First Pod Taxi: उत्तर प्रदेश में दौड़ेगी भारत की पहली पॉड टैक्सी, होगी दुनिया की सबसे लंबी
भारत की पहली पॉड टैक्सी उत्तर प्रदेश में शुरू होने वाली है और इसके लिए रिपोर्ट तैयार कर ली गयी है। इस प्रोजेक्ट का टेंडर जल्द ही शुरू होने वाला है। यह एक पर्सनलाइज्ड रैपिड ट्रांसपोर्ट सर्विस होगी, जो कि दुनिया की सबसे लंबी पॉड टैक्सी हो सकती है।
यह सर्विस नई बनने वाली जेवर एयरपोर्ट से फिल्म सिटी, सेक्टर 21 को जोड़ने वाली है, यह पॉड टैक्सी 14.6 किमी लंबी होने वाली है। यह रिपोर्ट इंडियन पोर्ट रेल व रोपवे कॉर्पोरेशन लिमिटेड ने तैयार की है जिसे यमुना एक्सप्रेसवे अथारिटी ने हायर किया है।

इस रिपोर्ट के अनुसार अब तक दुनिया में 5 पॉड टैक्सी प्रोजेक्ट ने सिर्फ एक सेफ्टी एक्सीडेंट के साथ 1 बिलियन यात्रियों को प्रति किमी ट्रांसपोर्ट किया है। वर्तमान में 13.2 किमी के साथ सबसे पुरानी व लंबी, मॉर्गनटाउन, यूएसए में है जिसे 1975 में शुरू किया गया था।
अब तक इस पॉड टैक्सी सर्विस के माध्यम से 400 मिलियन यात्री प्रति किमी ट्रांसपोर्ट किये जा चुके हैं। दूसरी सबसे लंबी पीआरटी सिस्टम तियांफु एयरपोर्ट, चीन में है जिसकी शुरुआत 2022 में की गयी थी। इस तरह से दुनिया के कई हिस्सों में यह सिस्टम चल रहा है।
सामने आये रिपोर्ट के अनुसार यह प्रोजेक्ट 14.6 किमी लंबी होने वाली है और इसमें 12 स्टेशन प्रस्तावित है, जिसमें हेंडीक्राफ्ट पार्क, एमएसएमई पार्क व एपरेल पार्क पर स्टेशन दिए जायेंगे। यह कॉरिडोर 3 से 5 मीटर चौड़ी होने वाली है।
इस प्रोजेक्ट के तहत कुल 690 पॉड टैक्सी कई फेज में लाये जायेंगे, जिसमें पहले फेज में 101 पॉड टैक्सी लाये जायेंगे। यह पॉड 40 किमी/घंटा की स्पीड से चलेंगे तथा पूरी यात्रा सिर्फ 20 मिनट में पूरी हो जायेगी। हर पॉड में 6 लोगों के बैठने की जगह होगी।
पॉड टैक्सी एलिवेटेड रेल्स के नेटवर्क पर चलती है जिसे डेडीकेटेड गाइडवेज कहा जाता है, जो पॉड को उनके गंतव्य का रास्ता दिखाती है। वर्तमान में दुबई, सिंगापुर, लंदन एयरपोर्ट पर पॉड टैक्सी सिस्टम संचालित है और बेहद सफल रही है।
पॉड टैक्सी जिसे पर्सनल रैपिड ट्रांसपोर्ट कहा जाता है, वह एक पब्लिक ट्रांसपोर्टेशन सिस्टम है जो लोगों की डिमांड पर छोटे व ऑटोमेटेड कार उपलब्ध कराते हैं। यह इलेक्ट्रिक व ड्राईवरलेस कार होते है और एक छोटा ग्रुप ही इसमें सफर कर सकता है।
मई में अधिकारीयों के सामने 18 फंक्शनल व प्रपोज्ड पीआरटी प्रोजेक्ट्स प्रस्तुत किये गये थे और यह अधिकारी इस प्रोजेक्ट की फाइनल रिपोर्ट जल्द ही उत्तर प्रदेश सरकार के पास सबमिट करने वाले हैं। इस 800 करोड़ के प्रोजेक्ट का टेंडर जून में शुरू हो सकता है।


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