत 4.6 मीलियन डॉलर तय की गई थी।

दुनिया में सबसे पहली बार सन 1902 में वाहन तेज चलाने के कारण किसी कार का चालान किया गया था। आपको बता दें कि उस समय बमुश्किल कोई कार 45 मील प्रतिघंटा की रफ्तार पकड़ पाती थी।

सन 1769 में दुनिया में पहली बार कोई वाहन दुर्घटनाग्रस्त हुआ था, उसके पहले दुनिया में कोई भी वाहन दुर्घटना नहीं दर्ज की गई थी। आज भी उस कार को पेरिस में एक म्यूजियम में सुरक्षित रखा गया है।

सन 1896 में पहली बार किसी रोड एक्सिडेंट में किसी व्यक्ति की मौत हुई थी, इसके पहले किसी भी दुर्घटना में मौत नहीं हुई थी।

दुनिया में पहला रेसिंग ट्रैक सन 1907 में लंदन के ब्रूकलैंड सरी में बनाया गया था।

21 नवंबर सन 1985 में महज 42 सेकेंड में ही किसी कार का इंजन निकालकर उसकी जगह पर दसरा इंजन लगाया गया था। उस कार का नाम फोर्ड एस्कॉर्ट था, ऐसा पहली बार हुआ था जब इतने कम समय में इंजन स्थानांतरित किया गया था।

10 दिसंबर 1868 को दुनिया का पहला ट्रैफिक लाईट लंदन के ब्रिटीश हाउस ऑफ पार्लियामेंट के सामने सड़क पर लगाया गया था। इसे पार्लियामेंट स्ट्रीट के नाम से भी जाना जाता है।

पहला क्वाइन ऑपरेटेड पार्किंग मीटर
सन 1935 में दुनिया का पहला क्वाइन (सिक्का) ऑपरेटेड पार्किंग मीटर का प्रयोगअमेरिका के ओक्लाहोमा प्रांत में किया गया था।

दुनिया का सबसे कम उंचाई वाली कार, इस कार की उंचाई महज 19 इंच है, और इसका निर्माण लंदन के बकिंघमशैर के रहने वाले पैरी वॉटकिंस ने किया है।

ये है अब तक की बनी हुई सबसे महंगी कार बुगाटी रॉयल कैलेनर कूपे है। इस कार की कीमत 8.7 मीलियन डॉलर है। इस कार को पहली बार सन 1931 में लॉन्च किया गया था।

आपको बता दें कि, रोल्स रॉयस के लोगो को 'द स्परिट ऑफ एक्टेसी' कहा जाता है। सन 2008 में रोल्स रॉयस ने एक कार के लिये हीरे से जडि़त लोगो का निर्माण किया था। इस लोगो की कीमत 2 लाख डॉलर था।

लंदन में यदि टैक्सी ड्राइवर किसी ऐसे इलाके में हार्न बजाता है जहां पर प्रतिबंधित है तो उसे 30 पौंड बतौर जुर्माना देय होता है।

स्मार्ट कार में बैठी 19 पाकिस्तानी लड़कियां
सबसे पहली बार स्मार्ट की छोटी सी इस कार में एक साथ 19 पाकिस्तानी लड़कियों ने बैठ कर व्लर्ड रिकार्ड बनाया था।

उत्तरपूर्वी यूरोप अल्बानिया देश में जितनी भी कारें चलती हैं उनमें से लगभग 80 प्रतिशत कारें मर्सडीज बेंज कंपनी की हैं। बाकी के 20 प्रतिशत कारों में सभी कंपनियां शामिल हैं।

दुनिया भर में अपने क्रोधी स्वभाव और निर्दयता के लिये मशहूर जर्मनी के तानाशाह एडोल्फ हिटलर ने एक बार जेल में रहते हुये मर्सडीज बेंज के एक डीलर को कार लोन लेने के लिये पत्र लिखा था। आपको बता दें कि, दुनिया भर में मशहूर कार निर्माता फौक्सवेगन का नाम हिटलर ने ही दिया था।

दुनिया में सबसे ज्यादा रोल्स रॉयस कारें हांग कांग शहर में हैं। इसे सिटी ऑफ रोल्स रॉयस भी कहा जाता है।

क्या आप जानते है कि, फौक्सवेगन अपनी ज्यादातर कारों का नाम हवाओं के नाम से रखते हैं, मसलन पसात- जर्मन भाषा में पसात को हवा कहा जाता है। इसके अलावा गोल्फ- गल्फ इलाके की गर्म हवा, पोलो- पोलर हवा आदि।

दुनिया की सबसे बड़ी वाहन निर्माता कंपनी टोयोटा प्रतिदिन 13,000 कारों का उत्पादन करती है।

ब्रिटेन में ज्यादातर ट्रैफिक पुलिस कर्मचारी अपने साथ टेडी बियर रखते हैं ताकी चेकिंग के दौरान वो बच्चों को आसानी से मना सकें।

ऐसा माना जाता है कि लगभग 90 प्रतिशत लोग ड्राइविंग के दौरान गाना गाते हैं। एक बार आप भी सोचें शायद आपको सही लगे।

फ्रांस में सभी लोगों को कार में अपने साथ एक ब्रेथलाइजर किट रखना जरूरी होता है।

यदि आप 60 मील प्रतिघंटा की रफ्तार से बिलकुल सीधे ड्राइव करें तो आपको पृथ्वी से चंद्रमा तक की दूरी तय करने में लगभग 6 माह का समय लगेगा।

दुनिया को आई फोन से परिचित कराने वाले स्टीव जॉब्स की कार पर कभी भी नंबर प्लेट नहीं लगा था।

दुनिया में लगभग 80 प्रतिशत फार्मूला 1 टीमें, अपनी कार के एक्जॉस्ट में ऐसी पाईप कोटिंग का प्रयोग करती हैं। जिसका निर्माण न्यूक्लीयर रिएक्टर के लिये किया गया था।

यदि फार्मूला 1 कार को 120 मील प्रतिघंटा की रफ्तार से दौड़ाया जाये तो ये आसानी से किसी भी छत के सरफेस पर उल्टा भी दौड़ सकती हैं। इन कारों के नीचे स्पीड के दौरान अत्यधिक फोर्स उत्पन्न हो जाता है।

दुनिया में प्रतिवर्ष 60 मीलियन कारों का उत्पादन होता है, यानी की 165,000 कार रोजाना।

इटली की सबसे लोकप्रिय कार निर्माता कंपनी फिएट की सब ब्रांड फेरारी प्रतिदिन महज 14 कारों का ही निमार्ण करती है।

यह पुथ्वी से सूर्य तक की दूरी किसी कार से की जाये तो इस दूरी को तय करने में औसतन 150 वर्ष लग जायेंगे।

दुनिया की पहनी कार रेडियो का अविष्कार सन 1929 में पॉल गेविन ने किया था। उसी समय इस रेडियो को सबसे पहले किसी कार में प्रयोग किया गया था।


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