ट्रैफिक नियम तोड़ने पर देना होगा अधिक इंश्योरेंस प्रीमियम, जल्द ही होगी शुरू
सरकार नए मोटर व्हीकल एक्ट 2019 के तहत ट्रैफिक नियमों को सख्ती से लागू कर रही है। एक नए नियम के अनुसार अगर आप ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करेंगे तो इसके पॉइंट्स आपके खाते में जुड़ते जाएंगे, जो तय करेंगे की आपके कार या बाइक का इंश्योरेंस प्रीमियम कितना महंगा होगा।

आपको बता दें कि देश भर में नए मोटर व्हीकल एक्ट लागू होने के बाद ट्रैफिक सम्बन्धी नियमों के उल्लंघन पर सरकार ने जुर्माने को कई गुना बढ़ा दिया है।

इस कदम को और मजबूत करते हुए सरकार ने इंश्योरेंस रेग्युलेटर भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण (इरडा) को एक 9 सदस्यीय वर्कफोर्स गठित करने का निर्देश दिया है।

इरडा द्वारा गठित इस वर्कफोर्स में दिल्ली ट्रैफिक पुलिस, इरडा, इंश्योरेंस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो ऑफ इंडिया और प्राइवेट सेक्टर की विभिन्न कंपनियों के अधिकारी शामिल होंगे।

यह टीम दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में एक पायलट प्रोजेक्ट के तहत इस फॉर्मूले को लागू करेगी जिन्हे दो महीने के भीतर बताना होगा कि इंश्योरेंस प्रीमियम को यातायात नियमों के उल्लंघन से जोड़ने का क्या तरीका हो सकता है। फिलहाल व्हीकल इंश्योरेंस इस बात पर निर्भर करता है कि गाड़ी किस टाइप की है और इंजन क्षमता कितनी है।

इरडा की नौ सदस्यीय वर्कफोर्स व्हीकल इंश्योरेंस प्रीमियम को ट्रैफिक उल्लंघन के साथ जोड़ने के तौर-तरीके ढूंढेगी और इसके बारे में सरकार को रिपोर्ट सौंपेगी। अगर पायलट प्रोजेक्ट सफल हुआ तो सरकार इसे नए ट्रैफिक नियम के तहत देश भर में लागू करने की कवायद शुरू कर सकती है।

हाल में ही लागू किये गए संषोधित मोटर व्हीकल एक्ट 2019 के तहत नियमों के उल्लंघन पर जुर्माना कई गुना बढ़ा दिया गया है। अब इंश्योरेंस पॉलिसी प्रीमियम के बढ़ने से यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों पर दोहरी मार पड़ेगी।

सरकार के इस कदम से एक तरफ जहां ट्रैफिक नियम उलंघन और सड़क दुर्घटनाओं को रोकने में मदद मिलेगी वहीं दूसरी तरफ इंश्योरेंस कंपनियों को भी इससे फायदा पहुंचेगा क्योंकि तब उनके पास कम क्लेम आएंगे। साथ ही नियम के उल्लंघन पर इंश्योरेंस कंपनियां चालक से ज्यादा प्रीमियम की मांग कर सकेंगी।

यह समिति एक ऐसे इंटरलिंक्ड सिस्टम का निर्माण करेगी जिसमे ट्रैफिक नियम उलंघन से जुड़े सारे रिकॉर्ड सरकार के सर्वर में दर्ज हो जाएंगे। यह रिकॉर्ड इंश्योरेंस कंपनियों को उपलब्ध कराये जाएंगे, जिससे कंपनियां नियम अनुसार ट्रैफिक नियम उलंघन पर प्रीमियम की दर तय कर पाएंगी।

ड्राइवस्पार्क के विचार
कई यूरोपीय और अमेरिकी देशों के ट्रैफिक नियम में व्हीकल इंश्योरेंस प्रीमियम को यातायात उल्लंघन से जोड़ने की प्रणाली वर्षों से कारगर है। भारत सरकार भी लंबे समय से ऐसा करने का मन बना रही थी। हालांकि, अब तक इस क्षेत्र में कुछ भी ठोस नहीं हुआ है। इस पहल का लागू होना दिल्ली के पायलट प्रोजेक्ट की सफलता पर निर्भर करता है।


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